Betul Samachar: ऐसा क्या हुआ कि नए आउटसोर्स कर्मचारियों की नौबत आई?

पांच दिन पहले सीएमओ ने कहा था पुराने कर्मचारियों की भी होगी छटनी, नए पैतरे पर सभी हैरतअंगेज

Betul Samachar: बैतूल। पांच दिन पहले नगरपालिका के सीएमओ वित्तीय स्थिति को देखते हुए पूर्व में रखे 30 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों की छटनी की बात कह रहे थे, फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि 10 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को रखने की नौबत आ गई? पांच दिन में अचानक पासा पलटने पर कई तरह के सवाल उठाएं जा रहे हैं।

लोग इसे राजनैतिक दबाव से भी जोड़कर देख रहे हैं,लेकिन सीएमओ का दावा है कि कर्मचारियों की कमी के कारण जलशाखा एवं कुछ अन्य शाखाओं में आवश्यकतानुसार नियुक्तियां की है। अब किस बात में सच्चाई है यह तो आउटसोर्स कर्मचारियों को रखने और रखवाने वाले ही जाने, लेकिन आर्थिक स्थिति गड़बड़ाने के बाद लगातार नियुक्ति पर नपा खुद कटघरे में खड़ी हो गई है।

 तत्कालीन नपा अध्यक्ष अलकेश आर्य के कार्यकाल में करीब दो दर्जन से अधिक दैवेभो कर्मचारियों की नियुक्तियां हुई थी। उन्होंने अपने चेहतों को नगरपालिका में फीट कर दिया। इनमें से अधिकांश कर्मचारी आज भी नपा में मौजूद है। सबसे बड़ी बात यह है कि आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी ऐसे हैं जो बिना काम किए वेतन ले रहे हैं।

यदि इनके नाम सावर्जनिक कर दिए जाए तो राजनीति में भूचाल आ जाएगा, लेकिन हकीकत यह है कि नपा के वित्तीय संकट के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों को इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि बिना काम किए कितने कर्मचारी मुक्त का वेतन का लेकर नपा को फटका बैठाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

यह बात जिले के जनप्रतिनिधियों को भी संज्ञान में लाकर मुक्त की बट रही रेवड़ियों को ध्यान देने की जरूरत है। इस बीच कुछ माह पहले तथाकथित दबाव के बाद बैतूल नपा में 40 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियोंं को रखने के प्रयास शुरू हुए।

इनमें नपा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षदों की पसंद को तवज्जों दी गई, जबकि उस समय भी नपा की वित्तीय स्थिति इतनी दयनीय थी कि कर्मचारी वेतन को तरस रहे थे, लेकिन सभी बातों को दरकिनार करते हुए परिषद में प्रस्ताव लाकर आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति कर हर माह नपा पर 3 से 4 लाख रुपए का अतिरिक्त भार डाल दिया गया। जनता के टैक्स पर बैतूल नपा जनप्रतिनिधियों को खुश करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही।

नए सीएमओ ने दिखाएं पावर, फिर बैकफुट पर

करीब डेढ़ माह पहले बैतूल नपा की कमान संभालने वाले सीएमओ नवनीत पांडेय ने नपा की गाड़ी को पटरी पर लाने के प्रयास तेजी से शुरू किए। वे फ्रंट फुट पर बैटिंग कर व्यवस्थाएं में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहे। पिछले दिनों उन्होंने नपा की वित्तीय स्थिति को देखते बताया था कि पूर्व में रखे गए कई आउटसोर्स कर्मचारियों में से छटनी की जाएगी।

उनके इस प्रयास को सराहनीय माना जा रहा था, लेकिन अगले पांच दिनों में सीएमओ का पैतरा एकदम बदल गया। पुराने आउटसोर्स कर्मचारियों की छटनी करने के बजाए दस और आउटसोर्स कर्मचारियों को रखने का उनका आदेश किसी के गले नहीं उतर रहा है। अब नपा के पास 40 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी हो गए हैं।

इनका वेतन हर माह लगभग 5 लाख रुपए नपा को देना पड़ेगा। इससे हालात और बिगड़ जाएंगे। हालांकि विपक्षी पार्षद और अन्य लोग सवाल कर रहे हैं कि आउटसोर्स कर्मचारियों की छटनी का दावा करने वाले ईमानदार सीएमओ नवनीत पांडे ने आखिर नए कर्मचारियों की नियुक्तियां किस दबाव में की है? सीएमओ भोपाल प्रवास पर होने के कारण उनसे इस मामले में चर्चा नहीं हो सकी।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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