Betul News: 21 काम अधूरे, फिर भी ठेकेदारों को नपा का अभयदान!
Betul News: 21 works are incomplete, yet the contractors are getting protection from the Municipal Corporation!

विधायक ने बैठक लेकर 30 जून तक काम करने का दिया था अल्टीमेट, एक भी ठेकेदार अब तक नहीं किए ब्लैक लिस्टेड
Betul News: बैतूल। टेंडर लेने के लिए जोर आजमाइश करने वाले ठेकेदारों ने नगरपालिका का बेड़ागर्क कर डाला। एक वर्ष में भी 21 से अधिक ठेकेदारों ने सड़कों का काम शुरू नहीं किया। कुछ माह पहले विधायक हेमंत खंडेलवाल ने नपा के अधिकारियों के साथ बैठक लेकर इन ठेकेदारों को हर हाल में 30 जून तक काम पूरा करने की हिदायत दी थी। ऐसा नहीं होने पर इन लोगों को ब्लैक लिस्टेड करने के लिए भी कहा था, लेकिन 30 जून की तिथि को 16 दिन अधिक बीतने के बावजूद नपा ने एक भी ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई शुरू नहीं की है। यह कहीं न कहीं स्थानीय विधायक और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देशों की अवहेलना है।
शहर में करीब एक वर्ष पहले जनप्रतिनिधियों ने सड़क निर्माण के लिए विभिन्न वार्डों में टेंडर के बाद भूमिपूजन किया था। सभी ठेकेदारों को निर्धारित अवधि में काम करने की हिदायत भी दी गई थी, लेकिन कोई न कोई पेंच आते रहे, जिसके कारण सड़कों का काम शुरू नहीं हो पाया है। हालात यह है कि नगरपालिका ने काम शुरू न करने के कारण पूर्व में 43 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए थे। इनमें से नोटिस के बाद 22 ठेकेदारों ने काम शुरू कर दिया, लेकिन डेढ़ दर्जन से अधिक ठेकेदारों ने अब तक काम शुरू नहीं किए। नोटिस के इस खेल में ठेकेदारों पन भी अब असर नहीं हो रहा है। इससे नगरपालिका के अधिकारी भी खुद परेशान हो चुके हैं।
विधायक को करनी पड़ी थी पहल
निर्माण कार्य शुरू नहीं होने के बाद पार्षदों और आम लोगों की शिकायत मिलने के बाद करीब तीन माह पहले विधायक हेमंत खंडेलवाल ने बाल मंदिर सभागृह में नपा के अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर मैराथन चर्चा की थी। बैठक में ठेकेदारों की समस्याओं के निदान के भी निर्देश विधायक ने नपा के अधिकारियों को दिए थे। इसके बाद सहमति बनी थी कि 30 जून तक शेष बचे निर्माण कार्य ठेकेदार पूरे कर देंग, लेकिन विधायक खंडेलवाल के अल्टीमेट के बावजूद 21 से अधिक ऐसे ठेकेदार है, जिन्होंने आज तक काम शुरू नहीं किया है। यह कही न कही विधायकों के निर्देशों की अवहेलना से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके नपा ने भी ठेकेदारों के विरूद्ध कार्रवाई शुरू नहीं की है। इसी वजह विधायकों के निर्देशों की अवहेलना हो रही है।
नोटिस बेअसर, अब तक केवल दो नाम सामने आए
नगरपालिका ने तीस जून तक इन ठेकदारों को काम पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकांश के कान पर जूं नहीं रेंगी। नपा ने पिछले तीन माह में इन ठेकेदारों को अंतिम नोटिस बताकर तीन बार सूचना भेजी है, लेकिन दो दर्जन ठेकेदार काम शुरू नहीं कर सके हैं। जबकि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख अभियंता ने पूर्व में निर्देश दिए थे कि काम न करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्टेड कर इनकी सूची बनाई जाए, लेकिन नपा नोटिस-नोटिस ही खेलते रही। बुधवार तक नपा ने 21 में से केवल 2 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्टेड करने का प्रस्ताव विभाग के प्रमुख अभियंता को भेजा, लेकिन शेष 19 पर कार्रवाई करने के लिए नियमों का हवाला दिया जा रहा है।
बारिश में नहीं होगा सड़क निर्माण, लोगों को खाना पड़ेगा हिचकोले
यह तय है कि बारिश में शेष वार्डों में होने वाला डामरीकरण और सौंदर्यीकरण का काम शुरू नहीं हो सकेगा। अधिकांश काम डामरीकरण से जुड़े हैं। लिहाजा बारिश में डामरीकरण का काम संभव नहीं है, इसलिए दो दर्जन से अधिक वार्डों में होने वाला डामरीकरण पर फिलहाल बे्रक लग गया है। यह बात बारिश की खेंच खत्म होने के बाद अक्टूबर-नवंबर में ही शुरू हो पाएंगे। यही वजह है कि शहर के कई वार्डों में सड़कों पर बड़े गडों में चलना लोगों की मजबूरी रहेगी। हालांकि यहां पर भी ठेकेदारों को छूट देकर अपने खजाने से नपा वार्डों में गिट्टी और डस्ट डाल रही है। यह कहीं न कहीं ठेकेदारों के प्रति नपा का प्रेम बता रहा है।
इनका कहना….
जिन ठेकेदारों ने काम नहीं किया हैं, उन्हें पूर्व में नोटिस जा चुके हैं। ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवई जारी है। काम न करने वाले सभी ठेकेदारों को शीघ्र ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा।
नीरज धुर्वे, एई नपा बैतूल




