चंद किमी दूर से पानी लाने में नपा को छूट रहा पसीना

शहर में पेयजल आपूर्ति अभी भी प्रभावित, स्मार्ट सब इंजीनियर का पैतरा फिसड्डी साबित

बैतूल। अमृत योजना के अंतर्गत शहर के लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए ताप्ती पर बैराज बनाकर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन जल शाखा के एक ईमानदार सब इंजीनियर की प्लानिंग ने पूरा बंटाढार कर रखा है। हालात यह है कि 24 करोड़ खर्च करने के बाद भी भीषण गर्मी में ताप्ती बैराज से एनीकेट तक पानी क्यों नहीं पहुंच पा रहा।

चंद किलोमीटर दूर गंगूडोह से पानी आगे बढ़ाने में नपा को पसीना आ रहा, यह तमाम ऐसे सवाल हैं जो नपा अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। गंगूडोह से एनीकट तक पानी लाने के प्रयास शनिवार से किए जा रहे हैं। उसके बाद भी आज सोमवार लोग नलों के आने का इंतजार करते नजर आए। आज भी शहर के कई वार्डों में पानी की सप्लाई ना होने से लोगों में नाराजगी नजर आई।

बैराज में बताया जा रहा बिजली का फाल्ट

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ताप्ती बैराज से पाईप लाइन के जरिए एनीकेट तक पानी लाए जाने की व्यवस्था की गई है। ठंड और बारिश के मौसम में कभी भी पानी की सप्लाई बाधित नहीं होती, लेकिन पिछले 1 सप्ताह से बैराज सभी पानी लाने में दिक्कतें हो रही हैं। इसके पीछे पहले यह वजह बताई गई थी कि बैराज की मोटरें खराब होने के चलते मोटरों को सुधार के लिए भोपाल भेजा गया है।

बताया जा रहा है कि 5 दिन पहले ही मोटरें सुधर कर आ चुकी पर ताप्ती बैराज से एनीकट तक पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। अब इसके पीछे नपा के अधिकारी बिजली और लो वोल्टेज को दोषी बता रहे हैं। सवाल यह है कि गर्मी के मौसम में ही बिजली और लो वोल्टेज की समस्या आखिर कैसे निर्मित हो रही है। यदि ऐसा है भी तो बिजली कम्पनी के अधिकारियों से पत्राचार क्यों नहीं किया जा रहा है? आखिर यह समस्या सीधे आमजन और पानी से जुड़ी हुई है, लेकिन इसके बाद भी ना शहर के जनप्रतिनिधि और ना ही अधिकाी कोई उचित निर्णय ले पा रहे हैं।

अधिकारियों द्वारा हवा में चलाए जा रहे तीर

पिछले 1 सप्ताह से जलसंकट झेल रही शहर की जनता सब्र भी अब टूटता नजर आ रहा है। आक्रोशित जनता सब देख और समझ रही है। लोगों का कहना है की नपा के जनप्रतिनिधि और अधिकारी आमजनता के हितों को लगातार नजर अंदाज कर हवा में तीर चला रहे हैं। ताप्ती बैराज में यदि बिजली की समस्या है तो अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर इस समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। गंगूडोह से आगे यदि नदी का लेवल गड़बड़ होने के चलते पानी आगे रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है तो डीजल पम्प के सहारे पानी की रफ्तार बढ़ाने का तुक भी समझ से बाहर है।

जब यह समस्या अधिकारियों के संज्ञान में थी तो पहले से ही इसका बन्दोबस्त क्यों नहीं किया गया? अब जब शहर वासियों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है तो अधिकारी कुआं खोदे जाने का असफल प्रयास कर रहे हैं। जबकि नगरपालिका के स्मार्ट सब इंजीनियर और जल शाखा प्रभारी जून-जुलाई तक शहर के लोगों को आसानी से बैराज और लाखापुर का पानी उपलब्ध कराने के लिए मीडिया के सामने डींगे हाक रहे थे, लेकिन उनका बड़बोलापन यहां पर फिसड्डी साबित हो गया है। सवाल उठ रहे हैं कि जब सब इंजीनियर ने इंजीनियरिंग की डिग्री की है फिर शहर महज दो किमी पानी लाने में यह डिग्री काम क्यों नहीं आ रही है, जबकि वह मीडिया और अधिकारियों को भ्रमित करने वाली जानकारी देकर गुमराह कर रहे हैं।

इनका कहना….
गंगूडोह से पानी की रफ्तार बढ़ाने के लिए मडपम्प लगाए हैं। बिजली कनेक्शन के लिए बिजली कम्पनी को पत्र भी दिया है। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
नगेन्द्र वागद्रे, सब इंजीनियर नपा बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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