Nisha Bangre RSS : निशा की आरएसएस के बहाने भाजपा में होगी एंट्री!
भारत भारती में अस्पताल के लोकार्पण कार्यक्रम में बिना आमंत्रण के पहुंचना भी खासा चर्चा का विषय

Nisha Bangre RSS : बैतूल। बैतूल में पदस्थ रही पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे एक बार फिर सुर्खियों में है। अपने बदलते पैतरे को लेकर चर्चित पूर्व अधिकारी का इस बार बुधवार शाम को आरएसएस का आधार केंद्र भारत भारतीय आवासीय विद्यालय परिसर में आयोजित एक अस्पताल के लोकार्पण समारोह में मौजूद रहने के कई मायने निकाले गए।
उनके भारत भारती में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद चर्चा चल पड़ी की उन्होंने आरएसएस की सदस्यता ग्रहण कर ली है, लेकिन संघ के प्रमुख पदाधिकारियों ने इस बात से साफ इंकार कर दिया है। सबसे चौकाने वाली बात यह है कि इस कार्यक्रम में उन्हें भारत भारती आवासीय विद्यालय की ओर से कोई निमंत्रण नहीं मिला था, ऐसे में उनकी मौजूदगी किसी दूसरी बात की ओर भी इशारा कर रही है।
बीते विधानसभा चुनाव के पहले अपने इस्तीफे को लेकर पूरे देश में सुर्खियां बटोर चुकी निशा बांगरे ने राजनीति में जाने का स्टैंड तय किया था। आमला से वे कांग्रेस से टिकट मांग रही थी, लेकिन इस्तीफा स्वीकार होने के दो दिन पहले ही पार्टी ने यहां उम्मीदवार तय कर दिया। इसके बाद उनकी विधानसभा चुनाव लड़ने की उम्मीदें धरी की धरी रह गई।
एक संभावना और दिखाई दे रही थी कि वे निर्दलीय चुनाव लड़कर कांग्रेस को भी सबक सीखा सकती है, हालांकि उन्होंने यह निर्णय नहीं लिया। इसके बाद वे कांग्रेस की मीडिया विभाग में नियुक्ति पाने में सफल हो गई, लेकिन उन्हें यह रास नहीं आया, तब से ही संभावना जताई जा रही थी कि वे कांग्रेस को किसी भी समय अलविदा कह सकती है। यह बात लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने भोपाल में कांग्रेस मेें अपने पदों से इस्तीफा देकर सबको चौका दिया। पूर्व डिप्टी कलेक्टर ने कांगे्रस में अपनी स्थिति को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से लेकर कमलनाथ पर ही निशाना साधा और सीधे उनके लोकसभा क्षेत्र छिंदवाड़ा में विरोध में प्रचार करने पहुंच गई। यही पर उन्होंने मीडिया से चर्चा कर भाजपा में जाने की बात कबूल कर एक और चौकाने वाला निर्णय लेकर सबको हतप्रद कर दिया।
भारत भारती के कार्यक्रम में जाना बड़ा इत्तेफाक
जानकर सूत्र बताते हैं कि भारत भारती आवासीय विद्यालय परिसर में आयोजित अस्पताल के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारणी सदस्य सुरेश सोनी समेत आरएसएस के दिग्गज पदाधिकारियों और भाजपा के सांसद, विधायक तक मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी में पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे का कार्यक्रम में पहुंचना महज इत्तेफाक नहीं रखता।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि भारत भारती आवासीय विद्यालय के सचिव मोहन नागर ने खुद बताया कि निशा बांगरे को उनकी ओर से कोई आमंत्रण नहीं दिया गया था। संभावना है कि वे सोशल मीडिया पर कार्यक्रम की खबर पढ़कर कार्यक्रम में पहुंच गई। यदि ऐसा है तो बिना कार्यक्रम में आमंत्रित किए पूर्व डिप्टी कलेक्टर का पहुंचना दूसरी बात की ओर इशारा कर रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने भी निशा बांगरे की मौजूदगी पर हैरत जताई है।
इस दौरान उनको कार्यक्रम में कई लोगों से हास-परिहास करते देखा जाना चर्चा का केंद्र रहा। कहा जा रहा है कि आरएसएस के कार्यक्रम में निकटता के बहाने वे कभी भी सदस्यता ग्रहण कर भाजपा में एंट्री कर सकती है।
आरएसएस की सदस्यता की जमकर चर्चा
राज्य शासन की पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे का भारत भारती के संघ से जुड़े कार्यक्रम में पहुंचना बड़े मायने रखता है। जानकार बताते हैं कि कार्यक्रम में केवल आरएसएस से जुड़ी स्वंयसेवी संगठनों, समाजसेवियों और भाजपा के नेताओं और मीडियाकर्मियों को आमंत्रित किया गया था। निशा की यहां मौजूदगी के बाद खबर आग की तरह फैल गई थी कि उन्होंने संघ की सदस्यता कार्यक्रम के बाद ग्रहण कर ली, लेकिन संघ के शीर्ष पदाधिकारी ऐसी किसी भी बात से इंकार कर रहे हैं।
निशा के परिवार की आरएसएस से जड़े मौजूद
जानकार सूत्र बताते हैं कि डिप्टी कलेक्टर पद छोड़कर निशा बांगरे राजनीति में सक्रिय होने के लिए सबसे पहला विकल्प भाजपा में ही देख रही थी। कहा जा रहा है कि उनके परिवार के आरएसएस से काफी निकट संबंध है। आरएसएस मुख्यालय नागपुर से भी उनका परिवार जुड़ा है। हालांकि भाजपा में एंट्री के बाद आमला से मौजूदा विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे की टिकट काटकर उन्हें उम्मीदवार बनाया जाना संभव नहीं था, इसलिए कांग्रेस से आश्वासन मिलने के बाद नौकरी से इस्तीफा दिया। चूंकि कांग्रेस से उनका मोह भंग हो चुका है, इसलिए कहा जा रहा है कि परिजनों की आरएसएस से निकटता की वजह से ही वे भारत भारती में आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित की गई है या स्वंय गई।
इनका कहना….
मैं कार्यक्रम में पूरे समय मौजूद था। मुझे निशा बांगरे कहीं पर भी दिखाई नहीं दी, फिर आरएसएस की सदस्यता लेने की कोई बात ही नहीं है।
मोतीलाल कुशवाह, संघ प्रमुख बैतूल
भारत भारती में अस्पताल लोकार्पण कार्यक्रम में हमने निशा बांगरे को कोई निमंत्रण नहीं दिया। हो सकता है वे सोशल मीडिया में जानकारी मिलने पर कार्यक्रम में पहुंची होगी।
मोहन नागर, सचिव भारत भारती आवासीय विद्यालय बैतूल




