Betul Jal Sankat : जल संकट से निपटने दिसंबर का इंतजार नहीं, दो दिन में शुरू होगा ताप्ती डेम पर बोरी बंधान
हेमंत के निर्देश पर अवकाश के दिन नगर विकास कार्यों की समीक्षा, कॉलेज चौक के डामरीकरण से लेकर गंज मंडी की दुकानों की शिफ्टिंग तक समय-सीमा तय

बैतूल। आगामी गर्मी में संभावित जल संकट से निपटने और शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए नगर पालिका परिषद में विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देशानुसार आयोजित बैठक में जल संरक्षण, स्वच्छता, सड़क चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
अधिकारियों को कई कार्यों के लिए समय-सीमा तय कर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। हर साल दिसंबर में होने वाला ताप्ती डेम पर बोरी बंधान का कार्य इस बार जल संकट की आशंका को देखते हुए पहले ही शुरू करने की तैयारी है। अगले दो दिनों में बोरी बंधान और रेत से अस्थायी अवरोध बनाने का काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर पालिका में आयोजित बैठक में मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडेय समेत सब इंजीनियर, राजस्व अधिकारी, स्वास्थ्य निरीक्षक और अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में स्पष्ट किया गया कि जल संकट की तैयारियों से लेकर शहर की स्वच्छता और लंबित निर्माण कार्यों तक सभी विभाग निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करें, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

जल संकट की तैयारी, विशेष सम्मेलन जल्द
संभावित जल संकट से निपटने के लिए नगर पालिका के विशेष सम्मेलन की तैयारी की समीक्षा की गई। सम्मेलन का एजेंडा तय कर जल्द आयोजन करने के निर्देश दिए गए। ताप्ती डेम में जल संरक्षण के लिए बोरी बंधान और रेत का अस्थायी अवरोध बनाने का काम आगामी दो दिनों में शुरू करने की तैयारी है। इसके साथ ही ताप्ती बैराज के पुनर्निर्माण की स्थिति और स्वीकृति से संबंधित जानकारी भी ली गई।
एक माह में घरों से गीला-सूखा कचरा अलग लेने का लक्ष्य
स्वच्छता गिलहरी अभियान 2.0 के तहत शहर में सोर्स सेग्रीगेशन यानी घरों से ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने की व्यवस्था शत-प्रतिशत लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्वास्थ्य निरीक्षक को एक माह की समय-सीमा दी गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 7 नवंबर से अभियान का प्रचार-प्रसार शुरू होगा, जबकि 25 नवंबर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग नहीं देने वाले घरों से कचरा संग्रहण नहीं करने की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है।
गंज मंडी की दुकानों की शिफ्टिंग में तेजी
गंज मंडी की 24 दुकानों से संबंधित प्रकरण एक सप्ताह के भीतर साधिकार समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश राजस्व विभाग को दिए गए। वहीं, 61 दुकानों की शिफ्टिंग प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया। अब तक निर्मित 44 दुकानों के बाद शेष दुकानों का निर्माण इसी माह पूरा कर दुकानदारों को शिफ्ट करने की कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
कॉलेज चौक पर दो दिन में डामरीकरण
शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों के विकास कार्यों की भी समीक्षा हुई। कॉलेज चौक पर यातायात और नागरिकों की सुविधा को देखते हुए अगले दो दिनों में तत्काल डामरीकरण कराने के निर्देश दिए गए। चौक के चौड़ीकरण के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कर टेंडर जारी करने पर भी जोर दिया गया। बारिश और लगातार त्योहारों के कारण काम प्रभावित हुआ था। बारिश के दौरान डामर उपलब्ध नहीं होने से डामरीकरण नहीं हो पाया था।
अंबेडकर चौक के सौंदर्यीकरण के लिए पंकज धुर्वे को सामाजिक संगठनों से चर्चा कर एक सप्ताह में योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। दिव्यांग पार्क के विकास के लिए डीपीआर शासन को भेजने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई।
48 करोड़ की जल योजना और दो करोड़ के भवन की समीक्षा
बैठक में अमृत योजना, नगर पालिका के लगभग दो करोड़ की लागत से प्रस्तावित नए भवन, पुरानी बिल्डिंग को तोड़ने की प्रक्रिया, गीता भवन, फिश पार्लर और आंगनवाड़ी भवन निर्माण की प्रगति की जानकारी ली गई। लगभग 48 करोड़ की वाटर सप्लाई योजना को यूसीएफ में भेजने और ऋण के लिए बैंक प्रपोजल की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। लल्ली चौक पर क्लॉक टावर की स्थापना को लेकर अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली गई।
कमानी गेट पर लाइटिंग, सड़कों पर लगेंगे ट्यूबलर पोल
कमानी गेट के सौंदर्यीकरण और आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को एक माह के भीतर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। इटारसी रोड और चक्कर रोड पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के लिए दोनों ओर ट्यूबलर पोल लगाने की योजना पर जल्द टेंडर जारी करने को कहा गया।
बैठक में आगामी जनगणना की तैयारियों, अधिकारियों-कर्मचारियों के दायित्वों और पर्व-त्योहारों के दौरान नागरिक सुविधाएं बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। निर्देश दिए गए कि जल संकट की तैयारियों, स्वच्छता और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच नगर के विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए तथा सभी विभाग आपसी समन्वय से तय समय-सीमा में काम पूरा करें।




