Baretha Ghat Problem : बरेठा घाट पर सडक़ बनी तो हर दिन हादसे
कलेक्टर ने आनन-फानन में बुलाई अधिकारियों की बैठक, नेशनल हाईवे के किनारे हाईवे से तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश

Baretha Ghat Problem : बैतूल (सांझवीर टाईम्स)। बरेठा घाट पर सडक़ों की दुर्दशा को लेकर जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बाद कुछ दिनों में हालात बदल गए। भाजपा के जनप्रतिनिधि इसे अपने शीर्ष नेताओं की नाराजगियों के बाद सडक़ के दुरस्तीकरण की बात कहते आ रहे है, कांग्रेस के छुटभैये नेता अपने शीर्ष लीडर के प्रदर्शन पर मरम्मत का दावा कर रहे है।
दावे जो भी लेकिन सडक़ का काम होने के बाद अब बरेठा घाट एक बार फिर हादसों के लिए चर्चित हो गया। पिछले 5 दिनों में यहां आधा दर्जन हादसों में कई वाहन पलटने के साथ एक महिला की मौत और आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके है। सरपट सडक़ होने के कारण हादसे के लिए नेशनल हाईवे ने कोई उपाय नहीं किए इसी वजह हालात बेकाबू होने पर कलेक्टर को पहल करना पड़ रहा है।
सोमवार को टीएल की बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी अधिकारियों की आनन-फानन में बैठक बुलाई। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए है कि जिले में नेशनल हाइवे सहित सभी प्रमुख सडक़ मार्गों पर सडक़ सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय प्राथमिकता से सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को चिन्हित कर हटाने के निर्देश दिए।
सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित समय-सीमा बैठक में सडक़ सुरक्षा की समीक्षा करते हुए उन्होंने हाल ही में बरेठा घाट पर हुई सडक़ दुर्घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि ऐसे सभी संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा संकेतक एवं अन्य आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र कराए जाएं।
इसी प्रकार नेशनल हाइवे से गांवों को जोडऩे वाली एप्रोच रोड पर भी स्पीड ब्रेकर सहित अन्य सुरक्षा के उपाय किए जाएं। ट्रैफिक पुलिस द्वारा चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों पर संबंधित सडक़ निर्माण विभाग द्वारा जरूरी सुधार किए जाएंगे।
एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड के लिए जोनल प्लान बनाएं
बैठक में कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में बाधा आती है, वहां पुलिस, राजस्व और नगरपालिका द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर जोनल प्लान तैयार किया जाए तथा जीआईएस मैपिंग भी की जाए।
इसके आधार पर सडक़ों पर मौजूद अतिक्रमण, बिजली के खंभे, तार, नालियां, भवन आदि को प्राथमिकता से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में प्रोजेक्ट डायरेक्टर नेशनल हाइवे मनीष मीणा वीसी के जरिए बैठक में उपस्थित रहें।
सोमवार हादसे के बाद सब जगह किरकिरी
सोमवार को बरेठा घाट पर अनियंत्रित ट्राले ने तीन कार और एक बाइक को टक्कर मारी। इस हादसे में एक महिला की मौत हुई। चार अन्य लोग घायल हुए।
कार अनियंत्रित होकर दूसरी कार पर चढऩे के बाद यह मामला मीडिया में राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहने के बाद जिला प्रशासन की किरकिरी होने पर कलेक्टर को आनन-फानन में यातायात समिति और अधिकारियों की बैठक बुलाना पड़ा। चूंकि हादसे में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के पुत्र की कार भी क्षतिग्रस्त हुई है। हालांकि वे कार में मौजूृद नहीं थे। इसलिए कलेक्टर ने नेशनल हाईवे के अधिकारियों को सुरक्षा के कड़े निर्णय लेने के लिए निर्देशित करना पड़ा।

एक ओर हादसा, बड़ा ट्राला दुर्घटनाग्रस्त
बरेठा घाट हादसे के लिए डेंजर जोन बन गया है। सोमवार दोपहर भी इंदौर से भोपाल होते हुए नागपुर जा रहा एक ट्राला सडक़ बनाने के बाद साइड लेने के दौरान मुरम से नीचे उतर कर खंती में घुस गया।
हादसे में कोई जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सरपट सडक़ पर ट्राला तेज गति से चल रहा था। सामने से आ रहे वाहन को बचाने के चक्कर में ड्रायवर नियंत्रण खो बैठा और बाजू की खाई में गिर पड़ा। ट्राले के चालक और परिचालक ने कूदकर अपनी जान बचाई।




