Betul Ki Khabar: पुस्तक मेला खानापूर्ति, महज 15 स्टाल में निभा रहे औपचारिकता
Betul Ki Khabar: Book fair is just a formality, formalities are being followed in just 15 stalls

पुस्तकों का टोटा बरकरार, कई निजी स्कूलों की पाठ्यपुस्तकें दूसरे दिन भी स्टॉल से नदारद
Betul Ki Khabar: बैतूल। जिला प्रशासन द्वारा स्कूली बच्चों को सस्ती पुस्तकें उपलब्ध कराए जाने के लिए लगाया गया पुस्तक मेला फेल साबित हुआ है। एक उम्मीद लेकर पुस्तकें खरीदने पालक और बच्चे मेले में तो पहुंच, लेकिन अधिकांश स्कूलों की पुस्तकें ही स्टाल से नदारद थी। लिहाजा सस्ती पुस्तकें खरीदने की पालकों की उम्मीदें धरी की धरी ही रह गई। तीन दिवसीय मेले के दूसरे दिन भी कई पालक मायूस होकर घर लौट गए। अब इन पालकों को अपने बच्चों के लिए महंगी पुस्तकें खरीदनी पड़ेगी। इधर अधीकारियों ने दावा किया है कि सभी स्कूलों की पुस्तके मेले में उपलब्ध कराई जा रही हैं।
दूसरे दिन भी न पुस्तकें उपलब्ध नहीं करवा पाया विभाग
दिखावे के पुस्तक मेले का आयोजन कर शिक्षा विभाग ने केवल खाना पूर्ति कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। मेले के पहले ही दिन कई निजी स्कूलों की पुस्तकें स्टालों पर उपलब्ध नहीं होने से पालकों को निराश होकर लौटना पड़ा था। मीडिया में हो हल्ला मचने के बाद अधिकारियों ने उपलब्धता की ग्यारंटी तो दी, लेकिन आज बुधवार भी अधिकारी न पुस्तकें उपलब्ध करवा पाए और न ही स्टालों की संख्या बढ़वा पाए।
मेले में पहुंचे दिवाकर देशमुख ने बताया कि सस्ती किताबे खरीदने के लिए प्रत्येक स्टाल पर चक्कर लगाए , लेकिन जिस निजी स्कूल में बच्चे पढ़ रहे हैं उन स्कूलों की किताबें स्टालों पर उपलब्ध ही नहीं थी। कीर्ति परमार का कहना था कि, कुछ नाममात्र स्कूलों की ही पुस्तकें स्टालों पर मिल रही थी, पुस्तकें छोड़ कर स्टालों पर कापियों, पेन बैग आदि ज्यादा नजर आ रहे थे। जब पुस्तकों के सम्बंध में जानकारी ली गई तो बताया गया कि कल पुस्तकें उपलब्ध हो जाएगी। आज दोबारा मेले में पहुंचे तो पहले दिन जैसी स्थिति ही देखने को मिली, अब दुकानों से महंगे दामों पर पुस्तकें खरीदना मजबूरी है।

15 के मुकाबले लगे मात्र 10 ही स्टॉल
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग द्वारा पुस्तक मेले में स्टाल लगाए जाने के लिए 15 स्टालों का पंजीयन किया गया था, लेकिन मौके पर मात्र 10 पुस्तक विक्रेताओं ने ही स्टॉल लगाए जाने में अपनी रुचि दिखाई। पालक रविन्द्र पहाड़े ने बताया कि स्टालों पर आरडी पब्लिक स्कूल, सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल, मानसरोवर, पोद्दार लर्न स्कूल, डॉन बास्को जैसे निजी स्कूलों की पुस्तकें ही उपलब्ध नहीं थी। लिहाजा जिन पालकों के बच्चे इन स्कूलों में पढ़ते हैं उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। अब अधिकारी पुस्तकें उपलब्ध कराए जाने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन कल गुरुवार ही पुस्तक मेले का समापन भी कर दिया जाएगा, और पालकों को महंगी कीमत पर ही पुस्तकें ही खरीदनी पड़ेगी।
इनका कहना…
मैं अभी जबलपुर में हूँ, पुस्तकें उपलब्ध कराए जाने के लिए योजना अधिकारी को निर्देशित किया गया है।
अनिल कुशवाह, जिला शिक्षा अधिकारी बैतूल
अभी हम मेले में ही हैं। कुछ स्कूलों की किताबें उपलब्ध करा दी गई हैं। प्रयास कर रहे हैं ज्यादा से ज्यादा स्कूलों की पुस्तकें उपलब्ध हो जाएं, एक स्टाल भी बढ़वाया गया है।
सुबोध शर्मा, योजना अधिकारी , शिक्षा विभाग बैतूल




