सही साबित हुई सांझवीर की खबर, पांसे को पीसीसी में उपाध्यक्ष बनाया

टेकाम और पूर्व विधायक डागा को महासचिव बनाकर बैलेंस की कांग्रेस राजनीति

बैतूल। बीती रात प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बहुप्रतिक्षित कार्यकारिणी का ऐलान हो गया। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने अपनी 177 कांग्रेसियों की जेंबो कार्यकारिणी में जिले से पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे को उपाध्यक्ष बनाकर उनका राजनैतिक कद बढ़ाया है। पूर्व विधायक निलय डागा और आदिवासी कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम को महासचिव बनाकर उनका रूतबा बढ़ाने का भी प्रयास किया गया है। शेष नेता कार्यकारिणी में स्थान पाने में सफल नहीं हो सके।

जिले से जिन तीन कांग्रेसियों को कार्यकारिणी में शामिल किया गया है, इससे कांग्रेस राजनीति को बैलेंस करने का प्रयास माना जा रहा है। पांसे को पीसीसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने को लेकर सांझवीर टाईम्स ने 8 अक्टूबर के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें संभावना जताई थी कि पूर्व विधायक डागा को भी कार्यकारिणी में शामिल किया जा सकता है और हुआ भी ऐसा ही।

पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे का राजनैतिक कद कांग्रेस में काफी अलग माना जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी होने के साथ जिले में कांग्रेसियों को एकजुट करने के अलावा संगठन द्वारा दिए गए दायित्वों का बखूबी निर्वाहन करने की कला उन्हें कांग्रेस के अन्य नेताओं से अलग रखती है। यही वजह है कि जिले की कांग्रेस राजनीति में उनका नाम पहले पायदान पर रखा जाता है।

दिसंबर 2023 में जब कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर जीतू पटवारी को कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था, तब जिले में भी राजनीति के नए संकेत मिले थे, लेकिन पांसे ने बीते दस माह में बिखरी कांग्रेस को एक करने का बीड़ा उठाया है। उसी का परिणाम है कि उन्हें पीसीसी की नई कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही थी।

सांझवीर टाईम्स ने 8 अक्टूबर के अंक में इस बात के स्पष्ट संकेत दिए थे कि पूर्व मंत्री पांसे को पीसीसी की कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंपी जा सकती है। शनिवार रात घोषित कार्यर्कारिणी में हुआ भी ऐसा ही। पांसे को प्रदेश के 17 प्रमुख नेताओं के साथ उपाध्यक्ष बनाया गया है। इनमें पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, लखन घनोघोरिया, प्रियवत सिंह, सचिन यादव, पूर्व विस उपाध्यक्ष हिना कावरे समेत कई दिग्गज शामिल हैं। इससे पांसे की राजनैतिक कद को आसानी से समझा जा सकता है। दरअसल पीसीसी चीफ ने अपनी कार्यकारिणी में केवल 17 नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया है, बाकी को अन्य जिम्मेदारियां दी गई है।

डागा-टेकाम की भी लगी लॉटरी

177 सदस्यों की कांग्रेस कार्यकारिणी में पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे के अलावा बैतूल के पूर्व विधायक निलय डागा के साथ बीते चुनाव में लोकसभा प्रत्याशी रहे और आदिवासी कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम को भी स्थान दिया गया है। कार्यकारिणी में 71 महासचिवों में दोनों के नाम भी शामिल हैं। इनमें से डागा का नाम चौकाने वाला है। दरअसल वे विधानसभा चुनाव में पराजित होने के बाद अधिक सक्रिय नहीं देखे जा रहे थे। हालांकि रामू टेकाम को उनकी सक्रियता के अलावा कमलनाथ के निकट होने का फायदा मिला है। जिले से महिला पदाधिकारियों और अन्य पूर्व विधायकों को कार्यकारिणी में स्थान नहीं दिया गया है। कांग्रेस के राजनीति के सूत्र बताते हैं कि प्रदेश संगठन ने जिले की कांग्रेस राजनीति को बैलेंस करने के लिए पांसे-टेकाम के अलावा पूर्व विधायक डागा को कार्यकारिणी में स्थान दिया है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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