Betul Crime News: जुएं की फड़ मेंं पुलिस की दोहरी भूमिका, लाखों की जब्ती हजारों में सिमटी 

Betul Crime News: Dual role of police in gambling bust, seizure of lakhs reduced to thousands

हर थानाक्षेत्रों में पुलिस की भूमिका पर सवाल, वरिष्ठ अधिकारियों की हमेशा चुप्पी भी कटघरे में

Betul Crime News: बैतूल। यह बात कड़वे सच की तरह है कि बैतूल जिले में इस समय जुआ एवं सट्टा चलाने वालों को फ्रीहैंड मिला है। यदि ऐसा नहीं होता तो शहर और गांव की गलियों से लेकर खेतों में सट्टे-जुआ चलाने वाले खुलेआम अपना इरादा नहीं दिखाते। कहा जा रहा है कि कहीं न कहीं अप्रत्यक्ष रूप से पुलिस की मिलीभगत के बाद ही ताबड़तोड़ जुएं-सट्टे का कारोबार संचालित हो रहा है।

इसके बाद खबरें प्रकाशित होने या जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर पुलिस को मजबूरी में कार्रवाई करना पड़ रहा है, लेकिन यहां पर भी पुलिस की पांचों उंगली घी में दिखाई दे रही है। दरअसल बड़ी तदाद में जुआरियों के पकड़ाएं जाने पर रकम की असलियत सामने नहंी आ रही है। यही वजह है कि पुलिस की दोहरी भूमिका पर इस समय सवालियां निशान खड़े हो गए हैं।

सूत्र बताते हैं कि जिले में अवैध गतिविधियां खुलेआम संचालित की जा रही है। यह सिलसिल पिछले दो माह से अधिक चल रहा है। जानकार लेकिन अपूष्ट सूत्रों ने दावा किया है कि जुएं पर दाव लगाने वाले जुआरियों को जब तक पुलिस संबंधित थाना पुलिस से हरीझंडी नहीं मिलती है, तब तक खुलेआम सार्वजनिक स्थानों पर फड़ लगाना संभव नहीं है।

पहले यह फड़ शहरी और ग्रामीण अंचलों से दूर खेतों एवं दुरुस्थ स्थानों पर लगती थी, लेकिन अब गांव और शहरों से सटे स्थानों पर खुलेआम दांव पेंच लग रहे हैं। इसी वजह पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े होना लाजमी है।

दो दर्जन स्थानों पर जुएं की बड़ी फड़ संचालित

जानकार सूत्रों ने बताया कि इस समय जिले के कई प्रमुख थानों में दो दर्जन से अधिक जगह जुएं की फड़ जम रही है। इन फड़ को संचालित करने में करीब आधा दर्जन जुआरियों की प्रमुख भूमिका है। इनमें अधिकांश चेहरे चर्चित बताएं जाते हैं। इनके नाम गोलू, पंकज, गब्बर, संदीप, प्रकाश के नाम सामने आए हैं।

यह जुआरी ऐसे हैं जिन्होंने अधिकांश थानाक्षेत्र के जुआ घरों को अपने कब्जे में कर रखा है। कहीं न कहीं इनकी भूमिका हर जुआ घर में प्रमुख बताई जा रही है। पांचों मुख्य जुआरी संबंधित थाना पुलिस से सांठगांठ कर अलग-अलग दिन अपनी टीम से जुआ घर संचालित कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि इनमें पटरी नहीं बैठती, लेकिन कही न कही आपसी तालमेल स्थापित कर जिले के दो दर्जन से अधिक स्थानों पर बड़े जुआ घर संचालित किए जा रहे हैं।

पुलिस की भूमिका पर इसलिए उठ रहे सवाल

इस समय पुलिस की भूमिका जुआ के साथ सट्टा संचालित करने तक ही सीमित नहीं है। जनप्रतिनिधियों और मीडियाकर्मियों द्वारा जानकारी देने के बाद पुलिस फड़ पर छापा मारकर औपचारिकता निभा रही है। इसकी बानगी कई बार देखने को मिल चुकी है। इसकी बानगी पिछले दिनों बैतूलबाजार पुलिस ने बडोरा के पास एक फड़ पर छापा मारकर जुआ पकड़ने की कार्रवाई की तो 12 हजार 700 रुपए जब्त किए।

खेड़ी में गब्बर की टीम पर कार्रवाई की तो कोतवाली पुलिस ने 10 हजार की जब्ती बनाई। दूसरी तरफ गांव के लोग और वीडियो बनाने वालों ने दांवा किया की जिस समय पुलिस की कार्रवाई हुई, तब दोनों ही स्थानों पर आधा सैकड़ा से अधिक जुआरी मौजूद थे। थाने आते-आते जुआरियों की संख्या कम और लाखों की जब्त राशि हजारों में पहुंच गई। पुलिस दोहरा रवैया अपनाकर जुआरियों को खुलेआम संरक्षण देकर कटघरे में है तो दूसरी तरफ जुएं की राशि में गड़बड़झोल को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रही हैं।

थाना हुंचते-पहुंचते बदल गई पूरी स्थिति

बीती रात बडोरा के पास बैतूलबाजार पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक जुएं की फड़ पर छापा मारकर 6 आरोपियों को हिरासत में लिया। इनके नाम पंकज नाईक, अशोक पाल, सुदेश सिकरवार, टेकचंद आर्य और प्रदीप पिता दीनदयाल बताए जा रहे हैं, जबकि जानकारों ने बताया कि पुलिस ने जिस समय यहां पर छापा मारा उस समय यहां पर 60 से 70 जुआरी लाखों रुपए के दांव लगाकर खेल रहे थे।

यह जानकारी मीडिया को भी लगी, लेकिन बैतूल बाजार थाना प्रभारी ने फोन रीसिव नहीं किया। जब वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया, तब तक देर हो चुकी थी। थाने ले जाते तक आरोपियों की संख्या दर्जनों से महज 6 पर सिमट कर रह गई। यहां पर भी रकम को लेकर बैतूल बाजार टीआई गोलमाल जवाब देती रही।

दावा किया है कि मुख्य आरोपी कोलगांव निवासी पंकज काले घटना स्थल से फरार हो गए, जबकि सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने उसे भी रंगे हाथों दबोच लिया था। वह पुलिस के हाथों से कैसे बच निकला। इस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

इनका कहना…

जुआ-सट्टे पर रोक लगाने के लिए थाना-चौकी प्रभारियों को क्राइम बैठक से लेकर हर मर्तबा कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं। जहां पर जुआ चलने की जानकारी सामने आ रही है, वहां पर पुलिस कार्रवाई कर रही है।

निश्चल एन झारिया, एसपी बैतूल 

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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