Betul Samachar: सागौन कटाई के पीछे साजिश की बू, महिला डिप्टी रेंजर बनी बलि का बकरा!

Betul Samachar: There is a smell of conspiracy behind teak harvesting, female deputy ranger became the scapegoat!

विभाग में चल रही चर्चा, जंगल खाली होने की माफिया को किसने दी सूचना?

Betul Samachar: बैतूल। उत्तर वन मण्डल के बैतूल परिक्षेत्र की खारी बीट में 17 नग ताजे पेड़ों की कटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस कटाई के पीछे गहरी साजिश होने की जानकारी भी सामने आ रही है। जानकारी मिली है कि 3 दिन पहले ही महिला डिप्टी रेंजर को जंगल के भीतर ही अज्ञात वाहन ने टक्कर मारकर घायल कर दिया था। जबकि इस घटना के ठीक 3 दिन पहले इसी महिला डिप्टी रेंजर ने जंगल में सागौन की जब्ती की थी।

बीट के नाकेदार की भूमिका भी इसलिए संदिग्ध नजर आ रही है, क्योंकि खारी बीट के कम्पार्टमेंट नंबर 247 में रात्रि 9 बजे के आस-पास ही कटाई का काम शुरू हो चुका था। सवाल यह खड़ा हो रहा माफियाओं को जंगल सूना होने की जानकारी आखिर किसने दी? यह जांच का विषय है। कटाई मामले की सूक्ष्मता से जांच की जाए तो पूरे मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है। इधर वन विभाग की टीम ने सीसीटीवी कैमरों की जांच में कुछ संदिग्ध लोगों की पहचान की है। उम्मीद है कि आने वाले दो-तीन दिनों में मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

क्या जानबूझकर डिप्टी रेंजर का करवाया गया एक्सीडेंट

सागौन कटाई के इस मामले में की गई पड़ताल में नई-नई जानकारी सामने आ रही है। इसकी पुष्टि तो अखबार नहीं करता, लेकिन बैतूल रेंज में पदस्थ महिला डिप्टी रेंजर के दुर्घटनाग्रस्त होना सोची समझी साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। बताया जा रहा है कि डिप्टी रेंजर ने जंगल के भीतर ही सागौन जब्ती की कार्यवाही की थी। इसके ठीक तीन दिन बाद जंगल जाते समय उनके वाहन को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना वनकर्मियों को देने के बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया, तब से ही महिला डिप्टी रेंजर अवकाश पर हैं।

इसके ठीक बाद परिक्षेत्र की खारी बीट में माफियाओं ने रात्रि 9 बजे के आस-पास ही घुसकर सागौन के ताजे पेड़ों की कटाई कर दी। सवाल यह है कि उस वक्त इस जंगल में गश्ती की जिम्मेदारी निभाने वाले वनरक्षक को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। जबकि नियम यह है कि जंगल की सतत गश्ती और सुरक्षा की पहली जिम्मेदारी वनरक्षक की ही होती है, इन्हें रात-दिन सुरक्षा करना होता है। हालांकि विभाग की सबसे पहली प्राथमिकता वन माफियाओं की गिरफ्तारी है, लेकिन माफियाओं के जंगल में घुसने से लेकर सागौन पेड़ों की कटाई तक कर्मचारियों की लोकेशन कहां थी सीडीआर निकलवाकर इसकी जांच की जानी चाहिए, ताकि विभाग में छुपे विभीषणों की पहचान हो सकें।

आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों की ली जा रही मदद

जानकारी मिली है कि इस पूरे मामले को लेकर अधिकारियों के निर्देश पर बैतूल रेंज अधिकारी केएस बघेल की अगुवाई में वनपाल यशवंत लिखितकर और गजानन कुड़ापे द्वारा जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि शाहपुर क्षेत्र के कुख्यात वन माफिया राजू की सीडीआर निकाली जा रही है तो सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है। कुछ संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है, लेकिन टीम अभी किसी खास नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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