Betul Samachar: सांझवीर के एक्टिव होने पर बिचौलियों- हम्मालों की नहीं गल रही दाल

Betul News: After Sanjveer became active, middlemen and porters are not able to make a profit

तुलावट के लिए अभी भी गुपचुप ली जा रही रकम, व्यापारियों की चुप्पी पर सवाल

Betul Samachar: बैतूल। भले ही विधायक हेमंत खंडेलवाल और कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कृषि मंडी की व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए दो दिन पहले बैठक लेकर सख्त हिदायत दी है, इसका असर नहीं हो रहा है। इसके उलट सांझवीर टाईम्स किसानों के हित हर दिन मंडी पहुंचकर मंडी की व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है। फिलहाल मंडी में उपज की तुलावट के लिए खुलेआम राशि मांगने का सिलसिला थम सा गया है, लेकिन तथाकथित बिचौलिए और हम्माल किसानों को उपज तौलने के लिए शेड और गेट के बाहर ले जाकर राशि वसूल रहे हैं। सांझवीर की टीम को देखते हुए वसूली करने वाले भागते फिर रहे हैं। इसके बावजूद मंडी प्रबंधन दावा कर रहा है कि हम किसानों से लगातार अपील कर रहे हैं कि फसल की तुलावट के लिए कोई भी किसान राशि नहीं दे।

बैतूल की ए ग्रेड की कृषि मंडी इन दिनों तथाकथित व्यापारियों, बिचौलियो और हम्मालों की भर्राशाही के आगे अव्यवस्था का शिकार हो गई है। दूरदराज से आए किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उनसे उपज बेचने के लिए निर्धारित शुल्क चुकाने के बावजूद अतिरिक्त राशि मांगी जा रही है। जो किसान ढेर के हिसाब से उपज तुलाई के लिए राशि नहीं दे रहा है। उसकी उपज घंटों तक वहीं पड़ी रहती है। तीन दिन पहले कुछ जागरूक किसानों ने मंडी की इस लापरवाही को उजागर करते हुए सांझवीर टाईम्स को शिकायत की थी।

इसे किसान हित में गंभीरता से लेते हुए उसी दिन शाम को हमारी टीम मंडी पहुंची तो वास्तव में तुलाई के लिए रुपए न देने पर किसानों की उपज बाहर पड़ी हुई थी। जिन किसानों ने हम्मालों और बिचौलियों को रुपए दिए, उनकी फसल तौलने के बाद बोरे में भरी जा चुकी थी। मामले की शिकायत विधायक हेमंत खंडेलवाल और कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को की तो उन्होंने एसडीएम को भेजकर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए, लेकिन एसडीएम के पहुंचने के बाद जो स्थिति थी, वह चौकाने वाली थी। दरअसल किसान उनको शिकायत करते रहा और संबंधितों पर कार्रवाई की बात भी कही लेकिन उसकी बातों को नजर अंदाज करते हुए केवल हम्मालों और व्यापारियों को बोलकर उपज की तुलाई करवा दी गई। पूरा मामला यही संदेह के दायरेे में आ गया था। कार्रवाई करने के बजाए एसडीएम ने फसल तुलवा कर कर्तव्य की इतिश्री कर ली। यदि उसी समय किसान से पूछकर संबंधित व्यापारियों और हम्माल पर कार्रवाई कर ली जाती तो नई व्यवस्था बन जाती।

अब गुपचुप हो रहा है काम

इधर विधायक- कलेक्टर द्वारा बैठक लेने के बाद मंडी की व्यवस्थाओं में कुछ सुधार आ रहा है, लेकिन मर्जी के मालिक बिचौलिए और हम्माल आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी सांझवीर की टीम मंडी की व्यवस्था देखने पहुंची तो यहां टीम को देखकर अफरा तफरी जैसी स्थिति रही। टीम जैसे ही गेट के बाहर आई। चोरी छिपे तुलावट के लिए किसानों से अतिरिक्त राशि शेड के पीछे लेने का काम शुरू हो गया। कुछ किसानों को बिचौलिए गेट के बाहर ले जाकर राशि ले रहे थे। इस बात से साफ जाहिर है कि मंडी प्रबंधन इस लूट पर पूरी रोक नहीं लगा पाया है।

इनका कहना…

हम लगातार अनाउंस कर किसानों से उपज की तुलाई के लिए अतिरिक्त राशि न देने की अपील कर रहे हैं। इसके बावजूद भी यदि कोई राशि वसूल कर रहा है तो हम कैमरे और अन्य माध्यमों से निगरानी करने में लगे हैं।

केआर आहके, मंडी सचिव बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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