Betul Ki Khabar: इस महीने जिला अस्पताल की एक और डॉक्टर हो जाएगी सेवानिवृत्त

Betul Ki Khabar: This month another doctor of the district hospital will retire

अस्पताल की व्यवस्था संभालना बनी बड़ी चुनौती, नए स्टॉफ की आमद नहीं

Betul Ki Khabar: बैतूल। जिला अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारी कम होते जा रहे है। ऐसी स्थिति ममें अस्पताल की व्यवस्था संभालना बहुत मुश्किल हो गया है। नए डॉक्टरों की आमद नहीं हो रही। इस महीने में एक और महिला डॉक्टर सेवानिवृत्त हो जाएगी। 3 महीने के भीतर 3 डॉक्टरों के सेवानिवृत्त हो जाने से अस्पताल की व्यवस्था लड़खड़ा सकती है। जिले के जनप्रतिनिधियों ने नए डॉक्टर की आमद को लेकर ध्यान नहीं दिया तो जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा सुचारू रखना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिला अस्तपाल में पदस्थ महिला डॉ. आर गोहिया 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो जाएगी। महिला डॉक्टर के सेवानिवृत्त हो जाने से इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। महिला चिकित्सा इकाई में डॉक्टर की कमी खल सकती है। उल्लेखनीय है कि बीते 31 नवंबर को जिला अस्पताल के दो डॉक्टर अशोक बारंगा और डब्ल्यूए नागले सेवानिवृत्त हो गए। इनके स्थान पर अभी तक नए डॉक्टर की कोई आमद नहीं हो पाई।

इन दो डॉक्टरों के बाद अब महिला डॉक्टर सेवानिवृत्त होने वाली है। अस्पताल में डॉक्टर की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी होना आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग उपचार करवाने पहुंचते है। ऐसे में डॉक्टर नहीं रहे तो मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रूख करना मजबूरी हो जाएगा।

पत्राचार पर कोई एक्शन नहीं

अस्पताल प्रशासन द्वारा पिछले 2-3 वर्षों से लगातार स्वास्थ्य विभाग भोपाल को डॉक्टरों और अन्य स्टॉफ की कमी को लेकर पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन एक भी डॉक्टर की अभी तक आमद नहीं हो सकीं। डॉक्टर आने की जगह कम होते जा रहे है। नवंबर में दो डॉक्टरों के सेवानिवृत्त होने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भेजी है, लेकिन इनके स्थान पर एक भी पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर नहीं आए है। जैसे-तैसे अस्पताल की पैथोलॉजी का संचालन किया जा रहा है।

डॉक्टरों की कमी के कारण दिन-प्रतिदिन अस्पताल के हालात बिगड़ते जा रहे है। नए डॉक्टरों की आमद को लेकर जिले के जनप्रतिनिधि भी गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे। जनप्रतिनिधियों द्वारा गंभीरता से ध्यान दिया गया होता तो कोई ना कोई डॉक्टरों की आमद जरूर हो जाती।

नए अस्पताल के लिए भी स्टॉफ नहीं

करोड़ों की लागत से बने नए अस्पताल में महिला वार्ड को तो शिफ्ट कर दिया है, लेकिन स्टॉफ नहीं होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुराने अस्पताल के स्थान पर 150 बिस्तरीय अस्पताल भवन का निर्माण किया गया है। इस अस्पताल भवन में महिला चिकित्सा इकाई का संचालन किया जा रहा है।

वार्ड को तो नए भवन में शिफ्ट कर दिया, लेकिन स्टॉफ की कमी खल रही है। स्टॉफ नहीं होने के कारण अस्पताल प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्टॉफ की मांग को लेकर वे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखेंगे, ताकि महिला चिकित्सा इकाई का संचालन सुचारू रूप से हो सकें।

इनका कहना…

जिला अस्पताल में डॉक्टर कम होते जा रहे है। डॉक्टरों और अन्य स्टॉफ की कमी के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों और कर्मचारियों की कमी के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार किया है।

डॉ. जगदीश घोरे, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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