Betul News: सिस्टम की तानाशाही का शिकार हो रहे दिव्यांग दम्पत्ति
Betul News: Disabled couple becoming victims of system's dictatorship

मकान तोड़ने बार बार नोटिस दे रहा राजस्व विभाग
Betul News: बैतूल। भले ही आम जनता समेत और दिव्यांगों के लिए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी सम्वेदनशील हो, लेकिन सिस्टम चलाने वाले अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं है। देखने मे आ रहा है कि कलेक्टर के निर्देशों का पालन करने में भी लापरवाही बरती जा रही है। मामला बैतूल विकासखंड के ग्राम डहरगांव का हैं। यहां मीनी विवाद को लेकर दिव्यांग दम्पत्ति पिछले 6 महीने से परेशान है। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम ने मौके पर दोनों पक्षों में समझौता भी करवा दिया था, लेकिन तहसीलदार नोटिस पर नोटिस जारी कर दिव्यांग दम्पत्ति के मकान को धराशाही करने उन्हें मजबूर कर रहे हैं, जबकि इसके पूर्व राजस्व से इस मामले का पटाक्षेप हो चुका है। शिकायत के बाद हुई सुनवाई में पीड़ि़त दिव्यांग दम्पत्ति के पक्ष में फैसला सुनाया गया था।
900 वर्गफीट का पट्टा फिर कैसा अतिक्रमण
पूरे मामले को लेकर पीड़ित दिव्यांग दम्पत्ति नरेंद्र नावंगे और उनकी पत्नी ललिता ने ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा उन्हें भूमि खसरा नम्बर 139 रकबा 0,458 आबादी की जमीन से कुल 900 वर्गफीट का पट्टा दिया गया है। इसी जमीन पर हम अपने मकान का निर्माण कर रहे हैं। पूर्व में दीपक पिता बाबूराव नावंगे ने राजस्व में इसकी शिकायत भी की थी। सुनवाई के बाद मेरे पक्ष में फैसला भी दिया गया था, लेकिन बावजूद इसके मुझे मेरे मकान का हिस्सा तोड़ने बाध्य किया जा रहा । सच्चाई यह है कि अधिकारियों के ही कहने पर मैंने समझौता किया और वाहन खड़े करने के लिए अपने पट्टे की 7 से 8 फिट जमीन खाली कर दी लेकिन बावजूद इसके मुझे बाउंड्री वाल तक तोड़ने के लिए अब मजबूर किया जा रहा है।
नायब तहसीलदार पर लगाये गम्भीर आरोप
पीढ़ित विकलांग दम्पत्ति ने इस मामले को लेकर नायब तहसीलदार पर गम्भीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि राजस्व से हमारे पक्ष में फैसला आने के बावजूद हमे परेशान किया जा रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम ने भी मौके पर विजिट कर दोनो पक्षों के बीच समझौता करवा दिया था। समझौते के मुताबिक मुझसे जितनी जमीन छोड़ने के लिए कहा गया उतनी जमीन मैंने छोड़ दी, लेकिन नायब तहसीलदार ने 4 जुलाई को फिर नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में सीधे बाउंड्रीवाल को तोड़ने के आदेश दिए, जबकि बाउंड्रीवाल 900 वर्गफीट के ही हिस्से में है। पीड़ित नरेंद्र नावंगे का सीधा आरोप है कि उनकी पत्नी नायब तहसीलदार के अत्याचारों से अब परेशान हो चुके हैं। इस मामले को लेकर जब नायब तहसीलदार से उनका पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नम्बर 9425669826 पर काल किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।
इनका कहना…..
यदि नोटिस दिया है तो नायब तहसीलदार से जानकारी लेंगे। दोनो पक्षों को समझाइश देकर विवाद खत्म किया जाएगा।
राजीव कहार, एसडीएम बैतूल





