Betul News: आदिवासियों पर अत्याचार के विरोध में आधे दिन बन्द रहा बैतूल, इंदौर, भोपाल और जबलपुर से आए पुलिस बल ने संभाली व्यवस्था
Betul News: Betul remained closed for half a day in protest against atrocities on tribals, police forces from Indore, Bhopal and Jabalpur took over the arrangements.

Betul News: (बैतूल)। आदिवासी युवक के साथ हुई बर्बरता के विरोध में आदिवासी संगठनों ने शुक्रवार को बैतूल बंद का आव्हान किया था। बैतूल बंद का मिला जुला असर देखने को मिला है। घटना के विरोध में आदिवासी संगठनों ने रैली निकालकर आक्रोश जताया है। आदिवासियों के विरोध को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। चौक-चौराहों पर भी पुलिस जवान तैनात रहे।
आदिवासी युवक को नग्न कर उल्टा लटकाकर मारपीट किए जाने की घटना को लेकर आदिवासियों में आक्रोश है। आदिवासियों ने शुक्रवार को बैतूल बंद कर आव्हान कर दिया। सुबह से दोपहर तक बाजार में सभी दुकानें बंद रही। आदिवासी संगठन के युवाओं ने बाजार में घूमकर दुकानों को बंद करवाया। दोपहर 12 बजे तक सभी दुकानें बंद रही, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे दुकानों का खुलना शुरू हो गया था। बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला है। बंद के कारण कई लोगों को बंद के कारण लोगों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। कई व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर समर्थन किया। दोपहर 2 बजे तक बाजार में अधिकतर दुकानें खुल गई थी। बाजार खुलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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आदिवासियों ने निकाली विशाल रैली
आदिवासी युवक के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर आदिवासी समाज में खासा आक्रोश है। घटना के विरोध में आदिवासी संगठनों ने विशाल रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। कोठीबाजार के ओपन आडोटोरियम में आदिवासी संगठन के पदाधिकारी सहित अन्य लोग एकत्रित हुए। यहां से विशाल रैली निकाली गई। इस रैली में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। आदिवासियों का कहना है कि आदिवासी समाज के लोगों पर इस तरह की बर्बरता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मारपीट की घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि इस तरह की घटना की पुर्नावृत्ति न हो। रैली कोठीबाजार से होते हुए लल्ली चौक से होते हुए कोतवाली चौक से कमानी गेट होते मुर्गी चौक, कालेज चौक यहां से गंज मार्ग होते हुए वापस आडोटोरियम पहुंची। विरोध प्रदर्शन के दौरान आदिवासियों द्वारा जमकर नारेबाजी की गई।
रक्षा की दृष्टि से इंदौर-भोपाल, जबलपुर से आया पुलिस बल

आदिवासी संगठन के विरोध प्रदर्शन और बैतूल बंद को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। चौक-चौराहों पर पुलिस जवानों को तैनात किया गया। पुलिस विभाग के आरआई ने बताया कि प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से जबलपुर, भोपाल, छिंदवाड़ा से पुलिस बल बुलाया गया था। इसके अलावा स्थानीय पुलिस बल की तैनाती भी की गई। ओपन आडिटोरियम को छावनी में तब्दील किया था। सुबह से ही शहर के चौक-चौराहों पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई। पूरे दिन चौक-चौराहों पर पुलिस तैनात रही। जब जब आदिवासी संगठनों की रैली निकली तो रैली के साथ-साथ भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। पुलिस हर हरकत पर नजर बनाए हुई थी। एसडीएम, तहसीलदार, एएसपी, एसडीओपी, गंज-कोतवाली थाना प्रभारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी विरोध प्रदर्शन पर नजर रखी जा रही थी। समाचार लिखे जाने तक जिले में आदिवासियों का शांति पूर्वक विरोध प्रदर्शन रहा।





