Betul Nagar Palika: मेंटनेंस नजरअंदाज: कंडम हो रहे नपा के कचरा वाहन

Betul Nagar Palika: Maintenance ignored: Municipal garbage vehicles getting clogged

35 में से 5 वाहन धक्का प्लेट, ट्रेक्टर भी खस्ताहाल स्थिति में

Betul Nagar Palika: बैतूल। शहर की साफ सफाई के लिए नपा ने करोड़ों रुपए खर्च कर 34 कचरा वाहनों की व्यवस्था कर ठेकेदार के हाथों सौंप रखा है, लेकिन ठेकेदार नपा की संपत्ति का रख रखाव सही तरीके से कर रहा है या नहीं अधिकारियों को खासतौर पर ये देखने की जरूरत है? कुछ सालों पूर्व ही खरीदे गए कचरा वाहनों के मेंटनेंस में की जा रही कंजूसी इन वाहनों को कंडम करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कई वाहनों में बैटरी की समस्या होने के चलते इन्हें धक्का लगाकर स्टार्ट किया जाता है। तो कई वाहन ऐसे भी हैं, जिनमे छोटी-मोटी रिपेयरिंग की आवश्यकता है, लेकिन इसे नजरअंदाज किये जाने के चलते भविष्य मे यदि कोइ बड़ा फाल्ट आता है तो ऐसे वाहनों को नगरपालिका के उस यार्ड में खड़ा कर दिया जाएगा जहां नपा की कबाड़ हो चुकी संपत्ति पड़ी हुई है।

सुबह सुबह लगाना पड़ रहा है धक्के

नपा द्वारा कचरा वाहनों को खड़े करने के लिए कोतवाली थाने के सामने यार्ड बनाया गया है। यहां नपा के लगभग 34 कचरा वाहन और ट्रेक्टर खड़े किए जाते हैं। सुबह यही से सभी वाहनों को कचरा बटोरने के लिए शहर के विभिन्न वार्डो में रवाना किया जाता है। यहां सुबह सुबह ये दृश्य अब आम हो चुका है कि वाहनों को पहले धक्का देकर स्टार्ट किया जाता है और इसके बाद रवाना कर दिया जाता है।

जानकारी मिली है कि 34 में से आधा दर्जन वाहन ऐसे हैं जिनमे बैटरी खराब होने के बाद दूसरी बैटरी नहीं लगाई जा सकी है।वहीं दो ट्रैक्टरों के भी हालात कुछ ऐसे ही हैं जिन्हें धक्का लगाकर चालू करना पड़ता है । जबकि नपा की करोड़ों रुपये की इस संपत्ति का रख रखाव किये जाने की जिम्मेदारी भी उसी ठेकेदार को निभानी है जिसे सफाई ठेके के एवज में प्रतिमाह करीब 22 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है।

डीजल की हो रही ज्यादा खपत

इस पूरे मामले में ठेकेदार की लापरवाही से ईंधन का प्रतिदिन होने वाला खर्च भी अनाप शनाप बढ़ा हुआ है। जिन वाहनों में बैटरी का अभाव बना हुआ है वे वाहन तब तक बन्द नहीं किये जाते जब तक वाहन सारे शहर का कचरा इक_ा कर ट्रेचिंग ग्राउंड में डंप कर वापस यार्ड में नहीं पहुंच जाते। क्योंकि यदि वाहन बन्द कर दिए जाएं तो इन्हें स्टार्ट करने के लिए फिर से धक्का लगाना पड़ेगा।

ऐसी स्तिथि में चालक को जहां वाहन स्टार्ट ही रखना पड़ता है तो वहीं डीजल कि भी ज्यादा खपत खुद ठेकेदार को ही झेलनी पड़ रही है। यदि वाहनों में बैटरियां डाल दी जाए तो खर्च में अपने आप कटौती हो जाएगी। लेकिन बावजूद इसके वाहनों को कंडम करने पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। यदि नगर पालिका के अधिकारियों ने समय रहते इस समस्या पर संज्ञान नहीं लिया तो आने वाले समय मे कई वाहनों के कबाड़ होने से कोई रोक नहीं पायेगा और करोड़ो की संपत्ति का नुकसान उस जनता को भुगतना होगा जिनके द्वारा दिये जाने वाले टैक्स से नपा यह संपत्ति खरीदती है।

इनका कहना…..

वाहनों में यदि बैटरियां नहीं लगवाई गयी है और रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है तो ठेकेदार से जवाब मांगा जाएगा। नपा की संपत्ति का नुकसान नही होने दिया जाएगा।

ओमपाल सिंह भदोरिया, सीएमओ नपा बैतूल

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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