Betul Samachar: 2016 के पट्टे, 2026 में बांटने का खेल! कुंवारों तक को उपकृत करने के आरोप

नियम-कायदों को ताक पर रखकर अपनों को फायदा पहुंचाने की कवायद
Betul Samachar: बैतूल/शाहपुर। नगर परिषद शाहपुर क्षेत्र में भूमि पट्टों के कथित बंदरबांट को लेकर मामला लगातार गर्माता जा रहा है। आरोप हैं कि अपनों को उपकृत करने के लिए नियम-कायदों और कानूनों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। भूमि पट्टा आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर अब कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
2016 के नाम पर अब बांटे जा रहे पट्टे?
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत शाहपुर के नाम से वर्ष 2016 के भूमि पट्टे तैयार कर वर्तमान में कथित रूप से बांटे जा रहे हैं। आरोप है कि इन पट्टों के वितरण में नियमों का पालन नहीं किया गया और पुराने दस्तावेजों का सहारा लेकर लोगों को लाभ पहुंचाने का खेल चल रहा है।
मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठने लगी है। विशेष रूप से पतवापूरा और स्टाफ क्वार्टर क्षेत्र में कथित रूप से फ्रॉड तरीके से पट्टे बांटे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप यह भी है कि स्टाफ क्वार्टर क्षेत्र की जिस जमीन पर पट्टे वितरित किए जा रहे हैं, उसका कुछ हिस्सा पलाशपानी पंचायत क्षेत्र में आता है। ऐसे में दूसरे पंचायत क्षेत्र की भूमि पर पट्टा वितरण के अधिकार और प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
2016 में थे कुंवारे, अब मिल रहे पुराने पट्टे!
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह बताया जा रहा है कि जिन लोगों की शादी पिछले तीन-चार वर्षों में हुई है, उनके नाम वर्ष 2016 के पट्टे अब वितरित किए गए हैं। सवाल यह है कि वर्ष 2016 में ये सभी लोग अविवाहित थे। आरोप लगाने वालों का कहना है कि उस समय कुंवारे व्यक्तियों को पट्टा देने का कोई प्रावधान नहीं था।
भूमि पट्टों के आवंटन, संबंधित भूमि की सीमा और पात्रता की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो रही है। यदि दस्तावेजों और पात्र हितग्राहियों की गहन जांच कराई गई तो पट्टा वितरण के इस कथित खेल से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
इनका कहना….
अभी कोर्ट की कार्यवाही चल रही है,पट्टों पर कार्यवाही के सम्बंध में बाद में ही जानकारी दे पाएंगे।
प्रपंच आर, एसडीएम शाहपुर




