पांच माह में हाइवे पर ब्रेकर बने और न ब्लैक स्पाट चिन्हित हुए

नतीजा- दर्जनों हादसों में गई युवाओं की जान, अपनों का सहारा छिना, सड़क सुरक्षा समिति की बैठक चाय-पानी तक सिमटी

बैतूल। अब तो दावा किया जा सकता है कि जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक केव औपचारिक बनकर रह गई है। जनप्रतिनिधियों को अधिकारी बैठक में सम्मान के साथ बुला रहे हैं, लेकिन स्थिति यह है कि चाय-पानी के बाद बैठक में सांसद-विधायकों द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल लाने में किसी की रूचि नहीं है। बैठक में प्रधानमंत्री सड़क के महाप्रबंधक और पीडब्ल्यूडी की ईई को निर्देश दिए थे कि राष्ट्रीय मार्ग से जुड़े सभी मार्गों पर दुर्घटना रोकने स्पीड ब्रेकर बनाए जाए।

ताज्जुब बात यह है कि बैठक को पांच माह बीतने के बाद एक भी स्पीड ब्रेकर बनाया गया और न ही ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के लिए कोई कार्रवाई शुरू की गई। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी जिले के सांसद और विधायकों को भी महत्व नहीं देते हैं।
सांझवीर टाईम्स सड़क सुरक्षा समिति की 23 जुलाई को हुई बैठक में लिए गए निर्णय को जनहित में यातायात के बढ़ते दबाव और दुर्घटनाओं के लगातार होने के बाद लोगों के समझ यह मामला प्रमुखता से उठा रहा है। जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों को भी याद दिला रहे हैं कि सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई निर्णय लिए गए थे, लेकिन इन निर्णयों पर अमल करना पांच माह में भी शुरू नहीं हो पाया है। इस बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय एसपी के सुझाव पर लिया गया था।

इसमें राष्ट्रीय राज्यमार्ग से जुड़ने वाले सभी प्रमुख मार्ग पर दस फीट अंदर स्पीड ब्रेकर बनाना सुनिश्चित करना था। इसके लिए एनएचएआई द्वारा राष्ट्रीय राज्य मार्ग से जुड़ने वाले सभी मार्गों पर पुराने स्पीड ब्रेकर तोड़कर निर्माण एजेंसी से नए और अच्छे स्पीड ब्रेकर बनाए जाने का निर्णय लिया था। इसके अलावा जिले के अन्य मुख्य मार्ग पर जुड़ने वाले सभी जगह पर भी दस फीड अंदर हेवी स्पीड ब्रेकर बनाया जाना तय किया गया था।

ब्लैक स्पॉड चिन्हित करने में भी कोई रूचि नहीं

चौकाने वाली बात यह है कि जिले में लगातार दुर्घटनाएं बढ़ने के बाद एसपी ने बैठक में इस बात को प्रमुखता से उठाया था कि जिले के फोरलेन और टूलेन मार्ग पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिन स्थानों पर अधिक दुर्घटनाएं हो रही हैं, उन्हें चिन्हित कर सबसे पहले उन स्थानों पर सुधार कार्य करने की आवश्यकता का सुझाव दिया था। एसपी निश्चल एन झारिया ने बैठक में बताया था कि ऐसे स्पॉट के करीब स्पीड ब्रेकर भी बनाया जाकर साईन बोर्ड लगाए जा सकते हैं, जिससे वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है,लेकिन चौकाने वाली बात यह है कि पांच माह में संबंधित क्रियान्वयन एजेंसी लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री सड़क के अधिकारियों ने न तो कोई स्पीड ब्रेकर बनाया और न ही ब्लैक स्पाट चिन्हित किया।

इस तरह जनप्रतिनिधियों को बैठक में बुलाकर उनके निर्देशों की खुली अवहेलना करना बैतूल जिले के शीर्ष और अधीनस्थ अधिकारियों का जैसे शिगूफा बनते जा रहा है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी की ईई प्रीति पटेल को उनके मोबाइल 8989127138 पर कई बार और प्रधानमंत्री सड़क परियोजना-1 और 2 के महाप्रबंधक आरके जैन को उनके मोबाइल नंबर 9425402811 पर काल किया, लेकिन उन्होंने भी रिसीव नहीं किया।

नतीजा-पांच माह में हादसों में चली गई कई की जान

आपको यह जानकार बेहद आश्चर्य होगा कि केंद्रीय मंत्री डीडी उइके समेत पांचों विधायकों की मौजूदगी में जुलाई माह में आयोजित बैठक में जिन विषयों पर सहमति बनी थी, उन्हें अधिकारियों ने पूरा नहीं किया। सबसे महत्वपूर्ण विषय में हाईवे और सड़क मार्ग पर ब्रेकर बनाकर ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने का था, लेकिन पांच माह में प्रधानमंत्री सड़क और पीडब्ल्यूडी ने एक भी जगह ब्रेकर नहीं बनाया। ब्लैक स्पाट चिन्हित करने की बात तो दूर है।

नतीजा यह हुआ कि इन पांच माह में जिले के ब्लैक स्पाटों में करीब तीन दर्जन हादसों में लगभग एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई। आधा सैकड़ा से अधिक लोग हादसों में घायल हो गए। यदि बैठक में लिए निर्णय पर अमल किया जाता और ब्रेकर के साथ ब्लैक स्पाट चिन्हित कर लिए जाते तो कई मां से उनका पुत्र नहीं छिनता, कई महिलाएं असमय विधवा नहीं होती और कई वृद्धों का अपने युवा पुत्र-पुत्रियों का सहारा नहीं छिनता।

इनका कहना…
जिन विषयों को बैठक में शामिल किया था। इसकी जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों से ले रहा हूं। जनप्रतिनिधियों के सुझाव का अपमान नहीं होने दिया जाएगा। समिति की बैठक में लिए सभी विषयों का कढ़ाई से पालन कराना सुनिश्चित करेंगे।
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर बैतूल।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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