Satpuda Power Plant New Unit – बाबा मठारदेव का आशीर्वाद लेकर पावर प्लांट का स्वरूप देखने पहुंची टीम
राख बांध, रिटर्न केनाल और फेब्रिकेशन यार्ड का निरीक्षण के बाद 660 मेगावाट यूनिट की जगह देखी, काम में आएगी तेजी

Satpuda Power Plant New Unit – सारनी। मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने सतपुड़ा थर्मल पॉवर प्लांट सारनी में स्थापित होने वाली 660 मेगावाट यूनिट की कवायद तेज कर दी है। इसी को लेकर पॉवर जनरेटिंग कंपनी का एक डेलीगेट दो दिवसीय दौरे पर सारनी पहुंचा। जिसमें डायरेकटर कमर्शियल, सीई सिविल भी शामिल है। पॉवर जनरेटिंग कंपनी मुखयालय जबलपुर से सारनी पहुंची अधिकारियेां की टीम ने पहले बाबा मठारदेव के दर्शन किए। फिर नए पॉवर प्लांट का स्वरूप कैसा रहेगा देखा। इसके बाद राख बांध, रिटर्न केनाल और फेब्रिकेशन यार्ड समेत जरूरी इक्यूपमेंट स्थापित होने वाले स्थल का निरीक्षण किया।
गौरतलब है कि 8300 करोड़ की लागत से सारनी में 660 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल इकाई स्थापित होनी है। इसको लेकर सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शासन स्तर पर कार्रवाई चल रही है। सबकुछ ठीक रहा तो जुलाई माह से नवीन इकाई स्थापित की प्रक्रिया जोरशोर से प्रारंभ हो जाएगी। इसको लेकर मप्र पॉवर जनेरटिंग कंपनी का आलाअफसर पॉवर प्लांट सारनी पहुंचकर जरूरी कार्रवाई पूरी कर रहे हैं।
नई इकाई पर अब तक किए जा चुके हैं 43.85 करोड़ व्यय
62.5-62.5 मेगावाट की 5 इकाइयों के स्थान पर नवीन 660 मेगावाट की इकाई स्थापित होना है। इस कार्य पर अब तक मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा 43.85 करोड़ रुपए व्यय किए जा चुके हैं। जबकि शासन से अब तक 108.53 करोड़ रुपए अंशपूजी आवंटित हुई है। परियोजना में मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा स्वयं के स्त्रोतों से करीब 415 करोड़ रुपए व्यय किए जाने हैं। जबकि राज्य शासन करीब 15 प्रतिशत लगभग 1245 करोड़ रुपए अंशपूजी के रूप में लगाएगी। वहीं परियोजना स्थापित करने पर 6640 करोड़ रुपए ऋण प्राप्त होना है। इस प्रकार 660 मेगावाट की परियोजना पर लगभग 8300 करोड़ रुपए व्यय होने हैं।
मिल चुकी है यह स्वीकृति
660 मेगावाट की बिजली इकाई स्थापित करने मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड व सतपुड़ा थर्मल पॉवर प्लांट को पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार ने 21 नवंबर 2023 को पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान की है। जबकि जल उपलब्धता के लिए जल संसाधन विभाग मप्र शासन द्वारा 7 मार्च 2020 को जल आवंटन प्रदान किया है। इसके बाद 5 जनवरी 2024 को जल आपूर्ति अनुबंध निष्पादित किया गया है। जबकि कोल इंडिया लिमिटेड ने परियोजना की कोल आपूर्ति के लिए एनसीएल और एसईसीएल से कोल लिंकेट आवंटित किया है।
इनका कहना….
परियोजना को गति देने और पॉवर प्लांट का स्वरूप कैसा रहेगा, देखने मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी मुख्यालय जबलपुर से अधिकारियों का दल सारनी पहुंचा था। नगर देवता बाबा मठारदेव के दर्शन उपरांत राख बांध, रिटर्न केनाल और फेब्रिकेशन यार्ड देखें हैं। गवर्नमेंट से क्लीयरेंस मिलते ही नई इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
वीके कैथवार, चीफ इंजीनियर, सतपुड़ा थर्मल पॉवर प्लांट, सारनी।




