Betul Ki Khabar: डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल को मिली राहत

दो नए एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की हुई पदस्थापना
Betul Ki Khabar: बैतूल। लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल को आखिरकार कुछ राहत मिली है। अस्पताल में दो नए एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की पदस्थापना की गई है, जिससे ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्थाओं और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।
हालांकि, अस्पताल में अभी भी विशेषज्ञ डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की कमी बरकरार है, जिसके चलते मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में क्लास-2 के डॉ. संजय पवार और क्लास-1 के डॉ. राजेंद्र अहिरवार ने पदभार संभाल लिया है। दोनों डॉक्टर एनेस्थीसिया विशेषज्ञ हैं और इनके आने से सर्जरी संबंधी सेवाओं को मजबूती मिलेगी। अस्पताल में पिछले कुछ वर्षों से एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की कमी महसूस की जा रही थी, जिससे कई बार ऑपरेशन प्रभावित होते थे।
नए डॉक्टरों की नियुक्ति के बाद अब मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार मिलने की उम्मीद है। दरअसल, पिछले दो से तीन वर्षों के दौरान जिला अस्पताल से कई अनुभवी डॉक्टर या तो सेवानिवृत्त हो गए और कुछ डॉक्टरों ने विभिन्न कारणों से इस्तीफा दे दिया। इसके कारण अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या लगातार घटती गई।
डॉक्टरों की कमी का सीधा असर मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज जिला अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन सीमित संसाधनों और कम स्टाफ के कारण सभी को समय पर इलाज उपलब्ध कराना चुनौती बना हुआ है।
हालांकि दो नए डॉक्टरों की नियुक्ति अस्पताल के लिए राहत भरी खबर है, लेकिन यह राहत अभी पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। जिला अस्पताल में कई महत्वपूर्ण विभाग आज भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर के अभाव में सामने आ रही है। अस्पताल में कई वर्षों से स्थायी रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण सोनोग्राफी सेवाएं पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रही हैं।
अभी भी डॉक्टर और कर्मचारियों की बनी है कमी
वर्तमान में अस्पताल में केवल आपातकालीन परिस्थितियों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं की आवश्यक सोनोग्राफी की व्यवस्था की जा रही है। वहीं सामान्य मरीजों को सोनोग्राफी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है या फिर निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है।
इसके अलावा अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की कमी भी अस्पताल की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों का मानना है कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ के रिक्त पदों को जल्द भरा जाना आवश्यक है। यदि विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति होती है तो जिले के हजारों मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा तथा उन्हें इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें
👇https://chat.whatsapp.com/KWRuTRhIWoXDiwhdwiCm29?mode=gi_t
बैतूल जिले की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending और Viral खबरों के लिए जुड़े रहे snewstimes.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें snewstimes.com




