बिग ब्रेकिंग: माचना नदी का जल स्तर गिरा, शहर में कल से दो दिन के अंतराल से होगी पेयजल सप्लाई
नपा अध्यक्ष, सीएमओ ने किया प्लांट का निरीक्षण

Betul Jal Sankat: बैतूल। माचना नदी का जलस्तर गिरने के कारण नगरपालिका ने कल से दो दिन के अंतराल से पेयजल सप्लाई करने का निर्णय लिया है। नपा के इस निर्णय से शहर के 33 वार्डों में रहने वाले सवा लाख लोग प्रभावित होंगे। वर्तमान में नगरपालिका एक दिन के अंतराल से वार्डों में पेयजल की सप्लाई कर रही हैं, लेकिन इसमें भी कई वार्डों में समय पर पेयजल सप्लाई नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कल से दो दिन के अंतराल में जब पेयजल सप्लाई शुरू होगी तो लोगों की परेशानियां बढ़ सकती है।
नपा के मुताबिक अभी तक पेयजल सप्लाई के लिए ताप्ती बैराज और माचना डैम से आधा-आधा पानी लिया जा रहा था। जिससे सप्लाई एक दिन के अंतराल से बनी हुई थी, लेकिन माचना डैम में पानी का लेवल नीचे चले जाने से बहुत कम पानी रह गया है। चूंकि नदी पूरी तरह से सूख नहीं जाए, इसलिए नगरपालिका द्वारा शहर में होने वाली पेयजल सप्लाई को दो दिन के अंतराल से कर दिया गया है।

Betul Jal Sankat: ताप्ती बैराज पर बढ़ेगा लोड
माचना डैम में जलस्तर कम होने से ताप्ती बैराज पर रॉ वॉटर सप्लाई का लोड बढ़ जाएगा। बताया गया कि अभी तक नपा माचना डैम और ताप्ती बैराज से पानी लेती हैं इसलिए दिक्कत नहीं थी,लेकिन जैसे ही ताप्ती बैराज पर पानी सप्लाई का लोड पड़ेगा तो परेशानी हो सकती है, क्योंकि ताप्ती बैराज के इंटक वैल में वर्तमान में दो मोटरें लगी हैं इन्हीं से रॉ वॉटर की सप्लाई बैतूल में की जाती हैं।
मोटरों को नियमित अंतराल में चलाया जाता है। माचना डैम से सप्लाई बंद होने पर ताप्ती से 24 घंटे मोटरों का संचालन होगा। बताया गया कि एक मोटर भोपाल बनने गई है। ऐसे में दो मोटरों पर लोड बैठता है तो वहां से भी सप्लाई ठप होने का अंदेशा है। इसलिए नपा कोई रिस्क लिए बगैर दो दिन के अंतराल से पानी की सप्लाई करने का निर्णय लिया गया है।
Betul Jal Sankat: नपाध्यक्ष और सीएमओ ने किया प्लांट का निरीक्षण
शहर में जलसंकट के हालत निर्मित न हो इसे देखते हुए नगरपालिका अध्यक्ष पार्वती बाई बारस्कर और सीएमओ सतीश मटसेनिया ने सोमवार को फिल्टर प्लांट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्लांट का संचालन और मशीनों के रखरखाव की जानकारी ली। साथ ही माचना डैम का निरीक्षण कर डैम और नदी में पानी के स्तर को देखा। जिसके बाद फिल्टर प्लांट से दो दिन के अंतराल से पेयजल सप्लाई करने का निर्णय लिया गया है।




