Politics: राजनीतिक हलचल: सत्ता के नशे में किस माननीय पुत्रों ने सर्किट- रेस्ट हाउस का मचाया कबाड़ा?? सूरा वाले विभाग से क्यों नाराज हुए माननीय, फिर क्या खेला पैंतरा??? समाजसेवी की इस शिकायत से क्यों मची हलचल???? विस्तार से पढ़िए हमारे कॉलम राजनीतिक हलचल में.…..

Politics: Political stir: Drunk with power, which honourable son ruined the circuit-rest house??

माननीय पुत्र का पान का शौक कर रहा बर्बादी

एक माननीय के बिगड़ेल पुत्र के पान के शौक इन दिनों जिले के कुछ सर्किट और रेस्ट हाउस की बर्बादी का कारण बनते जा रहे हैं। चर्चा है कि खुद के साथ दोस्तों के शौक के लिए माननीय पुत्र जिले में ताबड़तोड़ दौरा कर धौंस जमाने का प्रयास करते हैं। इसके लिए सर्किट हाउस और रेस्ट हाउस में कमरा बुक कराते हैं। अधिकारी भी माननीय पुत्र होने के कारण तवज्जों देते हैं, लेकिन जब यह कमरा खाली कर वापस लौटते हैं तो सर्किट हाउस- रेस्ट हाउस की दुर्दशा देखने लायक होती है। पान और गुटके की पीक से पूरी शासकीय संपत्ति की गंदगी देखने लायक होती है। कर्मचारी माननीय पुत्र को मना करते हैं तो वे धौंस देने से बाज नहीं आ रहे हैें। रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस के कर्मचारी माननीय पुत्र के मुंह से निकलने वाली चित्रकारी से खासे परेशान है। जिस कमरे में इनकी महफिल जमती है वह कमरा हर बार साफ करना कर्मचारियों की मजबूरी बन जा रही है। अब माननीय पुत्र की इस हरकत की फोटो खींचकर संगठन को जानकारी देने की तैयारियां की जा रही हैं।

इनके गुस्से से उनका नुकसान

पिछले दिनों जिले के शीर्ष अफसरों ने सुरा पान वाले विभाग को तगड़ी ताकीद दी है कि नियम से काम कर दाम तय कराए। हालांकि अचानक ऐसा क्या हुआ कि अफसरों ने विभाग के अफसरों को बुलाकर दो टूक शब्दों में यह बात कही। चर्चा है कि जिले के एक माननीय ने बड़े साहब को शिकायत कर दी थी कि उसी के बाद आनन फानन में बैठक बुलाकर नियमों की पाठशाला लगाई गई। राजनीति में चर्चा यह भी चल रही है कि उक्त माननीय को ठेकेदार उपकृत नहीं कर रहे थे। जब देखा उन्होंने दाल नहीं गल रही तो उन्होंने तुरूप का इक्का फेंककर अपने पद का उपयोग करते हुए अधिकारियों को निर्देश दे दिए। अब देखना यह है कि जिस क्षेत्र से माननीय प्रतिनिधित्व करते हैं, वहां के ठेकेदारों ने सम्मान देते हैं या नहीं? बताते चले कि यह माननीय वरिष्ठ कहलाए जाते हैं।

चर्चा में एक समाजसेवी की शिकायत

जिले की एक प्रमुख नदी किनारे स्थित निकाय में इन दिनों सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। एक समाजसेवी ने मोर्चा खोलते हुए अध्यक्ष और पंचायत के प्रमुख के यहां कर्मचारियों को बंधुवा मजदूर बनाए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। निकाय में कर्मचारियों की कमी होने से कचरा खंती की निगरानी नहीं होने से पिछले दिनों आग का ठीकरा इन जनप्रतिनिधियों पर फोड़ दिया। उनक आरोप था कि किसके कहने पर यह कर्मचारी जनप्रतिनिधियों के यहां पर काम कर रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के बाद बंधुवा मजदूर बनने के गंभीर आरोप से संबंधित वार्ड की राजनीति काफी गरमाई है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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