Betul Samachar: गांव तक सड़क नहीं, रिश्ते से इंकार—कुंवारे रह गए दर्जन भर युवा
Betul News: No road to the village, relationship refused- a dozen youths remained unmarried

वन ग्राम पिपरिया के ग्रामीणों की दुख भरी दास्तान
Betul Samachar: बैतूल। बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी ने जिले के एक गांव में सामाजिक संकट खड़ा कर दिया है। भीमपुर विकासखंड के वन ग्राम पिपरिया में वर्षों से सड़क और पुल के अभाव में ग्रामीणों का जीवन मुश्किल में है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि गांव में अब कोई अपनी बेटी की शादी करना नहीं चाहता—और नतीजतन, गांव के दर्जनभर युवा अविवाहित बैठे हैं। ग्रामीणों ने एक उम्मीद के साथ फिर जिला मुख्यालय पहुंचकर सड़क और पुल बनाएं जाने की मांग की है।
ग्रामवासी बताते हैं कि पिपरिया, इटावा और तेलिया को जोड़ने वाला 6 किमी का रास्ता पूरी तरह कच्चा है, जिसमें भारी पत्थरों और नदी के कारण आवागमन कठिन हो जाता है। उनका कहना था कि बारिश के चार माह तो ग्रामीण गांव में कैद हो जाते हैं। गांव के बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा पाते हैं। बीमार होने पर अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण सुनील सूर्यवंशी और महिला सुब्रता बाई सहित अन्य निवासियों ने बताया कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की गई, लेकिन उन्हें आश्वासन ही दिया जा रहा है।
बेटियों को ब्याहने से ग्रामीणों की तौबा
समस्या का सबसे दुखद पहलू यह है कि सुविधाओं के अभाव में गांव के युवकों के लिए रिश्ता मिलना नामुमकिन हो गया है। दूसरे गांवों के लोग साफ कहते हैं, जहां सड़क नहीं, वहां बेटी नहीं देंगे। इस वजह से ग्रामीण ज्यादा परेशान हैं, जिनके बेटों की शादी नहीं हो पा रही है और वे कुंवारे बैठे हैं। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से अपील की है कि तीन गांवों को जोड़ने वाली 6 किमी सड़क और नदी पर एक पुल का निर्माण जल्द करवाया जाए। यह सिर्फ सड़क नहीं होगी, बल्कि इस गांव के सामाजिक सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की दिशा भी तय करेगी।




