Betul Ki Khabar: भोपाली रोड पर फिर लगी ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी लाइन

यातायात अवरूद्ध वाहनों को निकालने में हो रही परेशानी
Betul Ki Khabar: रानीपुर। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 25 दिन बीत जाने के बाद रानीपुर कृषि साख सेवा सहकारी समिति के गायत्री वेयरहाउस केंद्र पर गुरुवार को किसानों की जमकर भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रालियों की लाइन भोपाली रोड तक पहुंच गई, जिससे व्यवस्था संभालने में कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ी। समिति प्रबंधक परसराम वर्मा ने बताया कि तीन दिसंबर के 25 दिन वीर जाने के बाद खरीदी केंद्र में लगभग 17841,20 क्विंटल धान की तुलाई की जा चुकी है। किसानों में खरीदी को लेकर खासा उत्साह नजर आया और कई किसान सुबह होते ही अपनी उपज लेकर केंद्र पहुंच गए। खरीदी की रफ्तार बढऩे के बावजूद कतारें लगातार लंबी होती जा रही हैं, जिससे केंद्र पर लगातार भीड़ का दबाव बना हुआ है।
1200 किसानों ने कराया पंजीयन, रोज बढ़ रही खरीदी की रफ्तार
खरीदी केंद्र प्रबंधन के अनुसार इस वर्ष रानीपुर सहकारी समिति में करीब 1200 किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन करवाया है। पंजीयन संख्या अधिक होने से किसानों की आवक हर दिन बढ़ती जा रही है। एक–एक कर किसान अपनी उपज लेकर केंद्र पहुंचकर तुलाई के लिए पर्ची कटवा रहे हैं। प्रबंधक वर्मा ने बताया कि धान की आवक को देखते हुए कर्मचारियों की ड्यूटी बढ़ाई गई है ताकि किसानों को अधिक इंतजार न करना पड़े। वहीं खरीदी केंद्र पर पानी, बैठने की व्यवस्था और तुलाई की मशीनों का नियमित परीक्षण भी किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले एक सप्ताह तक खरीदी का दबाव और अधिक बढ़ेगा, जिसके लिए अतिरिक्त प्रबंध भी किए जा रहे हैं।

सडक़ किनारे ट्रालियों की कतार, राहगीरों को हो रही दिक्कत
भोपाली रोड पर धान बेचने पहुंचे किसानों की ट्रैक्टर–ट्रालियों की लाइन इतनी लंबी हो गई है कि राहगीरों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। राहगीरों का कहना है दूसरे वाहनों को निकालने में दिक्कत आ रही है यह स्थिति एक–दो दिन में खत्म होने वाली नहीं है, क्योंकि रोज नए किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं। यदि ट्रालियों की बढ़ती कतार पर नियंत्रण नहीं हुआ तो मार्ग पर जाम की स्थिति भी बन सकती है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और ट्रालियों की लाइन को व्यवस्थित करने की मांग की है।
कई लोग सडक़ से गुजरते समय ट्रालियों के बीच रास्ता निकालने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका भी जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि खरीदी तेजी से हो तो सडक़ पर भीड़ कम हो सकती है। किसान रोशन झल्लारे, श्याम यादव, सुनील पटेल,अनिल पटेल, आदि ने बताया कि समिति द्वारा खरीदी केंद्र पर पांच कांटे चलाए जा रहे हैं बावजूद उसके किसने की आवक बढ़ रही है किसानों ने यह भी बताया कि अपनी उपज बेचने के लिए किसानों को लगभग तीन से चार दिन का इंतजार खरीदी केंद्र पर करना पड़ रहा है ।




