Betul Nagar Palika : नपा के कचरा वाहनों को लगाने पड़ रहे धक्के, कई वाहन कंडम होने की कगार पर
Betul Nagar Palika: Municipal Corporation's garbage vehicles are facing setbacks, many vehicles are on the verge of collapse.

अनदेखी से नए ठेकेदारों को उठाना पड़ेगा परेशानियां
Betul Nagar Palika : बैतूल। महज कुछ सालों पहले ही शहर जे 33 वार्डों से डोर टू डोर कचरा बटोरने के लिए खरीदे गए 33 कचरा वाहनों की हालत खराब है। करोड़ों की लागत से खरीदे गए वाहनों में से कई वाहनों की यह स्थिति हो चुकी है कि उन्हें धक्का लगाकर शुरू करना पड़ रहा है। यह हालात उस समय है जब नपा सफाई का नया ठेका देने की तैयारी कर रही है। ऐसे में जो भी नया ठेकेदार आएगा उसे सबसे पहले कंडम वाहनों की समस्या से ही जूझना पड़ेगा। हालात यह है कि कोतवाली थाने के सामने सुबह सबसे पहले वाहनों को धक्का लगाकर स्टार्ट करना पड़ता है बाद में वाहन वार्डों में पहुंचते हैं। यदि शहर की साफ सफाई करवाने वाले नपा के अधिकारी इस पर ध्यान देते तो वाहनों का उचित रख रखाव भी हो जाता और यह स्थिति भी निर्मित नहीं होती।
कई वाहनों से हो चुकी बैटरी गायब,शिकायत भी ठंडे बस्ते में
नगरपालिका परिषद द्वारा कचरा वाहनों को खड़े करने के लिए कोतवाली थाने के सामने यार्ड बनाया गया है। रोजाना सुबह सुबह यही से इन वाहनों को वार्डों में डोर टू डोर कचरा इक्का करने के लिए रवाना किया जाता है। कुछ वाहनों की हालत तो ठीक ठाक है, लेकिन अधिकांश वाहन ऐसे हैं, जिन्हें शुरू करने के लिए पहले धक्का लगाना पड़ता है। बताया जा रहा है कि पूर्व में यार्ड में रात्रि के समय चौकीदार ना होने की स्तिथि में कई वाहनों की बैटरियां चोरी हो चुकी हैं। सूत्र बताते हैं कि बैटरी चोरी होने के बाद ठेकेदार द्वारा इन वाहनों में ना दूसरी बैटरियां लगाई गई और ना ही इस चोरी की एफआईआर थाने के कराई गई है। ठेकेदार ने सरकारी चोरी के इस मामले को हवा में उड़ा दिया।हालात यह हैं कि अगर अभी भी इन वाहनों के मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय मे यह वाहन कोई काम के नहीं रह जाएंगे और सफाई व्यवस्था पर इसका विपरीत असर भी देखने को मिलेगा।
कबाड़खाने की शोभा बढ़ाते नजर आएंगे कचरा वाहन
शहर के 33 वार्डों में रहने वाले करीब 27 हजार परिवारों के घरों से निकलने वाले कचरे को एकत्रित करने के लिए कुछ सालों पहले लाखों रुपए खर्च कर 33 नए कचरा वाहन खरीदे गए थे। इन वाहनों के रख रखाव की जिम्मेदारी भी उसी ठेकेदार को ही करनी थी जिसे सफाई का ठेका दिया गया है। अब ठेकेदार वाहनों का रख-रखाव ठीक से कर रहा है या नहीं यह देखने की जिम्मेदारी नगरपालिका के अधिकारियों को निभानी चाहिए थी, क्योंकि कचरा वाहन ठेकेदार की नहीं बल्कि नपा की संपत्ति है, लेकिन अधिकारियों ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। नपा अधिकारियों की इसी अनदेखी का परिणाम है कि आधे से ज्यादा कचरा वाहन कंडम होने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
नए ठेकेदार को मिलेगी कंडम वाहनों की खेप
हाल ही में शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाली कम्पनी ओम साईं विजन का ठेका खत्म हो चुका है। नपा ने नए सिरे से ठेका देने के लिए बाकायदा टेंडर ओपन कर दिए हैं। अगर किसी नए ठेकेदार को सफाई का ठेका मिलता है तो उस ठेकेदार के सामने कंडम हो रहे वाहन बड़ी मुसीबत बन कर सामने आएंगे। सूत्र बताते हैं कि वाहनों में आई खराबी से ठेकेदार सहित अधिकारियों को समय-समय पर अवगत करवाया गया लेकिन मरम्मत के नाम पर सिर्फ लीपा पोती ही की जाती रही है । यही कारण है कि कई वाहन अब कंडम होकर खड़े किए जाने की स्थिति में आ चुके हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था जहां बुरी तरह चरमरा जाने की स्थिति निर्मित होगी तो वहीं नपा को नए वाहन खरीदने पड़ेंगे। इसमें एक बार फिर लाखों रुपए का खर्च नपा को ही वहन करना पड़ेगा।
इनका कहना…..
वाहनों के सुधार कार्य के लिए ठेकेदार को तीन चार नोटिस दिए जा चुके हैं। अंतिम नोटिस जारी किया जा रहा है यदि कचरा वाहनों का सुधार नहीं किया जाता है तो नपा ठेकेदार को किए जाने वाले भुगतान से इसकी भरपाई कर वाहनों का सुधार कार्य करवाएगी।
संतोष दनेलिया स्वास्थ्य निरीक्षक नपा बैतूल
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