Betul Political News: राजनीतिक हलचल: तू मेरा, मैं तेरा, दुनिया से क्या लेना…..क्यों जुबान पर आ रहा?? आखिर कौनसे पार्षद+ठेकेदार पर स्कूल संचालिका भारी पड़ गई??? पड़ मिला तो वरिष्ठों को दरकिनार करना किसने शुरू किया???? पढ़िए विस्तार से हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में ……..

Betul Political News: Political stir: You are mine, I am yours, what have you got to do with the world...why is it coming on your tongue?? After all, which councilor + contractor did the school operator prevail over?? Who started ignoring the seniors???? Read in detail our popular column Political Stirring...

Betul Political News: जिले की राजनीति में इन दिनों पुरानी फिल्म का यह गीत जमकर गुनगुनाया जा रहा है। गीत के बोल के भले ही कई मतलब हो, लेकिन यहां पर पिछले दिनों राजनीति में उठापटक को लेकर इस गीत के कई सार निकाले जा रहे हैं। उठा पटक की राजनीति का भले ही द एंड नहीं हुआ, लेकिन फिल्म शुरू होने से ही एक राजनैतिक पार्टी में जमकर भूचाल आया। मातृ पार्टी को छोड़ने के कयासों के बीच न इंटरवेल हुआ और न ही द एंड, बीच में ही मामला टायटाय फिस हो गया। डिलिंग भोपाल से लेकर दिल्ली तक पूरी नहीं हुई, इसलिए बैतूल में इस एपिसोड के इतिश्री होने से पार्टी के लोगों ने राहत ली है। अलबत्ता कहा जा रहा रहा है कि पार्टी छोड़कर जाने वाले एक दूसरे से प्रश्न पूछते रहे कि तू चलेगा या नहीं? परंतु मौके को भुनाने वालों ने इसे एजेंडा बना लिया। मतलब साफ है कि कुछ ऐसे थे जो पार्टी छोड़कर जा रहे थे और कुछ धोखा न देने का दावा कर रहे थे। अब पार्टी के प्रदेश संगठन में पार्टी में रहने और छोड़कर जाने वाले नेताओं की गिनती ने तथाकथित नेताओं की नींद उड़ा दी है।

पार्षद पर भारी स्कूल संचालिका

शहर के गंज के पॉश क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान पार्षद और स्कूल संचालिका के बीच कहा सुनी हो गई। मामला जो भी स्कूल संचालिका का साफ तर्क है कि उनके क्षेत्र में सड़क बन रही है तो घर के पास सड़क क्यों नहीं बनाई जा रही? बस उसी समय पार्षद कम ठेकेदार ज्यादा कहलाए जाने वाले नेताजी ने अपने रसूख का उपयोग कर संचालिका को नियम का पाठ पढ़ाने का प्रयास किया। चूंकि वह शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल का संचालन कर रही है और नियमों की अच्छी जानकार है। ऐसे में पार्षद+ ठेकेदार पर भारी पड़ गई। हालांकि पार्षद ने रसूख दिखाया तो स्कूल संचालिका ने पुलिस में तक शिकायत कर दी। इसके बाद पार्षद बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। वैसे कहा जा रहा है कि इन पार्षद महाशय को स्कूल संचालिका से पंगा लेने की सलाह भी जिस क्षेत्र में काम चल रहा है वहीं से कुछ दूरी पर स्थित पैसों का लेनदेन साथ करने वालों ने सलाह दी थी। यही सलाह उनके गले की हड्डी बन गई है। कहा जा रहा है जिस पार्षद का स्कूल संचालिका से विवाद हुआ है, वे सबसे वरिष्ठ पार्षद कहलाते है।

पद मिला तो इनका बढ़ा रूतबा

जनता द्वारा चुने गए एक जनप्रतिनिधि का रूतबा क्या बढ़ा, वे अपने से वरिष्ठ को ही दरकिनार कर बैठे। उन्हें चुने जाने को महज ढाई माह का अल्प समय बीता है, लेकिन उन्होंने आंखे दिखाना शुरू कर दिया है। इसकी बानगी पिछले दिनों उनके विधानसभा में देखने को मिली जब एक विभाग से जुड़े भूमि पूजन कार्यक्रम शिलान्यास पत्थर पर खुद को मुख्य अतिथि बताकर वाहवाही लूट ली है। उन्होंने विशेष अतिथि क्षेत्र के दो जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को भी बना डाला। थोक में पार्टी के छुटभैया नेताओं को भी शिलान्यास पत्थर में स्थान दिला बैठे, लेकिन उनसे सीनियर 8 क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और पंचायतों के मुखिया कहलाने वाले अपने पार्टी का शिलालेख में उल्लेख न करवाकर खुद उलझ गए है। उनके इस कारनामे की शिकायत पार्टी हाईकमान को भी की गई है। यह जनप्रतिनिधि एक प्रमुख नदी के उद्गम स्थल से जुड़े हुए बताए जाते है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button