Betul Ki Khabar: कालोनाइजर ने प्रशासन से अनुमति लेकर कमजोर वर्ग के लिए नहीं छोड़े भूखंड

प्रशासन ने ठोंका तगड़ा जुर्माना तो राशि जमा करने में हिला हवाली, क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध
Betul Ki Khabar: बैतूल। जिले में कुकुरमुत्तों की तरह बनाई जा रही कालोनियों में नियम कायदे ताक पर रखे जा रहे हैं। इसका सीधा खामियाजा कालोनी में प्लाट खरीदने वालों को भुगतना पड़ रहा है। एक शिकायत के बाद बैतूलबाजार क्षेत्र के बडोरा स्थित रेणुका विहार कालोनी में प्रशासन की विकास अनुज्ञा की धज्जियां उड़ाकर कालोनाइजर ने कमजोर वर्ग एवं निम्र आय वाले वर्ग के लिए भूखंड आवंटित नहीं कर शासन के नियमों की अनदेखी कर डाली।
जब यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो कालोनाइजर पर 64 लाख से अधिक का जुर्माना अधिरोपित किया, लेकिन आज तक यह राशि जमा नहीं करवाई गई। पिछले दिनों एसडीएम ने इसे बड़ी लापरवाही बताते हुए कालोनी के समस्त प्लाटों के क्रय विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक रचना पति रमन सायरे के आधिपत्य वाली बैतूलबाजार के बड़ोरा स्थित भूमि खसरा नंबर 219/19, रकबा 0.64 हेक्टेयर भूमि पर रेणुका विहार कालोनी की अनुज्ञा प्रशासन द्वारा प्रदान की गई थी। सूत्र बताते हैं कि कालोनी की अनुज्ञा मिलने के बाद कालोनाइजर ने यहां बड़ी संख्या में प्लाट काटकर लोगों को बेच दिए।
इस बीच 6 जुलाई 2023 को बैतूल एसडीएम को शिकायत मिली थी कि कालोनाइजर ने आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के लिए भूखंड आरक्षित नहीं किए। कुल मिलाकर ऐसे वर्गों के लिए हर कालोनी में भूखंड आरक्षित करना होता है, लेकिन यहां पर कालोनाइजर ने अपने फायदे के लिए गरीब तबके के लिए एक भी भूखंड आरक्षित नहीं किया। इसके बाद जिला पंचायत सीईओ को भी इस मामले में शिकायत की गई है।
64 लाख जुर्माना अधिरोपित, आज तक जमा नहीं
चौकाने वाली बात यह है कि रेणुका विहार कालोनी की प्रोपराइटर रचना पति रमन सायरे पर कमजोर वर्ग के लिए भूखंड न छोड़ने पर प्रशासन की नाराजगी के बाद 64 लाख 23 हजार का जुर्माना अधिरोपित किया था। ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी की आरक्षित भूखंडों के एवज में आश्रय शुल्क की राशि जिला पंचायत की आश्रय निधि में तीन वर्ष पूर्व जमा करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद निर्देशों की अवहेलना कर कालोनाइजर ने भूखंड बेचना जारी रखा। इसे गंभीर अनियमित्ता मानते हुए इसे पिछले दिनों एसडीएम डॉ अभिजीत सिंह ने नाराजगी जताते हुए आगामी समय तक रेणुका विहार कालोनी में समस्त भूखंड क्रय और विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया।
कालोनाइजर के आगे प्रशासन बौना साबित!
ऐसे मामलों में एक बात साबित हो गई है कि कालोनाइजरों की राजनीतिक रसूख और ऊंची पहुंच के आगे प्रशासन के अधिकारी बौने साबित होते जा रहे हैं। तीन वर्ष में जुर्माने की राशि जमा न करने का यह एकमात्र उदाहरण नहीं है। इसके पहले भी प्रशासन द्वारा कालोनाइजरों पर चाबुक चलाते हुए नियम के विरूद्ध बंधक प्लाट बेचने और नियमों का पालन न करने पर तकड़ा जुर्माना लगाया, लेकिन अधिकांश मामलों में प्रशासन जुर्माने की राशि वसूल नहीं कर पाया। कुछ मामले ऐसे थे जिन्हें कालोनाइजरों ने सीधे न्यायालय में चुनौती दे दी।
बताया जाता है कि कुछ मामलों में कालोनाइजरों को जुर्माने से राहत भी मिली है। ऐसे में प्रशासनिक आदेश को ठेंगा दिखाना कालोनाइजरों के लिए बैतूल में आम बात हो गई है। इस संबंध में बैतूल एसडीएम डॉ अभिजीत सिंह को उनके मोबाइल 9826734984 पर चर्चा करने के लिए काल किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।
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