प्रशासनिक कोना: सांप निकलने के बाद लकीर पीटने रहे साहब आखिर किस वजह चर्चा में?? पुलिस विभाग की सोफे वाली मेडम अब किसको कह रही बैतूल के नेताओं में उनका ट्रांसफर कराने में दम नहीं?? स्वास्थ्य विभाग में तबादला एक्सप्रेस में कौन- कौन हुए उपकृत? किसने खोला साहब के खिलाफ मोर्चा???? पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……

Betul Samachar: Sir, after getting out of the snake, what is the reason behind beating the streak?? To whom is the sofa madam of the police department now telling that the leaders of Betul do not have the guts to get her transferred?? Who all were benefited in the transfer express in the health department? Who opened the front against sir???? Read our famous column in the administrative corner......

पॉलिटिकल कॉलम: सांप निकलने के बाद लकीर पीटने रहे साहब आखिर किस वजह चर्चा में?? पुलिस विभाग की सोफे वाली मेडम अब किसको कह रही बैतूल के नेताओं में उनका ट्रांसफर कराने में दम नहीं?? स्वास्थ्य विभाग में तबादला एक्सप्रेस में कौन- कौन हुए उपकृत? किसने खोला साहब के खिलाफ मोर्चा???? पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में......Betul Samachar: सांप निकलने के बाद लकीर पीटने की कहावत सभी जानते है। हमारे प्रशासनिक विभाग में भी इन दिनों एक बड़े साहब इस कहावत को चरितार्थ करते हुए दिखाई दे रहे है। इन दिनों साहब को दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण करने और बच्चों को पढ़ाने का जुनून सवार हुआ है। सरकारी स्कूलों का रिजल्ट खराब होने के बाद साहब निरीक्षण कर क्या कर पाएंगे, यह समझ नहीं आ रहा है, क्योंकि जिन्हें पास होना था हो गए और जिन्हें फेल होना था वे भी दूसरी क्लास में जाने लगे। अब साहब सांप निकलने के बाद लकीर पीट रहे है।

लोग नसीहत दे रहे है कि इससे अच्छा तो यह है कि साहब पढऩे-पढ़ाने का काम मासाब पर छोड़ दे और चुनावी ड्यूटी से मुक्त करने की पहल करें तो रिजल्ट अपने आप सुधर जाएंगा। साहब को स्कूलों का भी निरीक्षण नहीं करना पड़ेगा। वैसे भी लोगों की जुबान पर चर्चा है कि साहब ग्रामीण क्षेत्र का दौरा कर रहे, लेकिन जनसुनवाई में भीड़ कम होते दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में गांव-गांव घूमने की औपचारिकता पर उनके ही अधीनस्थ अफसर खिल्ली उड़ाने से नहीं चूक रहे है।

दम नहीं किसी में, जो हटा सके

पुलिस विभाग में एक चर्चित महिला अधिकारी फिर सूर्खियां बटोर रही है। अपने कुछ राजनैतिक रसूखों के कारण अब वे बैतूल से जाने के मूड में नहीं है। पहले वे कहते फिरती थी कि उन्हें अपने गृह जिला इंदौर के आसपास जाना है, लेकिन पिछले दिनों जुंआ कांड और अपने घर का फर्नीचर का भुगतान करने के मामले में उलझी हुई है। उनका एक ऑडियो भी वायरल हुआ। इधर महिला अधिकारी अब अपने चाहने और मिलने वालों से कह रही है कि बैतूल के नेता जैसे कई आए है जो उनका तबादला करा पाए। भले ही नौकरी को कम समय हुआ, लेकिन इतनी इमेज बनाई है, जहां जितने वर्ष रहना है, रह सकती हूं। उनके इस बड़बोली बात की चर्चा विभाग से निकलकर शहर के चौक चौराहे पर आ पहुंची है। अब देखना है कि महिला अधिकारी ने जिन नेता को लेकर यह बात कही है, क्या एक्शन लेते है।

तबादलों से खिला साहब का चेहरा

सरकार द्वारा तबादले से प्रतिबंध हटाते ही विभाग प्रमुखों की पांचों ऊंगली घी में आना कोई नई बात नहीं। स्वास्थ्य महकमे में हाल ही में हुए तबादलों की गूंज अब दूर तक जा पहुंची है। चर्चा है कि एक साहब ने यहां के एक अंगद के पांव की तरह जमे बाबू के साथ मिलकर बड़ा खेल खेला। इनमें एक वर्ष से कम पदस्थापना वालों को भी इधर से उधर करने में कसर नहीं छोड़ी।

ऐसे कर्मचारियों की संख्या करीब दो दर्जन बताई जा रही है। यह लोग अपना दुखड़ा भाजपा के जनप्रतिनिधियों को भी बता चुके है, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिल पाई। साहब का चेहरा इन तबादलों से काफी खुश है, क्योंकि दर्जनों कर्मचारियों से मोटी रकम की डिमांड की जा चुकी है। अब अंदरखाने की खबर है कि उनके खिलाफ स्थानांतरित हुए कर्मचारियों ने मोर्चा खोल लिया है। मीडिया के अलावा वे हाईकोर्ट से स्टे भी लाकर उनकी परेशानी बड़ा दे तो कोई नई बात नहीं होगी। साहब के बारे में कहा जाता है कि उनकी जहां अभी पदस्थापना रही, विवादों के रहने के अलावा खुले आम लक्ष्मी लेने के आदी है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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