Betul Ki Khabar : नमाज के दौरान पेश इमाम के बयान पर दो फाड़
Betul Ki Khabar: Tears in two over the statement of the Imam during Namaz

अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने बयान से किनारा किया, कलेक्टर को की गई शिकायत
Betul Ki Khabar : बैतूल। सोमवार को ईद उल अजहा के मौके पर ईदगाह में नमाज के दौरान पेशे इमाम जावेद चिश्ती द्वारा सियासी फिल्मों से सरोकार करने और कुरआन की गलत व्याख्या करने पर दो टूक शब्दों में प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर मामला गरमा दिया। ईद की नमाज के बाद इमाम द्वारा दिए गए इस बयान के दूसरे दिन बवाल मच गया है। अंजुमन इस्लामिया कमेटी के अध्यक्ष वसीम कुरैशी ने इमाम के बयानों की आलोचना करते हुए इसे उनका निजी बयान बताया। इस संबंध में कलेक्टर को एक आवेदन देते हुए अध्यक्ष ने शहर की शांति व्यवस्था बिगड़ने पर उन्हें ही जिम्मेदार होने की बात कही है। इससे मामला गरमा गया है।
ईद के मुबारक मौके पर सोमवार बैतूल में ईदगाह समेत अन्य मस्जिदों पर मुस्लिम धर्मावलंबियों ने नमाज अता कर अच्छी बारिश और अमन-चैन की दुआ मांगी थी। इस दौरान मुख्य नमाज हर बार की तरह सदर के ईदगाह स्थल पर हुई। यहां पर पेश इमाम जावेद चिश्ती ने नमाज के दौरान कई ऐसी बात कही दी थी, जिस पर मुस्लिम समाज के लोगों में भी नाराजगी देखी। इस पर खुलकर किसी ने प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन अगले दिन अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने पेश इमाम के बयान पर व्यक्तिगत बताते हुए कलेक्टर को एक शिकायती पत्र सौंप दिया। इससे पूरा मामला गरमा गया है। हालांकि इस संबंध में इमाम से चर्चा नहंी हो सकी, लेकिन अंजुमन कमेटी के अध्यक्ष वसीम कुरैशी ने इमाम के बयान को व्यक्तिगत बताकर हड़कंप मचा दिए।
अंजुमन कमेटी ने झाड़ा पड़ला
मंगलवार को अंजुमन इस्लामिया कमेटी के अध्यक्ष वसीम कुरैशी ने इमाम के बयान पर आपत्ति जताई है। इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर को सौंपे एक पत्र में कहा है कि हमारी कमेटी संविधान के नियमों का पालन करती है। जामा मस्जिद के पेश इमाम को कमेटी द्वारा पूर्व में भी स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि आप दीन और हदोश के दायरे में बयान करें। कुरैशी ने पत्र में कलेक्टर को बताया कि ईदगाह पेश इमाम द्वारा जो बयान दिए गए हैं, इनके स्वंय के है। कमेटी द्वारा उनको स्पष्ट तौर पर मना करने के बावजूद जिन बयानों से शहर की फिजा खराब होने का अंदेशा है, इस तरह की बयानबाजी न करें। उन्होंने कलेक्टर से आग्रह किया है कि भविष्य में कोई भी बयान, जिससे शहर की शांति व्यवस्था बिगड़ती है, इसके लिए पेश इमाम ही जिम्मेदार होंगे। इस पत्र की प्रतिलिपि मप्र वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सनवर पटेल को भी भेजी गई है।
नमाज के बाद क्या कहा था पेश इमाम ने……
ईदगाह पर पेश इमाम जावेद चिश्ती ने सार्वजनिक रूप से कई बातें कहीं थी। उन्होंने कहा था कि सियासी फिल्मों से हमे कोई सरोकार नहीं है, लेकिन कुरआन की आयतों की गलत व्याख्या (तर्जुमा) कर हम दो हमारे बारह ,72 हूरे जैसी फ़िल्म बनाई गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस्लाम को आपने समझ क्या रखा है हम किसी पर इल्जाम नहीं लगाते यह वहां का मामला है कि किसे 72 हूरे मिलेंगी और किसे 100 अप्सराएं। उन्होंने आगे कहा कि हम मजहबे इस्लाम के मानने वाले है। हम हर चीज़ बर्दाश्त करते है, लेकिन पाक कुरआन को लेकर बे अदबी बर्दाश्त नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा था कि हर धर्म को चाहिए कि अपने धार्मिक ग्रन्थों को उसी मजबूती के साथ माने जैसे हम मान रहे है और यह हमें मानने का अधिकार है। हमने जिला प्रशासन से यह कहा है कि हम किसी सूबे की बात नही करते हम किसी जिले की बात नहीं करते लेकिन प्रशासन बैतूल में तो कम से कम इस ओर रोक लगाए। हमने यही मांग संजीदगी के साथ रखी है ओर हमें यकीन है कि जिला प्रशासन हमारी यह मांग पूरी करेगा।





