Political News Today : राजनीतिक हलचल: नगरपालिका के कामों में अपना मटेरियल लगाने कौन पार्षद बना रहा दबाव?? पूर्व सांसद की पार्टी छोड़ने से किन कांग्रेसियों में में खुशी छाई??? 1 पार्टी में टिकट मिलने पर राजनीति का कौनसा सच सामने आया???? पढ़िए विस्तार से हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में….
Political News Today: Political stir: Which councilor is pressurizing him to invest his material in municipal works?? Which Congressmen were happy with the former MP leaving the party???

मटेरियल लगाने के लिए नेताजी का दबाव…
Political News Today : नगरपालिका में एक पार्षद कम नेता अधिक के इस समय जलवे अधिक है। पहले भी कई बार पार्षद रह चुके हैं, इसलिए सीनियारटी की धौंस बताकर इन दिनों अधिकारियों पर जमकर दबाव बना रहे हैं। उनके बारे में कहा जा रहा है कि पार्षद तो केवल औपचारिकता और नेतागिरी के लिए बने हैं। इसकी आड़ में ईंट और पेविंग ब्लाक की अपने भट्टे -फैक्ट्री से नपा में होने वाले निर्माण कार्य के लिए भारी दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं वे शहर में होने वाले अन्य कामों में पेविंग ब्लाक लगाने की सबसे अधिक सिफारिश कर रहे हैं। इसके पीछे उनके मकसद को आसानी से समझा जा सकता है। इसके बाद ठेकेदारी के काम में अधिकारियों पर दबाव बनाकर नपा की जेसीबी और ट्रेक्टरों का उपयोग कर माल जेब में डाल रहे हैं। इस बात से अधिकारी भी परेशान हो चुके हैं। यदि यही परंपरा चलती रही तो सभी पार्षद ठेकेदारी कर नपा पर ही बोझ डाल देंगे। बताते चले कि इन पार्षद महोदय को दूसरे वार्ड से बमुश्किल टिकट मिली थी, क्योंकि एक पूर्व चुनाव में इन्होंने घर का भेदी लंका ढहाए के किस्से को चरितार्थ किया था, इसलिए इनकी गिनती घर का ना घाट का, धोबी के कुत्ते में होती है।
पूर्व सांसद की पार्टी छोड़ने से किसकी मौज?
शनिवार को राजधानी भोपाल में कांग्रेस को फिर करारा झटका लगा है। पार्टी के एक पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता ने कई अन्य के साथ पाला बदल लिया है। जिले की राजनीति में पूर्व मंत्री का वैसे तो ज्यादा तो नहीं, लेकिन कुछ हस्तक्षेप जरूर है। उनके स्थानीय कांग्रेस नेताओं से मधुर संबंध रहे हैं। ऐसे में समर्थकों में कहीं खुशी कहीं गम देखा जा रहा है। उनके पार्टी छोड़ने से समर्थक कांग्रेसी खुश अधिक दे रहे हैं। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि अब उनके काम भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री के जरिए आसानी से हो जाएंगे। खबर तो यह भी है कि कांग्रेस में रहने के बाद कुछ पदाधिकारियों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री के पाला बदलने के बाद मिठाई तक बांट डाली। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे कांग्रेस में ही रहकर आसानी से मलाई खा सकते हैं।
यह है राजनीति का असली सच
कहते हैं राजनीति में कब किसका हो जाए, कहा नहीं जा सकता है। इसका एक और उदाहरण पिछले दिनों देखने को मिला। एक पार्टी ने आने वाले चुनाव के लिए दोबारा जिन्हें उम्मीदवार बनाया,उनसे मिलने वालों की कतार लग गई। पूरे पांच वर्ष उनसे दूरियां बनाने वाले भी अचानक दूसरी पारी खेलता देख दुमदबाकर बधाई देने के लिए पहुंच गए और सोशल मीडिया पर फोटो वायरल कर दी कि हम भी उनके खास है। वैसे जिन लोगों की बात की जा रही है, उन्होंने 2019 के चुनाव में टिकट के लिए इनकी सिफारिश की थी, लेकिन जीत हासिल करने के बाद संबंधित उम्मीदवार ने सबको साथ लेकर चलना शुरू किया तो ऐसे नेताओं की आंखों में कांटा चुभ गया। बस पांच वर्ष उन्होंने दूसरी बार टिकट से नवाजा जाने वाले नेताजी से दूरियां बना ली, लेकिन अब निकटता बनाकर जताने का प्रयास कर रहे हैं कि हम आपके हैं।





