Betul News: फिल्टर प्लांट के पानी में अधिक पोटेशियम मिलाने से हड़कंप

सप्लाई रोक कर पानी रिसायकल के बाद बची शहर के लोगों की सेहत, लापरवाह कर्मचारी को हटाया
Betul News: बैतूल। शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था में एक बड़ी लापरवाही सामने आई, जिसने कुछ समय के लिए नपा प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। एनीकेट से लिए गए पानी के शुद्धिकरण के दौरान एक आउटसोर्स कर्मचारी अनिल बारस्कर द्वारा पोटेशियम परमेगनेट की निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा पानी मे मिला दी।
यह रसायन पानी की शुद्धि के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन इसकी अधिकता स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। यदि यही पानी सीधे सप्लाई कर दिया जाता, तो शहर के हजारों नागरिक प्रभावित हो सकते थे। हालांकि जल शाखा प्रभारी सबइंजीनियर धीरेंद्र राठौर के मुताबिक पानी को पुन: रिसाइकिल कर सप्लाई शुरू कर दी गई है।
इस मामले की जानकारी मिलते ही जल विभाग के अधिकारियों ने तत्काल जल आपूर्ति पर रोक लगा दी। प्राथमिक जांच में रसायन की मात्रा अधिक पाई गई, जिसके बाद एहतियातन एनीकेट में अतिरिक्त पानी छोड़ा गया ताकि रासायनिक प्रभाव को कम किया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक पानी पूरी तरह मानक अनुरूप न हो जाए, तब तक सप्लाई शुरू नहीं की जाएगी। हालांकि पानी की सप्लाई नही होने से शहर के अधिकांश क्षेत्रो में सप्लाई नहीं होने से नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रिसाइकिल कर दोबारा भरी गई टंकियां
जल शाखा प्रभारी इंजीनियर धीरेंद्र राठौर ने बताया कि,स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरे पानी को रिसाइकिल करने की प्रक्रिया अपनाई गई।पानी को पुन: एनीकेट में स्टोर कर लिया गया था। शुद्धिकरण की सभी चरणबद्ध प्रक्रियाओं को दोबारा पूरा किया गया। इसके बाद पानी के नमूने लेकर परीक्षण कराया गया। जब जांच रिपोर्ट संतोषजनक आई और रसायन की मात्रा तय मानकों के अनुरूप पाई गई, तब जाकर टंकियों को दोबारा भरा गया और शहर में जल आपूर्ति शुरू की गई। रातोरात शहर की सभी पानी की टँकी भरी गई और सप्लाई शुरू कर दी गई है।
नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि, हजारों लोग हो सकते थे बीमार
इस सम्बंध में अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि समय रहते जानकारी नहीं मिलती और यह पानी शहर में सप्लाई हो जाता, तो लोगो मे त्वचा रोग, पेट संबंधी समस्याएं, मष्तिस्क और अन्य स्वास्थ्य दिक्कतें निर्मित हो सकती थीं। समय रहते सतर्कता बरतने से संभावित बड़ा स्वास्थ्य संकट टल गया। नपा प्रशासन ने जल गुणवत्ता की निगरानी और अधिक सख्त करने के निर्देश भी दिए हैं।
लापरवाह कर्मचारी पर की गई तत्काल कार्रवाई
घटना के लिए जिम्मेदार आउटसोर्स कर्मचारी अनिल बारस्कर को तत्काल प्रभाव से सेवा से बाहर कर दिया गया है। विभाग ने साफ किया है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने और निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। इधर सुरक्षित पानी की सप्लाई शुरू होने के बाद शहरवासियों ने राहत की सांस ली। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई। फिलहाल जल आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और विभाग द्वारा नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच की जा रही है।




