Today Betul News: सिविल सर्जन का पद पाने के लिए कई डॉक्टरों में होड़

Today Betul News: Competition among many doctors to get the post of Civil Surgeon

डॉ. बारंगा के सेवानिवृत्त होने के बाद आधा दर्जन डॉक्टर कतार में

Today Betul News: बैतूल। पिछले लंबे समय से जिला अस्पताल का सफल संचालन और कर्मचारियों के बीच अपनी मिलनसार छवि के कारण काफी लोकप्रिय सिविल सर्जन डॉ. अशोक बारंगा नवम्बर में रिटायर होने वाले हैं। रिटायरमेंट को अभी 5 माह बाकी हैं, लेकिन अगले सीएस कौन होगा, इसकी सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। अस्पताल में पदस्थ कुछ डॉक्टरों को यदि छोड़ दिया जाए तो कुछ की महत्वाकांक्षा अभी से उबाल मारने लगी है। राजनीतिक दांव पेंच की जुगाड़ लगानी भी शुरू की जा चुकी है, लेकिन क्या यह महत्वाकांक्षा परिणामों में तब्दील हो पाएगी, यह तो भविष्य ही बताएगा। फिलहाल डॉ. अशोक बारंगा का कार्यकाल सुचारू रूप से चल तो रहा है पर अस्पताल में पदस्थ कर्मचारी अगले सीएस को लेकर असमंजस की स्थिति में नजर आ रहे हैं।

डॉ बारंगा और नागले एक साथ होंगे सेवानिवृत्त

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक क्लास वन अधिकारी डॉ. अशोक बारंगा और डॉ ए डब्ल्यू नागले पिछले लंबे समय से जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पैथालाजिस्ट होने के साथ-साथ दोनों सीएस के पद का सफल निर्वहन भी कर चुके हैं। दोनों का ही कार्यकाल कर्मचारियों के लिए सन्तोषप्रद रहा है, लेकिन नवम्बर माह के अंत मे दोनों डॉक्टर एक साथ सेवानिवृत्त होंगे। ऐसे में अगला सीएस कौन होगा? इसके लिए चर्चाओं का दौर भी शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि सीनियरिटी के हिसाब से महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. गोहिया का नाम पहले नम्बर पर है, लेकिन जनवरी 2025 में उनका भी रिटायरमेंट होने की वजह से वे खुद ही इस पद को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखा रही हैं। दूसरे नम्बर पर डॉ.जगदीश घोरे के नाम की भी चर्चा चल रही है जो शिशु रोग विशेषज्ञ होने के साथ मिलनसार हैं। सूत्र बताते हैं कि सीएस के पद के लिए वैसे तो डॉक्टरों की लंबी चौड़ी फेहरिस्त है, लेकिन कुछ डॉक्टर ऐसे भी हैं, जिनकी दिलचस्पी इस पद के लिए नहीं के बराबर है और कुछ ऐसे भी हैं जिनकी महत्वकांक्षा अभी से हिलोरे मारने लगी हैं।

लोगों के बीच लोकप्रियता भी मापदंड में शामिल

सूत्र बताते हैं कि सरकारी अस्पताल में सिविल सर्जन का पद संभालने वाले डॉक्टर का सीनियरिटी के साथ साथ लोगों के बीच लोकप्रिय होना भी काफी जरूरी होता है, क्योंकि विवादित छवि के अधिकारी की पदस्थापना अक्सर विवादों को ही जन्म देती है। सिविल सर्जन में लम्बे चौड़े स्टाफ को संभालने की काबलियत भी होना आवश्यक माना जाता है, ताकि कर्मचारी बिना किसी तनाव के एक कुशल नेतृत्व में अपना योगदान दे सकें जो भी है, लेकिन आम नागरिकों की भी यह मंशा है कि पांच माह बाद जिला अस्पताल की कमान जिसे भी मिले वह ऐसा व्यक्तित्व होना चाहिए, इससेे अस्पताल के कर्मचारी और आमजनता दोनों को फायदा मिल सके जिसकी विवादित छवि ना हो। वैसे नए सिविल सर्जन के लिए डॉ जगदीश घोरे, डॉ. प्रदीप धाकड़, डॉ प्रतिभा रघुवंशी, डॉ रानू वर्मा, डॉ आनंद मालवीय का नाम सामने आ रहा है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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