प्रशासनिक कोना: कौनसी मैडम है, जिनकी धौंस के आगे सारे कर्मचारी बौने साबित हो रहे??? आखिर करें कोई, भरें कोई का दर्द किसकी जुबान पर आया??? किसे मिलेगा मौका और कौन मारेगा चौका???? आखिर क्या है माजरा, पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……..

मैडम की धौंस के आगे सब बौने

जिला मुख्यालय पर प्रशासनिक अमले में पदस्थ एक मोहतरमा की धौंस इन दिनों अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए आग का काम कर रही है। कहा जा रहा है कि मैडम बात-बात में आग बबूला हो जा रही है। उनके तेवर पहले इतने गर्म नहीं थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उनके तेवर में बदलाव आने के कारण अधीनस्थ अधिकारी और कर्मचारी भी खासे परेशान है। मैडम गलत काम को सही बताने पर कर्मचारियों को नसीहत दे रही है, कई ईमानदार कर्मचारी इसके फेवर में नहीं है, बस इसी बात पर से ईमानदार कर्मचारियों में मैडम के रवैए से आक्रोश पनप रहा है। बिलों की हेराफेरी से लेकर अन्य मामले भी इनके विभाग में जमकर हो रहे हैं, लेकिन सत्ता पक्ष के एक जिला प्रमुख कहे जाने वाले नेता से इनकी सीधी सांठगांठ होने का ही नतीजा है कि उनके तेवर और गरम हो रहे हैं। बताते चले कि यह मैडम जिस विभाग में पदस्थ है, उसमें बड़े साहब ने लोकसभा चुनाव के पहले जांच रिपोर्ट के बाद ऐसी कैंची चलाई की एक प्राचार्य समेत पांच कर्मचारियों पर निलंबन की गाज गिर चुकी है। उन पर भी जांच की आंच आई, लेकिन राजनैतिक रसूखों से बच निकली।

करे कोई, भरे कोई का दर्द आया जुबां पर

पिछले दिनों फील्ड पर तैनात रहने वाले अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रशासनिक अमले के एक बड़े अफसर ने कामकाज में लापरवाही बरतने पर पूरे महकमे के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया। सभी को फील्ड पर जाकर वाट्सएप पर हर दिन रिपोर्ट भेजने का फरमान जारी करने से पूरे महकमे में ऐसा हड़कंप मचा है कि सभी दौड़े-दौड़े खेतों से लेकर गांव तक अपनी जिम्मेदारी निभाकर साहब को अपनी रिपोर्ट सौंप रहे हैं, लेकिन कुछ ईमानदार अधिकारी ऐसे हैं, जिन्होंने अपने अमले में कसावट के लिए तैयारी की थी, उसके पहले ही साहब ने उन्हें भी अन्य लापरवाह की तरह बराबर का दोषी मानकर अवकाश पर प्रतिबंध लगाने के साथ एक माह का वेतन काट दिया। इससे दबी जुबान से उनका दर्द सामने आया है। वे कह रहे हैं कि एक प्रमुख राजस्व अधिकारी जो पहले से ही अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से परेशान थे। अब उखड़े-उखड़े नजर आ रहे हैं, वे दुखी होकर अब अपनी जिले से रवानगी चाह रहे हैं।

किसे मिलेगा मौका, कौन मारेगा चौका

वर्दी वाले महकमे में इन दिनों संभावित तबादले को लेकर अधिकारी खासे उत्साहित है। दरअसल बड़े साहब ने नर्मदापुरम वाले अपने से ऊपर वाले साहब के बाद तबादला सूची एप्रुल के लिए भेज दी है, किंतु अभी यहां से हरीझंडी नहीं मिली है। खबर है कि कुछ विवादित अधिकारियों को थाना प्रभारी की बागडोर न सौंपने के लिए जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है, लेकिन बड़े साहब अपने चहेतों को फील्ड में तैनाती चाहते हैं। बस इसी पर बात नहीं बन रही है। पिछले दस दिनों से सूची बड़े साहब के पास इंतजार कर रही है। कहा जा रहा है कि इस सूची में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कई थाना प्रभारी भी इधर के उधर हो जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। बड़े साहब की पसंद के अलावा जनप्रतिनिधियों को इस सूची में तवज्जों दी जाने की खबर है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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