Betul Samachar: बदहाल सड़कों पर टोल टैक्स की मार, सुप्रीम का कोर्ट का आदेश हवा में

Betul News: Toll tax hits the dilapidated roads, Supreme Court's order is in vain

खेड़ी-परतवाड़ा मार्ग पर हिचकोले खाते निकल रहे वाहन, फिर भी जारी है टोल वसूली

Betul Samachar: बैतूल। खस्ताहाल हाइवे पर टोल वसूली पर सुप्रीम कोर्ट के ब्रेक के बावजूद जिले के बैतूल भोपाल हाइवे सहित खेड़ी-परतवाड़ा मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली और खस्ताहाल हालात में पहुंच गया है। इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों को गड्ढों से दो चार होना पड़ता है। इस मार्ग पर लाखों की टोल वसूली होती है। इसके बावजूद जो सुविधा मिलना चाहिए, वाहन चालकों को नहीं मिल पा रही है। लगभग 100 किमी का यह रास्ता जगह-जगह गड्ढों से भरा हुआ है, अब वाहन चालकों के लिए इस सड़क पर सफर करना मानो जान हथेली पर लेकर चलने जैसा हालात बन गए हैं।

भारी वाहन से लेकर छोटे चार पहिया वाहन और दोपहिया वाहन चालक रोजाना इस मार्ग पर हिचकोले खाने को मजबूर हैं। इसके बावजूद यहां से टोल वसूली का सिलसिला बदस्तूर जारी है। लाखों की टोल राशि हर महीने वसूल की जा रही है। मप्र रोड कारपोरेशन के अधीन आने वाली सड़क की मरम्मत या रखरखाव पर इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा। इसका सीधा असर उन ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। जिनके वाहनों का यहां से रोज आना -जाना हो रहा है। खास बात यह है कि दोनों टोल नाकों पर सिर्फ ट्रक मालिकों से ही टोल की वसूली की जा रही है। यात्री बसों और छोटे चौपहिया वाहनो से वसूली नहीं की जा रही । इस बात को लेकर ट्रांसपोर्टरों में आक्रोश भी पनपते जा रहा है।

कोथलकुंड-कुंडी नाके पर बिना सुविधा के वसूली जा रही राशि

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए ट्रक मालिकों का कहना है कि खेड़ी से लेकर परतवाड़ा तक सड़क पर हर जगह गड्ढे चुके हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। हालात यह हैं कि लोडेड ट्रक अत्यंत धीमी गति से चलाने पड़ रहे हैं। आए दिन वाहन असंतुलित होकर पलट रहे हैं। सड़क की स्तिथि यह है कि कई बार ट्रक और बस जैसे बड़े वाहन भी गड्ढों में फंसकर जाम की स्थिति निर्मित कर कर रहे हैं। इस बदहाली के बावजूद कोथलकुण्ड और कुंडी टोल नाके पर पूरे ट्रकों से एक तरफ के टोल का 625 रुपए शुल्क की वसूली की जा रही है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने बिना सुविधा के टोल वसूली पर रोक के निर्देश जारी किए हैं। बावजूद इसके टोल वसूली करना ट्रक मालिकों के साथ खुली लूट जैसा प्रतीत हो रहा है।

ज्ञापन के बावजूद कार्यवाही नहीं, आंदोलन पर मजबूर वाहन मालिक

यहां सबसे बड़ी विडंबना यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि यदि किसी सड़क का रखरखाव और मरम्मत समय पर नहीं की जाती तो संबंधित टोल नाकों को टोल वसूली का अधिकार नहीं होगा। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि खस्ताहाल सड़क पर चालकों से टोल वसूली करना अवैध है, लेकिन खेड़ी-परतवाड़ा रोड पर इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नियमों की अनदेखी करते टोल ऑपरेटर हर गुजरने वाले ट्रकों से पूरी राशि वसूल कर रहे हैं।

इसके पूर्व इस सम्बंध में ज्ञापन दिया गया था, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। ट्रक मालिकों का साफ कहना है कि यदि जल्द सड़क की हालत सुधारी नहीं जाती तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। वहीं टोल वसूली की रकम आखिर कहां खर्च हो रही है, इस पर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल सड़क की समस्या नहीं बल्कि व्यवस्थागत लापरवाही का बड़ा उदाहरण है।

सरकारी आदेशों की अवमानना का हो सकता है मामला

सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए तय मानकों का पालन न होने से जहां आम जनता को असुविधा हो रही है, वहीं यह सरकारी आदेशों की अवमानना भी निरूपित हो रहा है,जिसके किये ट्रक मालिक कोर्ट की शरण लेने पर भी विचार विमर्श कर रहे हैं। जरूरी है कि प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसी इस पर तत्काल संज्ञान लें। टोल वसूली को या तो रोक दिया जाए या फिर सड़क को दुरुस्त करने का काम प्राथमिकता से शुरू किया जाए। अन्यथा सड़क की बदहाली किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

इनका कहना…

टोल बंद करने के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। निर्देश मिलते ही टोल वसूली बंद की जाएगी। हालांकि सड़क मरम्मत का काम भी चल रहा है।

एसके नागले, प्रभारी, मप्र सड़क विकास निगम

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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