Betul News: कई परीक्षा केंद्र कैमरा विहीन, लाइव निगरानी के दावे फेल

संवेदनशील केंद्रों पर जैमर, बाकी जगह फ्लाइंग स्क्वाड के भरोसे परीक्षा
Betul News: बैतूल। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में नकल पर अंकुश लगाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा की गई लाइव सीसीटीवी निगरानी की घोषणा बैतूल जिले में जमीन पर उतरती नजर नहीं आई। परीक्षा शुरू होने से पहले यह दावा किया गया था कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सीधे परीक्षा केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी, लेकिन जिले के अधिकांश केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे ही नहीं लगे होने के कारण यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी। गौरतलब है कि जिले में इस वर्ष कुल 127 परीक्षा केंद्रों पर 10 वीं और 12 वीं के लिए लगभग 34 हजार परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं। बोर्ड द्वारा इसे नकल मुक्त परीक्षा का नया मॉडल बताया गया था, लेकिन कैमरा विहीन केंद्रों ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है।
लाइव निगरानी का नया मॉडल कागजों तक सिमटा
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा यह व्यवस्था बनाई गई थी कि निजी स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों की डीईओ कार्यालय से लाइव मॉनिटरिंग होगी। इसके लिए प्रदेश के सभी 55 जिलों के डीईओ कार्यालयों में कंप्यूटर और वाई-फाई की सुविधा देने का दावा भी किया गया। साथ ही कहा गया कि सभी निजी परीक्षा केंद्र सीसीटीवी कैमरों से लैस होंगे। लेकिन बैतूल जिले में शिक्षा कार्यालय में ऐसी कोई लाइव गतिविधि नजर नहीं आई। न ही स्क्रीन पर किसी परीक्षा केंद्र की निगरानी होती दिखी। इससे साफ है कि लाइव मॉनिटरिंग का दावा जिले में पूरी तरह फेल रहा।
कई परीक्षा केंद्रों पर नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बोर्ड के निर्देशों के बाद जब परीक्षा केंद्रों का सर्वे किया गया तो यह सामने आया कि अधिकांश चयनित केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था ही नहीं है। यदि परीक्षा से ठीक पहले कैमरे लगवाए भी जाते, तो न केवल इसमें अधिक समय लगता बल्कि तकनीकी परीक्षण और नेटवर्क कनेक्टिविटी भी बड़ी चुनौती होती।परीक्षा प्रारंभ होने तक कैमरे लगाकर उन्हें सुचारू रूप से चालू करना संभव नहीं हो पाया। इसी कारण शिक्षा विभाग को लाइव निगरानी की योजना टालनी पड़ी।
संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर जैमर से निगरानी
हालांकि विभाग का कहना है कि संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाकर मोबाइल नेटवर्क को नियंत्रित किया गया है, ताकि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नकल रोकी जा सके। वहीं अन्य केंद्रों पर फ्लाइंग स्क्वाड टीमों की तैनाती की गई है, जो औचक निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि भले ही लाइव निगरानी संभव नहीं हो पाई, लेकिन परीक्षा की सतत निगरानी में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है।
अगले वर्ष सभी केंद्रों पर लगेंगे कैमरे
शिक्षा विभाग ने यह भी स्वीकार किया है कि इस वर्ष तकनीकी संसाधनों की कमी के चलते लाइव निगरानी नहीं हो सकी। अधिकारियों का कहना है कि अगले वर्ष सभी परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों से लैस कर लिया जाएगा, ताकि डीईओ कार्यालय से बैठकर सीधी निगरानी की जा सके।
इनका कहना…..
कुछ परीक्षा केंद्रों पर कैमरों की सुविधा नहीं होने के कारण कार्यालय में लाइव स्क्रीन नहीं लग पाई। केंद्रों को चिन्हित कर आगे कैमरे लगवाए जाएंगे। फिलहाल संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर जैमर से निगरानी की जा रही है और फ्लाइंग स्क्वाड का गठन किया गया है।
भूपेंद्र सिंह वरकड़े, जिला शिक्षा अधिकारी, बैतूल




