Betul News: Video: स्कूली बच्चों ने जर्जर व्यवस्था को दिखाया आईना
Betul News: School children showed the mirror to the dilapidated system

कीचड़भरे रास्ते से परेशान बच्चों ने किया प्रदर्शन, सडक़ जाम कर जताया आक्रोश
Betul News: बैतूल। जिले के मंडई खुर्द गांव में शुक्रवार सुबह एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब स्कूली बच्चों ने कीचड़ से सनी जर्जर सडक़ के विरोध में खुद मोर्चा संभालते हुए प्रदर्शन किया और सडक़ को जाम कर दिया। स्कूल यूनिफॉर्म में कंधों पर बस्ता लटकाए छात्र-छात्राएं सडक़ पर उतर आए और ग्राम पंचायत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बच्चों का कहना था कि स्कूल तक पहुंचने का रास्ता बदहाल है। फिसलन भरे कीचड़ में सना रास्ता रोजाना उनके लिए परेशानी का सबब बन गया है। इससे न केवल पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों और बच्चों का आरोप है कि प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिले, कार्रवाई नहीं हुई।

पांच साल से लंबित है सडक़ निर्माण की मांग
स्कूली बच्चों को हो रही कठिनाइयों से अभिभावकों में भी गहरा आक्रोश है। ग्रामीण कैलाश गाडगे, सोनू संघारे, हुकुम गाडगे और बबलू छेरकी ने बताया कि बीते पांच वर्षों से सडक़ निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
मंडई खुर्द स्थित हाई स्कूल में बलढाना, खापा सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों छात्र अध्ययनरत हैं। करीब एक किलोमीटर लंबा यह मार्ग बारिश के दौरान दलदल में तब्दील हो जाता है। बच्चे न साइकिल से आ पा रहे हैं और न ही सुरक्षित रूप से पैदल चल पा रहे हैं। कीचड़ में बस्ते, किताबें और यूनिफॉर्म गंदे हो जाते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में संचालित एक क्रशर प्लांट से रोजाना गुजरने वाले भारी डंपर वाहनों के कारण सडक़ पर गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
नारेबाजी के बीच पहुंचे सरपंच-सचिव, मिला लिखित आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने हमारा हक दो, पढ़ाई का रास्ता दो जैसे नारे लगाकर प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। आंदोलन की सूचना मिलते ही ग्राम पंचायत के सरपंच शंकर आहके और सचिव हसमुख रावत मौके पर पहुंचे। काफी समझाइश और मान-मनौव्वल के बाद अधिकारी बच्चों को प्रदर्शन समाप्त करने के लिए मना सके। इस दौरान सरपंच और सचिव ने शीघ्र सडक़ निर्माण का लिखित आश्वासन भी दिया, तब जाकर छात्र शांत हुए और वापस कक्षा में लौटे।




