बैतूल पॉलिटिकल कॉलम : कौनसे नेताजी छुपे रुस्तम है, जो चुनाव के पहले अचानक फील्डिंग कर रहे? आमला में 1 किस नए चेहरे ने ताल ठोक कर अन्य दावेदारों की मुसीबत बढ़ाई?

Betul Political Column: Which Netaji is the hidden Rustam, who is suddenly fielding before the elections? Amla Mein 1 Which new face created trouble for the other contenders?

इन भैया की दरियादिली का आखिर क्यों नहीं है कोई जवाब? पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में…..

Betul Political Column : जिले की राजनीति में एक वरिष्ठ नेता को छुपा रूस्तम की संज्ञा दी गई है। सत्तारूढ़ पार्टी से ताल्लुकात रखने वाले इन नेता के बारे में कहा जाता है कि बैतूल के अलावा भोपाल में भी निवास करते हैं, लेकिन इनके आने-जाने को लेकर कोई भी कुछ बताने से इंकार करता है। इसी वजह इन्हें छुपा रूस्तम कहा जाता है।

विधानसभा चुनाव निकट है और अभी भी नेताजी के छुपा रूस्तम होने के खासे मायने निकाले जा रहे हैं। एक विधानसभा सीट पर दूसरी बार भाग्य अजमाने के लिए स्थानीय नेता से दूरियां बनाकर भोपाल में उनकी फील्डिंग और जुगलबंदी देखते ही बनती है। अपने मधुर संबंधों का उपयोग कर भोपाल में भी उन्हें कई वरिष्ठ नेताओं के पास आते-जाते देखा जा रहा है। उनकी अचानक सक्रियता से सत्तारूढ़ पार्टी की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं चल पड़ी हैं। इन नेता जी को पार्टी ने पांव-पांव वाले भैया की संज्ञा दे रखी है।

आमला की उठापटक में एक और नया चेहरा

विपक्षी पार्टी के हाथ से तीन मर्तबा आमला सीट निकलने के बावजूद एकजुटता नहीं दिख रही है। इसका फायदा अब तक कमजोर माने जाने वाले सीटिंग एमएलए खूब उठा रहे हैं। अब तक पूर्व चुनाव में भाग्य अजमाने वाले नेताजी से लेकर दो कांग्रेस नेत्री, एक जिला पंचायत सदस्य के अलावा एक महिला अधिकारी का नाम चर्चा में है। अचानक कांग्रेस की राजनीति में धूमकेतु की तरह एक पूर्व हाईकोर्ट के कांग्रेस समर्थित अधिवक्ता का नाम सामने आया है।

उन्होंने अपने संपर्को से दिल्ली और भोपाल में दमदारी से बात रख दी है। उन्हें क्या जवाब मिला यह तो पता नहीं, लेकिन रविवार से उनके जनसंपर्क शुरू करने की खबर ने अन्य दावेदारों के लिए आग में घी डालने का काम कर दिया है। देखना यह है कि हाईकोर्ट के यह अधिवक्ता की कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात क्या गुल खिलाती है।

इनकी दरियादिली के हर कोई मुरीद हुए

जिले में एक नेता ऐसे हैं जो चुने हुए जनप्रतिनिधि नहीं है, लेकिन एक पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता कहे जाते हैं। वैसे उनके बारे में कहा जाता है कि उनके पास कोई भी समय से लेकर गया व्यक्ति बैरंग नहीं लौटता। आर्थिक सहायता करने में भी वे बड़ा दिल दिखाते आए हैं।

पिछले दिनों जिला मुख्यालय के समीप एक गांव में ग्रामीणों से सामान्य मुलाकात के लिए पहुंचे थे। अचानक ग्रामीणों ने खस्ताहाल सड़क से कीचड़ में चलने की परेशानी बताई तो बड़े दिल वाले नेताजी ने अपने खुद के खर्च पर एक लाख की राशि सड़क बनाने के लिए देने का एलान कर दिया। उनकी इस घोषणा से बड़ी संख्या में बैठे ग्रामीण हतप्रद रह गए, हर कोई मुक्तकंठ से प्रशंसा करना नहीं चुके। बताते चले कि इन नेताजी को एक पार्टी की राजनीति का चाणक्य कहा जाता है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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