Betul Samachar: राजनीतिक हलचल: रुपए दिखाओ, काम करावाओ वाले कौन है ये महाशय?? अपने काम न होने पर कौन हो सकता है दलबदलू, क्यों हो रही आखिर जमकर चर्चा???? पढ़िए पूरी खबर हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में……

Betul Samachar: Political stir: Who is this gentleman who shows the money and gets the work done?? Who can turn defector if his work is not done? Why is there so much discussion?

रुपए दिखाओ, सारे काम कराओ

Betul Samachar: जिले के एक माननीय की कार्यप्रणाली से जिला संगठन और वरिष्ठ नेता भी खासे परेशान है। उन्हें सम्मानजनक जीत हासिल हुई है, लेकिन अपनी आदतों के कारण वे खुद के साथ अपनी पार्टी की भी मिट्टी पलीत कर रहे हैं। भले ही इसमें उनकी गलती नहीं है, लेकिन उन्हें घेरकर रखने वाले छुटभैयों ने आदत बदलने पर मजबूर कर दिया है। उनके बारे में कहा जा रहा है कि छोटे कामों के लिए छुटभैयों से 10-10 हजार रुपए लेकर कई काम कराए जा रहे हैं। इससे ऐसा लग ही नहीं रहा है कि वे माननीय है। हालात यह है कि छुटभैए जैसे ही माननीय के पास लेकर पहुंचते हैं तो वे संबंधित अधिकारियों को फोन घनघना देते हैं कि इनका काम हो जाना चाहिए। अधिकारी तो काम करने के लिए तुरंत तैयार हो जाते हैं। मोबाइल का स्पीकर आन कर कहीं यही बात माननीय के लिए लॉटरी जैसी कहानी गढ़ रही है। चर्चा है कि हर दिन ऐसे दो-तीन फोन अधिकारियों को लगाकर माननीय अपना कोटा पूरा कर रहे हैं। एक सुरक्षित विधानसभा के यह माननीय पूर्व में लग्जरी फार्च्यून खरीदने वाले थे, लेकिन उनकी रात की बात सुबह भूलने की बात से मामला खटाई में पड़ गया।

काम न होने पर जुबान पर आई पीड़ा

जिले से लेकर प्रदेश और देश तक राजनीति में बदलाव की बयार आम बात है। अपने लाभ के लिए पाला बदलना कोई नई बात नहीं है। राजनैतिक पार्टियां भी दल-बदलुओं को हाथों-हाथ लेकर अपनी टीम मजबूत बनाने चाहती है। पिछले दिनों एक पार्टी में विपक्ष के प्रमुख नेता शामिल हुए। अब चर्चा है कि विपक्षी पार्षद अपने वार्डों में काम न होने से बेहद खफा है। वे अपने वार्डों में काम के लिए तमाक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें हताशा ही मिली है। अध्यक्ष से लेकर सीएमओ ने केवल आश्वासन ही दिया। चर्चा है कि पिछले दिनों शिकायत लेकर पहुंचे कुछ पार्षदों को काम न होने पर पार्टी बदलने की सलाह दी। यह सलाह कितनी नेक है। यह तो पता नहीं चल पाया, लेकिन कुछ पार्षद अपने लिए न सही, लेकिन वार्ड के लोगों को सुविधा दिलाने के लिए पाला बदलने का मन बना चुके हैं। यदि ऐसा हुआ तो विपक्षी पार्टी के खेेमे को एक और करारी शिकस्त मिल सकती है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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