Betul News: स्वास्थ्य विभाग में शासकीय आवास आवंटन में घोटाला!
Betul News: Scam in government housing allocation in health department!

वरिष्ठता को दरकिनार कर चहेतों को आवंटित कर दिया आवास
Betul News: बैतूल। स्वास्थ्य विभाग में एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। हर बार की तरह इस बार भी तबादलों के पहले आवास आवंटन में बड़ी चूक उजागर हुई है। दरअसल शासकीय आवंटन में वर्षों से कर्मचारियों के आवेदन लगे हैं, लेकिन इसे दरकिनार करते हुए चहेतों को प्राथमिकता दे दी गई। मामले में शिकायत हुई तो अब जांच करने की बात कही जा रही है। बताया तो यह भी जा रहा है कि आवास आवंटन में चंद वर्ष पहले बैतूल पदस्थ हुए कर्मचारियों को भी प्राथमिकता दी गई। इससे वरिष्ठों में आक्रोश फैल गया है। यह पूरा खेल पूर्व सीएमएचओ की आंख में धूल झोंककर संबंधित शाखा के प्रभारी ने किया था।
सूत्र बताते हैं कि स्वास्थ्य विभाग में जिला मुख्यालय पर पदस्थ कर्मचारियों को शासकीय आवास आवंटन की प्रक्रिया काफी जटिल हो गई है। वर्षों से सीएमएचओ आफिस में जमे संबंधित शाखा प्रभारी ने थोक में आवेदनों को दरकिनार करते हुए चहेतों को आवास का आवंटन कर दिया। सबसे चौकाने वाली बात यह है कि पूर्व सीएमएचओ डॉ राजेश परिहार को भी इस बारे में जानकारी थी, लेकिन उन्होंने संबंधित लिपिक को तवज्जों देते हुए उनके अनुसार ही आवास आवंटन कर दिए। इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई तो कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया है। बताया जाता है कि मामले में कर्मचारियों ने नए सीएमएचओ डॉ हुरमाड़े को भी शिकायत की है।
इमरजेंसी सेवा के कर्मचारियों की अनदेखी
स्वास्थ्य विभाग में शासकीय आवास आवंटन में चहेतों को उपकृत करने के लिए इमरजेंसी सेवा के कर्मचारियों की अनदेखी की गई है, जबकि नियम यह है कि इन सेवा के कर्मचारियों को सबसे पहले प्राथकमिकता के आधार पर आवास का आवंटन करना है। यहां पर लिपिक आवास का आवंटन कर दिए गए। इसके अलावा वरिष्ठता के आधार पर भी आवास आवंटन की प्रक्रिया प्रचलित है, किंतु स्वास्थ्य विभाग में पूरे नियमों को ताक पर रखकर आवास का आवंटन कर दिया गया। बताया जाता है कि नर्स तो दो वर्ष पहले ही बैतूल में पदस्थ हुई है, उसे आसानी से आवास मिल गया , जबकि पुरानी स्टाफ नर्सों ने कई बार आवास के लिए आवेदन दिए, लेकिन उसे दरकिनार कर दिया गया। इसी वजह कई कर्मचारियों में आक्रोश पनप रहा है।
इनका कहना…
मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। यदि आवास आवंटन में नियमों की अनदेखी की गई है तो पूर्व सीएमएचओ डॉ परिहार और संबंधित लिपिक से चर्चा की जाएगी। संबंधित फाइल बुलाकर भी आवेदन देखेंगे।
डॉ मनोज हुरमाड़े, सीएमएचओ, बैतूल




