Betul News: टिकारी में कम जगह में काली जी की स्थापना से पुलिस की बढ़ी टेंशन
Betul News: Installation of Kali Ji in a small space in Tikari increased tension of the police.

पुराने स्थान पर कांप्लेक्स निर्माण से उपजी समस्या, पुलिस ने तलाशे दूसरे विकल्प
Betul News: बैतूल। नगर सेठानी के नाम से मशहूर सितारा मंडल टिकारी द्वारा स्थापित की जाने वाली भव्य काली प्रतिमा का स्थान परिवर्तन होने से समिति के सदस्यों के अलावा पुलिस की टेंशन बढ़ गई है। जिस स्थान पर अब तक काली प्रतिमा स्थापित होते आ रही है, यहां भूमि स्वामी द्वारा कांप्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। इसके बाद यहां प्रतिमा स्थापित होना संभव नहीं था, इसलिए समिति ने मंदिर के सामने करीब 33 हजार स्क्वायर फीट निजी जमीन पर प्रतिमा स्थापित की जा रही है। हालांकि यह जगह काफी छोटी होने के कारण समिति और पुलिस की परेशानी बढ़ गई है। विकल्प के तौर पर बाजू में लगी एक खेत स्वामी की जमीन का एक बड़ा हिस्सा लेने की तैयारी की जा रही है।
जिले में टिकारी स्थित सितारा मंडल की भव्य काली प्रतिमा चर्चा का केंद्र रहती है। नवरात्र के 9 दिन जिले भर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु विशाल प्रतिमा के दर्शन के लिए आते हैं। समिति सदस्यों की माने तो करीब 3 लाख श्रद्धालु नवरात्र में इस प्रतिमा को देखने के लिए पहुंचते हैं। हालांकि इस मर्तबा प्रतिमा और पंडाल की ऊंचाई समिति ने कम कर दी है। इसके पीछे जगह का टेंशन बताया जा रहा है। दरअसल पुरानी जगह पर भूमि स्वामी राजकुमार वर्मा ने कुछ माह पहले यहां कांप्लेक्स निर्माण शुरू कर दिया है। टिकारी मार्ग के दूसरे ओर कांप्लेक्स निर्माण के लिए जिस स्थान पर काली जी की प्रतिमा स्थापित होती थी, वहां गिट्टी, रेत और अन्य मटेरियल रखा है। इसी वजह यह जगह इस बार प्रतिमा स्थापना के लिए उपयुक्त नहीं थी।

समिति के सदस्यों ने तलाशा दूसरा विकल्प
सितारा मंडल काली उत्सव समिति के अध्यक्ष विभाषवर्धन पांडे ने बताया कि पिछले कई सालों से राजकुमार वर्मा के स्वामित्व वाली जगह पर मां काली की प्रतिमा स्थापित होते आ रही है। इस बार उनकी भूमि पर कांप्लेक्स निर्माण का काम जारी है। इसी वजह मंदिर के सामने करीब 33 हजार स्क्वायर फीट जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसी जगह पूर्व में पांच वर्ष तक मां काली की प्रतिमा स्थापित की थी। उन्होंने बताया कि समिति को भूमि स्वामी वर्मा द्वारा अपनी गढ़ाघाट स्थित दो एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन मां काली का मंदिर यही पर है और गढ़ाघाट की दूरी 1 किमी है, ऐसे में सदस्यों ने यह जमीन लेने से इंकार करते हुए छोटी जगह पर ही प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया है। पूर्व में जिस स्थान पर प्रतिमा स्थापित होती थी, यह जमीन करीब 90 हजार स्क्वायर फीट में फैली थी।

पुलिस के साथ सदस्यों ने की लंबी मंत्रणा
इधर जानकारी मिली है कि शुक्रवार को कोतवाली टीआई सत्यप्रकाश सक्सेना और पुलिस टीम ने सितारा मंडल के सदस्यों के साथ नए पंडाल को देखा। चूंकि यह जगह काफी छोटी है, इसलिए अव्यवस्था की संभावनाओं को देखते हुए कई विकल्पों पर मंत्रणा की गई। नए पंडाल के बाजू में एक खेत में वर्तमान में मक्के की फसल लगी है। टीआई ने खेत स्वामी से इस संबंध में चर्चा की तो उन्होंने सहर्ष 21 सितंबर तक अपनी जमीन देने के लिए हामी भर दी। यहां लगी बाउंड्रीवाल को तोड़कर फसल के बाजू में रिक्त पड़ी करीब 15 हजार स्क्वायर फीट जमीन उपलब्ध हो जाएगी। यदि ऐसा होता है तो हर दिन पहुंचने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है। पूरे आयोजन को लेकर अन्य मंडलों के साथ सितारा मंडल के सदस्य कोतवाली में 4 बजे बैठक में इस बारे में चर्चा करेंगे।
इनका कहना…
पुरानी जगह पर कांप्लेक्स निर्माण के कारण प्रतिमा स्थापित करना संभव नहीं था। पूर्व में समिति द्वारा पांच वर्ष तक जिस स्थान पर प्रतिमा स्थापित की जाती थी, वहीं इस बार आयोजन करने का निर्णय लिया है। जगह छोटी है, लेकिन माता रानी की कृपा से सब ठीक होगा।
विभाषवर्धन पांडे, अध्यक्ष, सितारा मंडल टिकारी, बैतूल
जानकारी मिली थी कि इस बार काली प्रतिमा छोटे स्थान पर स्थापित की जा रही है। श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होना और अव्यवस्था को देखते हुए बाजू स्थित किसान से चर्चा की है, वह अपनी जमीन देने के लिए तैयार है। जमीन मिल जाती है तो पूरी व्यवस्था माकुल हो जाएगी।
सत्यप्रकाश सक्सेना, टीआई कोतवाली, बैतूल



