Betul News: अवकाश खत्म होते ही चलेगा अवैध कालोनाइजरों पर चाबूक

Betul News: Crackdown on illegal colonizers as soon as holidays end

2016 के पूर्व की अवैध कालोनियों के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी

Betul News: बैतूल। मुख्यमंत्री के मुलताई आगमन के पहले समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए एजेंडे को अधिकारियों के समक्ष रखा था। इन एजेंडों में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में देरी पर नाराजगी भी जताई, लेकिन तीन माह में 36 हजार प्रकरण निराकृत होने पर कलेक्टर ने शाबासी भी दी, लेकिन अवैध कालोनियों के मामले में एक बार फिर कलेक्टर ने अपने इरादे साफ करते कहा कि 2016 के पहले की अवैध कालोनियों का निर्माण करने वाले लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराए, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहे।

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी अवैध कालोनाइजरों के खिलाफ पदभार ग्रहण करने के बाद से ही सख्त नजर आ रहे हैं। हालांकि उनके निर्देशों पर अधीनस्थ अमल नहीं कर रहे हैं। इसी वजह कई कालोनाइजरों को बचने का अवसर मिल गया, लेकिन कहावत है कि बकरे की मां कब तक खैर मनाएंगी, यह शीघ्र चरितार्थ होने वाली है। दरअसल पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मुलताई आगमन के पहले कलेक्टर ने जिले के सभी अधिकारियों की बैठक ली थी।

बैठक में राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर संतुष्टि जताई, लेकिन भविष्य में भी इसकी रफ्तार धीमी नहीं होने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों पर अपना कड़ा रूख दिखाया। इस मामले में जरा भी लापरवाही न करने की हिदायत भी दी। इसके बाद बारी आई अवैध कालोनियों की तो कलेक्टर ने इस पर भी दो टूक शब्दों में कहा है कि लोगों को कालोनियों में लोगों को मूलभूत सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाए।

अधिकारियों को कोताही न बरतने के निर्देश

बताया जाता है कि बैठक में कलेक्टर ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध कालोनियों के मामले में जरा भी कोताही न बरते। इधर सूत्रों का कहना है कि कलेक्टर के पास कई कालोनाइजरों को अभयदान देने जैसी जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को आड़े हाथ लिया। कालोनाइजरों की लाबी अधिकारियों पर दबाव बनाकर आरआई और पटवारी की सूची में अपना नाम न आने के लिए जिस तरह से दबाव बना रही है। यह बात भी कलेक्टर के संज्ञान में आने की खबर है। सूत्रों ने बताया कि कलेक्टर केवल हर तहसील क्षेत्र की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद एक-एक कर अवैध कालोनियों की कुंडली का खुद अवलोकन करेंगे। यदि रिपोर्ट और कलेक्टर के पास मिली शिकायतों में अंतर रहता है तो संबंधित पर कार्रवाई भी की जा सकती है।

2016 के पूर्व की कालोनियां वैध नहीं

कलेक्टर ने बैठक में राजस्व अमले की ओर इशारा करते हुए कहा कि अवैध कालोनाइजरों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। वर्ष 2016 के पूर्व की अवैध कालोनियों को वैध नहीं किया गया तो उन्हें भी अवैध घोषित किया जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कह चुके हैं कि नागरिकों को इन कालोनियों में बिजली पानी सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी पड़ेगी। इन सुविधाओं के लिए स्थानीय निवासियों को 20 प्रतिशत शेष व्यय स्थानीय निकाय द्वारा वहन किया जाएगा, लेकिन जिन कालोनियों को अवैध घोषित किया गया है। इन पर यहां का निरीक्षण कर उन्होंने अधिकारियों को कुंडली तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के इस रूख के बाद कहा जा रहा है कि तीन दिन का अवकाश खत्म होते ही अवैध कालोनियों पर गाज गिरना तय है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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