Viral Infection News : जिले में वायरल के साथ स्क्रब टायफस का बढ़ा खतरा, चिकित्सकों की सलाह- बुखार , सर्दी , खांसी को हल्के में ना लें नागरिक

Viral Infection News : Increased risk of scrub typhus along with viral in the district, doctors' advice - citizens should not take fever, cold, cough lightly.

 

Viral Infection News : (बैतूल)। बारिश और उमस के बीच शहर में वायरल इंफेक्शन तेजी से बढ़ रहा है। बीमारों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। अस्पताल में सर्दी खांसी बुखार के मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है, लेकिन इस सबके बीच स्क्रब टायफस के कुछ मरीज सामने आने के बाद चिकित्सक भी यह मान रहे हैं कि किसी भी स्तिथि में सर्दी, खांसी और बुखार को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

वायरल इंफेक्शन की अवधि तीन दिन की होती है। इसके बाद भी अगर मरीज ठीक नहीं हो रहा तो उसकी जांच जरूरी हो जाती है, क्योंकि, एक कीड़े के काटने के बाद स्क्रब टायफस के कुछ मरीज सामने आए हैं, जिसके बाद इसके खतरे से भी इंकार नहीं किया जा सकता अत: ऐसी स्तिथि में लापरवाही भारी भी पड़ सकती है।

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हरियाली और गंदगी में पनपता है कीड़ा, घटने लगती है प्लेटलेट्स की संख्या बारिश के बीच बीच मे होने वाली गर्मी और उमस के कारण बीमारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉ. नितिन देशमुख के मुताबिक ऐसे मौसम में होने वाले हल्के बुखार, बदन दर्द, सर्दी, खांसी को नजरअंदाज करना कहीं ना कहीं खतरनाक भी हो सकता है, क्योंकि स्क्रब टायफस कि बीमारी एक ऐसे कीड़े के काटने से होती है जो ऐसे ही मौसम में पनपता है।

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इस कीड़े के काटने का पता तो नहीं चलता, लेकिन सर्दी खांसी, बुखार के जरिये धीरे-धीरे लक्षण जरूर दिखाई देने लगते हैं। यदि वायरल इंफेक्शन है तो तीन दिन में मरीज को आराम लग जाता है, लेकिन यदि स्क्रब टायफस है तो मरीज का दम भराने के साथ-साथ प्लेटलेट्स में भी कमी आनी शुरू जाती है। जिसका सीधा असर मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ने लगता है। ऐसे में मरीज के कोमा में जाने कि भी स्तिथि निर्मित हो सकती है।

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यदि बुखार जल्द ठीक नहीं हो रहा हो तो अपने शरीर मे देखें कि कहीं कोई कीड़े ने काटा तो नहीं है। कीड़े के काटने से उस जगह गोल लाल घेरा नजर आने लगता है। यदि ऐसा नजर आए तो इलाज में जरा भी देरी करना परेशानी का सबब बन सकता है। ऐसी परिस्तिथि में तुरंत किसी अच्छे चिकित्सक से उपचार लेने की जरूरत होती है। श्री देशमुख ने बताया कि यह कीड़ा अक्सर हरियाली, खेतों, मवेशी बांधने वाली जगहों पर पाया जाता है। लिहाजा लोगों को ऐसी जगहों पर जाने से बचना चाहिए।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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