Betul News: समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी: किसानों का खून चूसने बिचौलिये सक्रिय
Betul News: Purchase of moong at support price: Middlemen active sucking the blood of farmers

सिंडिकेट बनाकर हो रहा फर्जीवाड़ा
Betul News: बैतूल। किसानों को राहत देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी की घोषणा क्या हुई, बिचौलियों का गठजोड़ (सिंडिकेट) भी सक्रिय हो गया है। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार, कुछ व्यापारी और प्रभावशाली लोग अब किसानों की आड़ में खुले बाजार या पहले से स्टॉक की गई मूंग को समर्थन मूल्य पर बेचने की तैयारी में जुट गए हैं। इसके लिए बाकायदा एक संगठित सिंडिकेट बनाया जा रहा है, जिसमें वे लोग शामिल हैं जो अपने पद या प्रभाव का इस्तेमाल कर इस सरकारी योजना का अनुचित लाभ उठाना चाहते हैं।
सरकार की मंशा पर भारी पड़ रहा दलाल तंत्र
सरकार ने इस वर्ष मूंग का समर्थन मूल्य ?8,768 प्रति क्विंटल तय किया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। जिले में लगभग 20 हजार हेक्टेयर में मूंग की खेती की गई है, और सरकार ने 19 जून से 5 जुलाई तक पंजीयन की अवधि तय की है। लेकिन अब यही योजना बिचौलियों की नजर में आ गई है, जो किसानों की भूमि, रकबा और उत्पादन से संबंधित जानकारी में हेरफेर कर झूठे दस्तावेजों के आधार पर फर्जी उपज को भी समर्थन मूल्य पर खपाने की योजना बना रहे हैं।
36 खरीदी केंद्र, लेकिन पहले ही तैयार है फर्जीवाड़े का जाल
प्रशासन ने जिले भर में किसानों की सुविधा के लिए 36 खरीदी केंद्र बनाए हैं। लेकिन पंजीयन और खरीदी की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पूरे नेटवर्क का खाका तैयार कर लिया गया है। किसानों तक पहुंचने से पहले ही सिंडिकेट सक्रिय होकर अपना खेल खेलने को तैयार बैठा है। इसका सीधा नुकसान न केवल असली किसानों को होगा, बल्कि सरकारी खजाने को भी करोड़ों रुपए का नुकसान हो सकता है।
किसानों से अपील: सावधान रहें, स्वयं पंजीयन कराएं
प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी बिचौलिए या दलाल के झांसे में न आएं। अपनी उपज केवल सरकारी व्यवस्था के अंतर्गत बने पंजीयन केंद्रों और खरीदी केंद्रों के माध्यम से ही बेचें। पंजीयन, भूमि रिकॉर्ड और फसल विवरण में कोई भी झूठी जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।




