Betul Samachar In Hindi: जिला अस्पताल में एक पखवाड़े से खत्म है कफ सिरफ, मरीजों को होना पड़ता है परेशान
Betul Samachar In Hindi: There is no cough relief in the district hospital since a fortnight, patients have to face trouble.

Betul Samachar In Hindi: (बैतूल)। जिला अस्पताल में उपचार करवाने आने वाले मरीजों को सभी दवाइयां उपलब्ध नहीं मिल पा रही है। दवाइयां नहीं मिलने से मरीज परेशान होते हैं। कफ सिरफ पिछले एक पखवाड़े से खत्म हो गई है। अस्पताल में कफ सिरफ खत्म होने से अब मरीजों को निजी मेडिकलों में जाकर दवाइयां खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि दवाइयां खत्म होने की जानकारी पहले ही भेज दी है, लेकिन अभी तक दवाइयां उपलब्ध नहीं हो पाई है। बदलते मौसम के कारण सर्दी, खांसी और बुखार के मरीज सबसे ज्यादा जिला अस्पताल आ रहे हैं।
अस्पताल में ओपीडी की संख्या 700 से 800 के करीब पहुंच चुकी है, इनमें 200 से अधिक मरीज सर्दी,खांसी और बुखार के आते हैं। मरीजों को डॉक्टर दवाइयां तो लिखकर देते हैं, लेकिन दवा काउंटर पर दवा खत्म हो जाने से उन्हें मायूश होकर लौटना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में पिछले एक पखवाड़े से कप सिरफ खत्म हो गई है, अब तक कप सिरफ नहीं आ पाई है। कब तक दवाई आएगी अधिकारी भी इसकी जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। अस्पताल में दवाई नहीं मिलने से सबसे ज्यादा गरीब वर्ग के लोग परेशान है। जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर उपचार के लिए सरकारी अस्पताल आते हैं, लेकिन दवाइयां नहीं मिलने से मायूश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
सीजन में कई बार कफ सिरफ का टोटा
यह कोई पहली बार कप सिरफ दवाई खत्म होने का मामला नहीं है। इस सीजन में इस बार कफ सिरफ का सबसे ज्यादा टोटा देखने को मिल रहा है। अभी एक पखवाड़े से कप सिरफ नहीं है। इसके पहले भी दो से तीन बार कप सिरफ दवाई खत्म हो गई थी। एक पखवाड़े से बीस दिन तक कफ सिरफ नहीं आ पाई थी। अब फिर से कप सिरफ का टोटा बना हुआ है। दवाई कब तक आएगी इसका कोई ठिकाना नहीं है। बार-बार आ रही इस समस्या के बावजूद भी अस्पताल प्रबंधन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। इसके कारण आए दिन मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
- Also Read: Betul Samachar: एकलव्य के भ्रष्टाचार पर सख्त कलेक्टर, विभागीय अधिकारियों से जांच कराए जाने पर सवाल
मेडिकल से लेनी पड़ रही है दवाइयां
जिला अस्पताल में दवाइयां नहीं मिलने से गरीब लोगों को मेडिकल से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मेडिकल से अधिक दामों में दवाइयां खरीदकर लोगों की जेब खाली होने लगी है। मरीजों की मजबूरी भी रहती है कि उन्हें डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाई को खरीदना भी है। अभी मौसमी बीमारियों में सबसे ज्यादा दवाई कप सिरफ की डिमांड बनी है। जहां जिला अस्पताल से कप सिरफ मरीजों को निशुल्क उपलब्ध होती है, वहीं मेडिकल से 200 से 300 रुपए तक राशि देकर कप सिरफ खरीदना पड़ रहा है। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कप सिरफ खत्म होने से कितनी परेशानी बढ़ गई है। दवाई खत्म होने के संबंध में जानकारी के लिए सिविल सर्जन डॉ. अशोक बारंगा के मोबाइल नंबर 9425002915 पर संपर्क किया, लेकिन मोबाइल आउट ऑफ कवरेज एरिया आ रहा था।





