Betul Samachar: बिना जीपीएस के ताप्ती रेंज में चल रहा वाहन

बैतूल से छिंदवाड़ा तक लग रहे चक्कर, शासन को लग रही चपत

Betul Samachar: बैतूल। दक्षिण वन मण्डल में वाहनों के दुरुपयोग का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में कर्मचारियों के निजी वाहनों को सरकारी खर्च पर चलाए जाने की खबर सामने आने के बाद अब ताप्ती रेंज से एक और गंभीर अनियमितता उजागर हुई है। यहां शासकीय कार्य के लिए लगाए गए वाहन में जीपीएस सिस्टम ही गायब बताया जा रहा है, जिससे उसके मूवमेंट पर निगरानी संभव नहीं हो पा रही है।

जानकारी के अनुसार, शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी विभाग में शासकीय कार्य में उपयोग हो रहे निजी वाहनों में जीपीएस सिस्टम अनिवार्य रूप से लगा होना चाहिए, ताकि वाहन की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन ताप्ती रेंज में इस नियम की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

जीपीएस सिस्टम नहीं होने से यह पता ही नहीं चल पाता कि वाहन किस क्षेत्र में और किस उद्देश्य से उपयोग किया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि ताप्ती रेंज में रेंजर के कार्यवाहक पद पर पदस्थ डिप्टी रेंजर दयानंद डेहरिया द्वारा अटैच वाहन का व्यापक स्तर पर दुरुपयोग किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी मूल रूप से छिंदवाड़ा जिले के निवासी हैं और शासकीय वाहन का उपयोग बैतूल से छिंदवाड़ा तक निजी आवागमन के लिए किया जा रहा है।

इससे न केवल वाहन का अनावश्यक उपयोग बढ़ रहा है, बल्कि ईंधन सहित अन्य खर्च भी सरकारी मद से वहन किए जा रहे हैं। इस तरह के उपयोग से शासन को प्रतिमाह आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि वाहन में लगे जीपीएस सिस्टम से जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है या उसे निष्क्रिय कर दिया गया है, ताकि वास्तविक मूवमेंट छिपाया जा सके। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल वित्तीय अनियमितता का मामला होगा, बल्कि शासन के नियमों की खुली अवहेलना भी मानी जाएगी।

मामले के सामने आने के बाद विभागीय जिम्मेदारों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। आखिर बिना जीपीएस के वाहन कैसे संचालित हो रहा है और इसकी निगरानी क्यों नहीं की जा रही, यह एक बड़ा प्रश्न है। इस संबंध में डीएफओ ने मामले की जांच करवाने का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

इनका कहना…..

मेरे संज्ञान में जानकारी आई है। इसकी जांच कराई जाएगी। इसे दिखवाता हूँ।

अरिहंत कोचर, डीएफओ दक्षिण वनमण्डल बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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