Betul Ki Khabar: 44 लाख के वाकिंग ट्रेक ग्र्राउंड लेवल से आधा फीट ऊपर बनाया?
Betul Ki Khabar: Walking track worth Rs 44 lakh built half feet above ground level?

भविष्य में ड्रेनेज की कमी के चलते ग्राउंड बन जाएगा स्विमिंग पुल, लाखों का फिर लगेगा चूना
Betul Ki Khabar: बैतूल। आम नागरिकों की सुविधा और स्वास्थ्य को देखते हुए पुलिस ग्राउंड पर लाखों की लागत से नगर पालिका वाकिंग ट्रेक का निर्माण करवा रही है। बिना प्लानिंग और दूरदृष्टि के बनाए जा रहे इस ट्रैक में इंजीनियरिंग पूरी तरह फेल नजर आ रही है। चारों तरफ सर ट्रैक की ऊंचाई ग्राउंड लेबल से आधा फीट ऊपर उठा दी है। ट्रैक के बीच मे कुछ जगहों पर पानी निकासी के लिए पाईप जरूर लगाए गए हैं, लेकिन ड्रेनेज के लिए किए यह उपाय नाकाफी हैं। ऐसे में बारिश के समय ग्राउंड स्विमिंग पूल में तब्दील हो जाएगा, दूसरी तरफ पुलिस विभाग के आरक्षित इस ग्राउंड को लेकर पुलिस विभाग की मुसीबत भी बढ़ सकती है। सिविल कांट्रेक्ट के जानकार भी इस निर्माण को पैसों की बर्बादी बता रहे हैं, क्योंकि ड्रेनेज को लेकर यहां पर्याप्त बंदोबस्तों की कमी साफ नजर आ रही है। बिना प्लांनिग के किए जा रहे काम के चलते भविष्य में परेशानियां होना भी तय बताया जा रहा है।
वाकिंग के लिए खर्च हो रहे लाखों रुपए
दसअसल पुलिस ग्राउंड पर रोजाना सैकड़ों लोग मॉर्निंग और इवनिंग वॉक के लिए पहुंचते हैं। सुविधा की दृष्टि से 2 साल पहले उबड़ खाबड़ रास्ते को समतल करवा कर यहां डस्ट डलवाकर ट्रैक बना दिया गया था। इस काम मे 3 लाख रुपए खर्च किए गए थे। कुछ ही महीनों पहले इस ट्रैक को अपग्रेड किए जाने के लिए नगरपालिका ने 44 लाख रुपए का प्रोजेक्ट तैयार कर इसका काम भी शुरू करवा दिया। इस 44 लाख में यहां 6 सीटर शौचालय भी बनवाएं जाने हैं। इसमें एक शौचालय महिलाओं और दूसरा पुरुषों के लिए बनाया जाना है, लेकिन इस पूरे प्रोजेक्ट को आंखे बंद कर जैसे तैसे पूर्ण करने की कोशिश की जा रही है। जिस तरह से यहां ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। उससे तय है कि ग्राउंड के चारों तरफ ड्रेनेज नहीं होने की वजह से बारिश का पानी ग्राउण्ड से बाहर नहीं निकल पाएगा और पुलिस विभाग की परेशानी बढ़ जाएगी।
ग्राउंड लेबल से आधा फीट बढ़ा दी ट्रैक की ऊंचाई
नगर पालिका के ठेकेदार द्वारा ग्राउंड के चारों तरफ बाउंड्रीवाल से लगकर ट्रैक का निर्माण किया गया है। इस ट्रैक की ऊंचाई करीब आधा फिट उठाकर बीच मे मुरम डाल दी है। ट्रैक के एक तरफ ग्राउंड और दूसरी तरफ लोगों के बैठने के लिए बेंच आदि लगी हुई हैं। भविष्य में यदि तेज बारिश होगी तो जहां ग्राउंड पानी से लबालब हो जाएगा। साथ ही ट्रैक और बाउंड्रीवाल के बीच भी स्विमिंग पूल जैसी स्थिति निर्मित हो जाएगी और लोगों को बैठने-उठने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ग्राउंड से पानी निकासी के लिए ट्रैक को क्रॉस करके 4 इंच के पाइप जरूर लगा दिए हैं, लेकिन इन पाइपों के चोक होने की स्थिति ज्यादा नजर आ रही है। ऐसे में यदि ग्राउंड में पानी भराएगा तो पुलिस विभाग की परेशानी बढ़ना भी तय माना जा रहा है।

ग्राउंड के बाहर भी नहीं ड्रेनेज के इंतजाम
वाकिंग ट्रैक से ग्राउंड के भीतरी हिस्सा पानी से किस तरह लबालब हो जाएगा इसकी सबसे बड़ी वजह यह भी सामने आ रही है कि ग्राउंड के बाहर ड्रेनेज की कोई व्यवस्था ही नहीं है। गुरुद्वारा रोड जहां ग्राउंड लेबल से ऊंचा बना हुआ है तो चौपाटी वाली सड़क पर भी पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। गंज थाने से लेकर पुलिस कालोनी के बीच मे भी नालियों के नहीं होने से पानी थमने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि नगरपालिका परिषद एक बार फिर बिना प्लानिंग के काम मे जनता के खून पसीने की गाढ़ी कमाई तो सत्यानाश कर ही रही है, बल्कि पुलिस विभाग के लिए भी परेशानी खड़ी कर रही है।
एक्पर्ट व्यू..
जिस तरह से ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है उस स्थिति में ग्राउंड में पानी थमना तय है। ट्रेक की क्रॉसिंग कर बड़े साइज के पाइप लगाना होता है, ताकि पाईप चोक होने जैसे स्थिति न हो। बाउंड्रीवाल और ट्रैक के बीच में बोल्डर और बजरी की फिलिंग किए जाने की भी आवश्यकता है। इससे पानी थमने के बजाए गिट्टी बजरी से ऑब्जर्व होकर निकल जाएगा। यहां यह भी ध्यान रखा जाना ज्यादा जरूरी है कि ग्राउंड से निकलने वाले पानी की निकासी के लिए ग्राउंड के बाहर ड्रेनेज की व्यवस्था है कि नहीं यदि इन सभी तथ्यों को ध्यान रखकर निर्माण कराया जाता है तो परेशानी खड़ी होने से रोका जा सकता है।
दिव्यंक पांडे, सिविल इंजीनियर बैतूल
इनका कहना……
ट्रेक निर्माण स्थल का निरीक्षण करेंगे। यदि पानी निकासी की व्यवस्था में कमी नजर आएगी तो इसके समुचित इंतजाम कराये जाएंगे ताकी आगे दिक्कतें ना हो ।
सतीश मटसेनिया मुख्य नगर पालिका अधिकारी बैतूल
ग्राउंड के कार्नर पर ट्रेक का निर्माण हो रहा है। इंजीनियर को बुलवाकर व्यवस्था समझी और देखी जाएगी यदि पानी थमने के आसार नजर आते हैं तो इसे सुधरवाया जाएगा।
निश्चल एन झारिया, एसपी बैतूल




