Betul News: 19 साल पुराने पारधी हत्याकांड में सुखदेव पांसे- राजा पवार समेत सभी आरोपी बरी

विशेष अदालत का फैसला, दोनों नेताओं के समर्थकों ने मनाया जश्न
Betul News: बैतूल। मुलताई के बहुचर्चित पारधी हत्याकांड 2007 में करीब 19 साल बाद बड़ा फैसला सामने आया है। शुक्रवार को विशेष अदालत ने इस मामले में सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। यह मामला उस समय पूरे जिले ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में चर्चा का विषय बना था, जब पारधी दंपत्ति की भीड़ द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार, कांग्रेस के पूर्व मंत्री और मुलताई के पूर्व विधायक सुखदेव पांसे सहित कई लोगों के नाम आरोपी के रूप में सामने आए थे। अदालत के फैसले के बाद अब सभी आरोपियों को राहत मिल गई है।

पारधी दंपत्ति की हुई थी बेरहमी से हत्या
यह सनसनीखेज घटना 11 सितंबर 2007 को मुलताई क्षेत्र के चौथिया गांव में हुई थी। बताया जाता है कि गांव के पास पारधी समुदाय के लोग डेरा डालकर रह रहे थे। ग्रामीणों द्वारा पारधियों को बसाने का विरोध किया जा रहा था और इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप था कि करीब 2 हजार लोगों की भीड़ ने पारधी समुदाय को खदेड़ने के लिए हमला कर दिया। इस दौरान बोन्द्र पारधी और उनकी पत्नी डोडेल पारधी को भीड़ ने घेर लिया और दोनों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया था।
हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने संभाली जांच
शुरुआती जांच में ढिलाई और निष्पक्षता पर सवाल उठने के बाद यह मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर पहुंचा। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोहरे हत्याकांड की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी। सीबीआई ने जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ की और मामले में 6 से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि इन लोगों ने भीड़ को उकसाने और हत्या में भूमिका निभाई थी।
मामले की लंबी सुनवाई के दौरान कई आरोपी और गवाह समय के साथ दुनिया छोड़ चुके हैं। आरोपियों में तत्कालीन सरपंच कचरू, विजय देशमुख, नामदेव धाकड़ सहित अन्य लोगों के नाम सामने आए थे। हालांकि इनमें से कुछ आरोपियों की सुनवाई के दौरान ही मृत्यु हो गई थी। करीब दो दशकों तक चले इस मामले में कई बार गवाहों के बयान, सबूत और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण सुनवाई लंबी खिंचती रही।
राजा और सुखदेव को फंसाया गया था
शुक्रवार को विशेष अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद लंबे समय से चल रहे इस चर्चित प्रकरण का पटाक्षेप हो गया। अधिवक्ता विजेंदर सक्सेना ने बताया कि,विशेष अदालत में सभी आरोपी दोषमुक्त हो गए हैं। यह मामला 19 साल पुराना 2007 का है जिसमे आज फैसला आया है और न्यायालय ने सभी आरोपियों को निर्दोष बरी किया है।
श्री सक्सेना ने स्पस्ट किया कि, इस मामले में राजनैतिक लोग सुखदेव पांसे जो पूर्व मंत्री रह चुके हैं, और राजा पवार वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। इन्हें शुरुवाती दौर में पारदियों ने कोर्ट में बयान देकर फंसाया था, लेकिन सीबीआई ने उन्हें मुलजिम नही बनाया था। बाद में यह धारा 319 के मुलजिम बने थे।बाद में जब न्यायालय में गवाही हुई तो गवाह इनकी शिनाख्ती ही नहीं कर पाए।
सत्य परेशान जरूर हुआ लेकिन पराजित नहीं, एमपी एम एल ए कोर्ट के विद्वान न्यायाधीश ने अच्छा फैसला दिया और सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया है। यह मामला अपने समय में प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा था, क्योंकि इसमें सामुदायिक तनाव, भीड़ हिंसा और राजनीतिक नामों के जुड़ने के कारण मामला काफी संवेदनशील बन गया था।
फैसले के बाद फिर चर्चा में आया मामला
करीब 19 साल बाद आए इस फैसले के बाद एक बार फिर मुलताई का पारधी हत्याकांड चर्चा में आ गया है। अदालत के निर्णय के बाद जहां आरोपियों को राहत मिली है, वहीं यह मामला उस दौर की सामाजिक परिस्थितियों और भीड़ हिंसा की घटनाओं को भी याद दिलाता है। स्थानीय स्तर पर भी इस फैसले को लेकर लोगों के बीच चर्चा का दौर शुरू हो गया है।




