मुख्य वन संरक्षक वासु कनोजिया ने नहीं बनाई सम्पत्ति!
संपत्ति के मामले में टॉप-10 आईएफएस में शामिल, बैतूल में पदस्थ रहे कई अफसर मालामाल

Forest Officers Property: बैतूल। राज्य शासन द्वारा अधिकारियों से अपनी संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने के फरमान के बाद सभी इसे पोर्टल पर भेज रहे हैं। इसके बाद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के कुछ अफसरों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा शासन के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है।
वन अधिकारियों में कुछ अधिकारी करोड़ों के मालिक हैं तो कुछ ने अपने ईमानदार होने का सबूत भी पेश किया है। ईमानदार अफसरों में वन वृत बैतूल कि मुख्य वन संरक्षक वासु कनोजिया भी शामिल हैं। जो एक जिम्मेदार पद पर पदस्थ हैं, लेकिन उनके नाम संपत्ति ही नहीं है। उन्होंने खुद इसकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट की है।
इसी तरह बैतूल दक्षिण वन मण्डल की कमान संभाल रहे डीएफओ विजयानंतम टीआर ने भी अपनी संपत्ति का ब्यौरा पेश किया है। उन्होंने करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए की संपत्ति का ब्यौरा दिया है। वे पैतृक संपत्तियों समेत साढ़े पांच करोड़ से अधिक के असामी है। आईएफएस अधिकारियों की सूची में उनका स्थान पांचवां बताया जा रहा है।
सीसीएफ के पास संपत्ति नहीं, डीएफओ करोड़पति
नियम के मुताबिक सरकारी विभागों के अफसरों को वर्ष में एक बार अपनी संपत्तियों की जानकारी शासन को देना होता है। वन विभाग से जुड़े अधिकांश अधिकारियों ने अपनी सम्पत्तियों का ब्यौरा शासन को भेज दिया है। वन वृत बैतूल में पदस्थ वासु कनोजिया की ईमानदार छवि और सख्त कार्यप्रणाली उन्हें प्रदेश के 10 पावरफुल अफसरों की सूची में शामिल करती है।
कनोजिया ने अपने नाम कोई सम्पत्ति नहीं होने की जानकारी शासन को भेजी है। इसके अलावा दक्षिण वन मंडल के डीएफओ विजयनंतम टीआर ने तमिलनाडु के नामक्कल में 5 करोड़ 60 लाख रुपए की संपत्ति होने की जानकारी दी है। इन सम्पत्तियों में वह संपत्ति भी शामिल है जो पैतृक है और उन्हें विरासत में मिली हुई है। तमिलनाडु में टीआर 4 मकान और दो कृषि भूमि के मालिक हैं। इसी वजह वे प्रदेश के टॉप-10 करोड़पति आईएएफएस की सूची में पांचवें स्थान पर है।
हालांकि वृत में पदस्थ अन्य अफसरों की सम्पत्तियों का ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। जानकारी के मुताबिक कई अफसरों ने अभी तक सम्पत्तियों का ब्यौरा शासन को प्रेषित नहीं किया है।
पूर्व में बैतूल में पदस्थ रहे वन अधिकारी भी करोड़ों रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। बैतूल में एक बार डीएफओ और दूसरी बार मुख्य वन संरक्षक बन कर आए विवादित छवि के मोहन मीणा जो वर्तमान में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक है। इनके पास 8 कृषि भूमि, 2 प्लाट और 3 मकान हैं, जिसकी कीमत 3 करोड़ 8 लाख रुपए बताई गई है।
इसी तरह अल्प समय के लिए पश्चिम वनमंडल में पदस्थ रहे डीएफओ मयंक चान्दीवाल एक ही प्लाट के मालिक हैं। इंदौर में स्थित इस एक ही प्लाट की कीमत 17 करोड़ रुपए बताई गई है। इसके अलावा पूर्व में उत्तर वन मंडल की तत्कालीन डीएफओ राखी नंदा के पास 1 करोड़ 25 लाख का फ्लैट मौजूद है।
इसी तरह दक्षिण में डीएफओ रहे प्रफुल्ल फुलझेले 1 फ्लेट कीमत 1 करोड़, पुनीत गोयल 1 फ्लैट कीमत 1 करोड़ 10 लाख, एच यू खान 1 मकान 3 प्लाट कीमत 2 करोड़ 20 लाख, पीडी गेब्रियल 2 मकान 2 कृषि भूमि , कीमत 2 करोड़ 30 लाख, बिंदु शर्मा, 1 फ्लेट , कीमत 3 करोड़, तथा अनुराग कुमार 2 मकान, 1 कृषि भूमि, कीमत 3 करोड़ 75 लाख के आसामी हैं।




