Betul Samachar : डॉ.धाकड़ रिश्वत कांड की एक महीने में भी जांच पूरी नहीं, कई लोगों के अभी भी बयान दर्ज होना बाकी

Betul Samachar : बैतूल। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ प्रदीप धाकड़ पर सर्जरी के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगा था, इसका एक वीडियो भी जारी हुआ। इस मामले में एक महीने में भी जांच पूरी नहीं हुई। मामला पूरी तरह से ठंडे बस्ते में चला गया है। ऐसा लग रहा है कि कहीं न कहीं अधिकारी भी जांच में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल बैतूल में पदस्थ डॉक्टर धाकड़ पर एक बच्ची की सर्जरी करने के लिए 1700 रुपए लेने का आरोप लगा था। शिकायतकर्ता ने बकायदा रिश्वत लेते वीडियो भी जारी किया। इस मामले की शिकायत कलेक्टर से भी की गई। कलेक्टर ने सीएमएचओ और सिविल सर्जन को इस मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे।
मामला अप्रेल माह के पहले पखवाड़े का है। रिश्वत कांड को लगभग एक महीना होते आ रहा है। अभी तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। जिस समय रिश्वत की घटना सामने आई थी, तब सिविल सर्जन के प्रभार में डॉ जगदीश घोरे थे। उन्होंने क्लास वन डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम मामले की जांच करने के लिए गठित की। कुछ दिन बाद डॉक्टर बारंगा छुट्टी से ड्यूटी पर लौट गए। पता चला कि इस मामले की जांच पूरी नहीं हो पाई। सिविल सर्जन डॉ बारंगा ने कहा था कि इस मामले की वे खुद ही जांच कर रहे हैं। सिविल सर्जन खुद जांच करने के बावजूद अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई। जानकारी यह सामने आई है कि इस मामले में कुछ लोगों के बयान दर्ज हुए हैं, अभी ओर लोगों के बयान दर्ज होना बाकी है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी लोगों के बयान दर्ज करने के बाद ही रिपोर्ट तैयार होगी और रिश्वत कांड का सच सामने आएगा। इसके पहले भी डॉ धाकड़ विवादों में रहे लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। सूत्र बताते हैं कि डॉक्टर धाकड़ की भोपाल तक पैठ बनी हुई है जिनके कारण उन पर अभी तक किसी भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। पिछले बार उनका तबादला बैतूल से अन्य जिले में हो गया था, लेकिन उनकी बैतूल में फिर से वापसी हो गई। वापसी होने के कुछ महीने बाद ही उन पर रिश्वत लेने के आरोप लग गए। रिश्वत कांड की कलेक्टर ने जांच करने के निर्देश दिए, लेकिन अधिकारी कलेक्टर के निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
इनका कहना
रिश्वत मामले की जांच अभी पूरी नहीं हो पाई है। कुछ लोगों के बयान दर्ज किए हैं तो कुछ ओर लोगों के बयान लेना बाकी है। सभी के बयान दर्ज होने के बाद ही सच सामने आएगा।
डॉ. अशोक बारंगा, सिविल सर्जन जिला अस्पताल बैतूल।




