Nal-Jal Yojana: 16 नलजल योजनाएं ठप: ईई का दावा एक भी गांव में जलसंकट नहीं

Nal-Jal Yojana: 16 Nal Jal Yojanas stalled: EE claims there is no water crisis in any village

जनसुनवाई में जलसंकट की शिकायत लेकर पहुंच रहे ग्रामीण

Nal-Jal Yojana: बैतूल। जिले के कई गांवों में लोगों को जलसंकट से जूझना पड़ रहा है। नलजल योजनाओं से लेकर हैंडपंपों ने भी अब दम तोड़ दिया है। हालात तो इतने बिगड़ गए हैं कि भीमपुर, भैंसदेही, आठनेर ब्लॉक के दुरुस्थ अंचलों में ग्रामीणों को दूरदराज पानी लाना पड़ रहा है। जलसंकट की तस्वीरे तक सामने आने के बावजूद पीएचई विभाग के ईई सफेद झूठ बोल रहे हैं। उनका दावा है कि जिले के किसी भी गांव में जलसंकट नहीं है। गांव-गांव में ग्रामीणों को पर्याप्त पानी मिल रहा है।

ईई के इस दावे में कितनी सच्चाई है, इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हर मंगलवार को जनसुनवाई में ग्रामीण पानी की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। जानकारी के अनुसार इस भीषण गर्मी के दिनों में वाटर लेवल के लगातार गिरने के कारण करीब 16 नलजल योजनाएं बंद हो गई है। नलजल योजनाओं के बंद होने के कारण गांव में भीषण जलसंकट का सामना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है। ग्रामीण खेतों से पानी गांव में लाकर पीने को मजबूर है।

जलसंकट से निपटने के लिए पीएचई विभाग ने पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं। नतीजा यह है कि लोग पानी के लिए तरस रहे हैंं। कई ग्रामीण अंचलों में लोग पीने के पानी के लिए हैंडपंप पर आश्रित है, लेकिन गिरते जलस्तर से हैंडपंप भी हवा फेंकने लगे हैं। हैंडपंप से पानी नहीं आने से लोग परेशान है। पंचायतों से लेकर कलेक्टर तक पानी की समस्या पहुंच रही है, लेकिन पीएचई विभाग को हर गांव में भरपूर पानी दिखाई दे रहा है।

जल जीवन मिशन पर बेहतर काम नहीं

घर-घर पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन की शुरुआत हुई, लेकिन जिले में इस पर भी अच्छे से काम नहीं हो पा रहा है। कई गांव अभी भी ऐसे हैं, जहां अब तक जल जीवन मिशन के तहत पानी नहीं पहुंच पाया है। गांव तक पाइप लाईन बिछाने का काम अधूरा पड़ा है। इस पर कई बार कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान नाराजगी जताई है। इसके बावजूद पीएचई विभाग के अधिकारी जलसंकट और काम को लेकर गंभीर नहीं है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रतिवर्ष लोगों को गर्मी से जूझना पड़ता है।

इनका कहना….

जिले में कहीं पर भी किसी भी गांव में जलसंकट की स्थिति नहीं है। ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो रहा है।

मनोज बघेल, ईई, पीएचई विभाग बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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