Betul Police Petrol Pump: लाखों का राजस्व देने वाला पुलिस पेट्रोल पंप लो वोल्टेज का शिकार
अधिकारी बेखबर, हर दिन हजारों का उठाना पड़ रहा नुकसान

Betul Police Petrol Pump: बैतूल। पुलिस विभाग को अतिरिक्त आमदनी का जरिया प्रदान करते हुए तत्कालीन महिला पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद के अथक प्रयासों के बाद स्टेडियम की समीप पुलिस पेट्रोल पंप की शुरुआत की गई थी। समय के साथ इस पंप ने अपने प्रोडक्ट की शुद्धता को लेकर ग्राहकों के बीच एक बड़ा एम्पायर खड़ा करने में कामयाबी हासिल तो की, लेकिन मौजूदा हालातों में अधिकारियों की अनदेखी विभाग को मिलने वाले राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रही है।
प्रतिदिन पेट्रोल पंप लो वोल्टेज की समस्या से जूझते हुए बंद हो रहा है, इसकी वजह से यहां एक भरोसा लेकर आ रहे ग्राहकों को मजबूरी में दूसरे पेट्रोल पम्प पर जाकर पेट्रोल भरवाना पड़ रहा है। लो वोल्टेज के चलते मशीनें बन्द होने के कारण ही यह सभी समस्याएं निर्मित हो रही हैं, लेकिन इसे विडम्बना ही कहा जाएगा कि विभाग को लगातार राजस्व का नुकसान होने के बावजूद इसकी देखरेख और मैनेजमेंट संभालने वाले अधिकारी को इसकी खबर तक नहीं है।
जानकारी के मुताबिक पिछले एक माह से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अधिकारियों ने समस्या का समाधान निकालने के लिए बिजली कम्पनी के अधिकारियों से कोई पत्राचार तक नहीं किया। आश्चर्य तो इस बात का है कि पम्प की जिम्मेदारी सम्भालने वाले अधिकारी को यह तक पता नहीं है कि पेट्रोल पंप पर इस तरह की कोई समस्या भी निर्मित हो रही है।
घंटे भर मे ही हो रहा हजारों का नुकसान
दरअसल पेट्रोल पंप पर कभी भी अचानक बिजली सप्लाई में वोल्टेज कम हो जाता है। इसके चलते जितना वोल्टेज मशीनों को चाहिए उतना नहीं मिल पाने के चलते मशीनें भी काम करना बंद कर देती हैं। लिहाजा कर्मचारियों को भी अपना काम बंद कर खाली बैठना पड़ता है। इस अवधि में जितने भी ग्राहक पम्प पर पहुंचते हैं, उन्हें निराशा के साथ साथ दूसरे पम्पो पर जाकर पेट्रोल लेना पड़ रहा है। जिस तरह से काफी कम समय में इस पम्प ने एक विश्वसनीयता बनाई है।
ठीक उसी तरह ग्राहकों को भी निराश होना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि आधा या एक घंटे यदि पम्प बन्द रहता है तो हजारों का नुकसान होना भी स्वाभाविक है, क्योंकि पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए लगातार चौपहिया और दो पहिया वाहनों का रेला लगा रहता है। जिस तरह से यह समस्या निर्मित हो रही है और जिम्मेदारों को इसकी भनक तक ना होना अपने आप मे कई सवाल भी खड़े कर रही है।
ग्राहकों की विश्वसनीयता हो रही कम
भले ही पुलिस पेट्रोल पंप पर निर्मित हो रही इस समस्या से अधिकारी बेखबर हैं, लेकिन शहर का एक बड़ा वर्ग पंप पर मिलने वाले पेट्रोल डीजल की विश्वसनीयता पर आंख बंद कर भरोसा करता है। पेट्रोल पंप के नियमित ग्राहक बताते हैं कि पिछले एक माह से इस पम्प पर लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। महीनें में लगभग कई बार ऐसा हो चुका है कि हम पेट्रोल भरवाने के लिए पम्प पर पहुंचे तो जानकारी मिली कि वोल्टेज कम होने के चलते पम्प से ईंधन नहीं मिल पाएगा, ऐसे में अन्य पेट्रोल पम्प पर जाकर पेट्रोल भरवाना पड़ता है।
ग्राहकों का साफ कहना है कि वे एक भरोसा लेकर यहां आते हैं, लेकिन निराशा ही हाथ लगने के बाद अब यह लगने लगा है की अन्य पम्पो पर जाकर पेट्रोल ले लिया जाए ताकि कम से कम समय की भी बचत होगी और लम्बा फेरा भी नहीं लगाना पड़ेगा।
हो रहा राजस्व का नुकसान, अधिकारी बने अंजान
इस मामले को लेकर जब पंप की व्यवस्था संभाल रहे आरआई दिनेश सोनकर से चर्चा की गई तो पता चला कि पेट्रोल पंप पर व्याप्त इस समस्या की उन्हें जानकारी तक नहीं है, जबकि इसके ठीक विपरीत पम्प से विभाग को होने वाली आमदनी लगातार प्रभावित हो रही है। जबकि रोजाना का हिसाब किताब देखकर सहज ही इस बात का अंदाजा लग जाना चाहिए कि पेट्रोल की बिक्री से होने वाली आमदनी में आखिर अंतर क्यों आ रहा है।
आश्चर्य इस बात का भी है कि उन्होंने अभी तक विभागीय स्तर पर बिजली कम्पनी के अधिकारियों से कोई पत्राचार तक क्यों नहीं किया, जबकि लो वोल्टेज की समस्या से बन्द हो रहे पम्प की वजह से रोजाना हजारों रुपए का नुक्सान उठाना पड़ रहा है। जो भी है, लेकिन विभाग के उच्च अधिकारियों को इस मामले में संज्ञान लेने की आवश्यकता है ताकि विभाग को मिलने वाले वास्तविक राजस्व की नुकसानी की भरपाई हो सके और ग्राहकों की विश्वसनीयता भी बरकरार रह सके।
इनका कहना……
पम्प पर लो वोल्टेज की समस्या आ रही है इसकी मुझे जानकारी नहीं है। बिजली कम्पनी से भी कोई पत्राचार नहीं किया गया है। ऑपरेटरों से इस संबंध में जानकारी लेंगे।
दिनेश मर्सकोले, आरआई बैतूल




